दिल्ली हाई कोर्ट में आज दोपहर 2:30 बजे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है। यह मामला मंडी हाउस में हुई कार्रवाई और उसके बाद मजिस्ट्रेट की ओर से जारी किए गए निवारक नोटिस से जुड़ा हुआ है।
मजिस्ट्रेट के नोटिस को दी गई है चुनौती
अंगद वालिया की ओर से दायर इस याचिका में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की तरफ से जारी किए गए प्रिवेंटिव नोटिस को सीधे तौर पर चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता की तरफ से अदालत से इस नोटिस को पूरी तरह रद्द करने और किसी भी तरह की कठोर कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई है।
कानूनी पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलें
सुनवाई के दौरान अदालत में नेहा बोरा के वकील ने साफ किया कि उन्होंने कभी भी किसी भी तरह की हिंसा भड़काने की बात नहीं की थी। अदालत में दी गई दलीलों के मुताबिक पुलिस और प्रशासन की तरफ से उठाए गए कदमों को अनुचित बताते हुए राहत की गुहार लगाई गई है। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत लगातार सुनवाई आगे बढ़ रही है।
मामले की पृष्ठभूमि और पुलिस कार्रवाई
यह पूरा विवाद मंडी हाउस इलाके में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने की घटना के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर बॉन्ड भरने का नोटिस जारी किया था, जिसका विरोध करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है। इस मामले में अन्य संबंधित पक्षों और वकीलों की कानूनी गतिविधियों पर भी लगातार नजर बनी हुई है।



















