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गुजरात में दशहरा पर बिका 500 करोड़ का फाफड़ा और जलेबी, अकेले अहमदाबाद में रही 200 करोड़ की बिक्रीव्यापार
22 अक्तू॰ 2026, 4:27 pm (17 मिनट पहले)· 2

गुजरात में दशहरा पर बिका 500 करोड़ का फाफड़ा और जलेबी, अकेले अहमदाबाद में रही 200 करोड़ की बिक्री

दशहरा के पावन पर्व पर गुजरात में फाफड़ा और जलेबी की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री हुई है, जहां केवल एक दिन में राज्यभर में 500 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। अकेले अहमदाबाद शहर में ही लोगों ने 200 करोड़ रुपये के इन पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाया।

भारत के हर राज्य की अपनी कोई न कोई खास पहचान होती है और वहां का खान-पान उस संस्कृति का अहम हिस्सा बन जाता है। फाफड़ा का नाम आते ही मन में गुजरात की गलियों और वहां के पारंपरिक जायके की तस्वीर उभर आती है। राज्य के लोगों का इस व्यंजन के प्रति प्रेम आंकड़ों में साफ झलकता है और दशहरा के अवसर पर होने वाली बंपर बिक्री इस बात की गवाही देती है। पर्व के दौरान पूरे प्रदेश में एक ही दिन के भीतर लगभग 500 करोड़ रुपये के फाफड़ा और जलेबी की खपत हुई। इस कुल कारोबार में सबसे बड़ा हिस्सा अहमदाबाद का रहा, जहां अकेले इस शहर में 200 करोड़ रुपये के फाफड़ा और जलेबी बिक गए।

त्योहारों पर बढ़ती है मांग

गुजरात में वैसे तो सालभर फाफड़ा और जलेबी की मांग बनी रहती है, लेकिन त्योहारों के सीजन में यह मांग कई गुना बढ़ जाती है। दशहरा के पावन पर्व पर इस बार भी पूरे राज्य में जबरदस्त हलचल देखने को मिली। केवल नामचीन और बड़ी कन्फेक्शनरी दुकानों पर ही नहीं, बल्कि सड़कों के किनारे लगने वाली छोटी रेहड़ी-पटरी और स्टॉल पर भी ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। हर वर्ग के लोगों ने इस पारंपरिक व्यंजन को खरीदकर पर्व का जश्न मनाया, जिससे विक्रेताओं को एक ही दिन में भारी मात्रा में कारोबार करने का अवसर मिला।

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महंगाई का असर और बढ़ती लागत

इस साल दशहरा पर फाफड़ा और जलेबी का कारोबार भले ही करोड़ों में पहुंच गया हो, लेकिन बाजार के जानकारों का मानना है कि यह आंकड़ा उम्मीद से कुछ कम रहा है। महंगाई और निर्माण लागत में भारी वृद्धि होने के कारण इन व्यंजनों की कीमतों में लगभग 20 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। अहमदाबाद के स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि दाम बढ़ने की वजह से उनकी कुल बिक्री में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट आई है। कच्चे माल के महंगे होने के साथ-साथ श्रम यानी लेबर कॉस्ट में भी उल्लेखनीय उछाल आया है, जिसके चलते पिछले साल की तुलना में इस बार कीमतें काफी ऊपर चली गई हैं।

मौजूदा दरें और बढ़ती इनपुट कॉस्ट

अहमदाबाद शहर में इस समय फाफड़ा की औसत कीमत 940 रुपये प्रति किलोग्राम चल रही है, जबकि जलेबी का भाव 1,040 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। पिछले साल फाफड़ा औसतन 800 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था, जिसके दाम इस बार करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं। इसी तरह, पिछले साल जलेबी की औसत कीमत 900 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर 1,000 रुपये के पार निकल गई है। कारोबारियों का कहना है कि कुल इनपुट कॉस्ट में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें केवल कच्चा माल ही नहीं बल्कि लेबर और कमर्शियल गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम भी शामिल हैं। कुछ खास दुकानों पर तो फाफड़ा का भाव 1,440 रुपये प्रति किलोग्राम और जलेबी का भाव 1,620 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। गुजरात मिठाई एवं फारसन एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश कॉन्डोई ने इस स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कुछ स्थानों पर मांग कमजोर रही है और कुछ जगहों पर ठीक-ठाक, लेकिन कुल मिलाकर इस बार पिछले वर्षों की तुलना में बिक्री में कमी दर्ज की गई है।

सवाल-जवाब

दशहरा पर गुजरात में कुल कितने करोड़ रुपये के फाफड़ा-जलेबी बिके?
दशहरा के दिन पूरे गुजरात में लगभग 500 करोड़ रुपये के फाफड़ा और जलेबी की बिक्री हुई।
अकेले अहमदाबाद शहर में कितनी बिक्री दर्ज की गई?
अहमदाबाद शहर में अकेले 200 करोड़ रुपये के फाफड़ा-जलेबी बिके।
अहमदाबाद में फाफड़ा की औसत कीमत क्या है?
अहमदाबाद में फाफड़ा की औसत कीमत 940 रुपये प्रति किलोग्राम है।
अहमदाबाद में जलेबी की औसत कीमत कितनी चल रही है?
अहमदाबाद में जलेबी की औसत कीमत 1,040 रुपये प्रति किलोग्राम है।
कीमतों में पिछले साल के मुकाबले कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है?
पिछले साल के मुकाबले फाफड़ा और जलेबी की कीमतों में करीब 20 फीसदी का उछाल आया है।
बिक्री में कमी आने का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
कच्चे माल और लेबर कॉस्ट बढ़ने के कारण कीमतों में उछाल आया, जिससे कुल बिक्री करीब 10 प्रतिशत कम रही।
गुजरात मिठाई एवं फारसन एसोसिएशन के अध्यक्ष कौन हैं?
गुजरात मिठाई एवं फारसन एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश कॉन्डोई हैं।
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