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नितेश राणे का UBT शिवसेना पर बड़ा हमला, आदित्य ठाकरे को 'अभिषेक बनर्जी' बताकर साधा निशानाराजनीति
19 जून 2026, 3:08 pm (84 दिन पहले)· 2

नितेश राणे का UBT शिवसेना पर बड़ा हमला, आदित्य ठाकरे को 'अभिषेक बनर्जी' बताकर साधा निशाना

भाजपा नेता नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना में बगावत के लिए आदित्य ठाकरे को जिम्मेदार ठहराया है, उनकी तुलना अभिषेक बनर्जी से की है। राणे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के साथ बढ़ती नजदीकियों के कारण सांसदों ने विद्रोह किया।

महाराष्ट्र में सियासी बयानबाजी तेज है। बीजेपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना (UBT शिवसेना) पर कड़ा प्रहार किया है। राणे ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना का हाल अभिषेक बनर्जी के कारण तृणमूल कांग्रेस में पैदा हुए असंतोष और फूट जैसा है। उन्होंने सीधे तौर पर आदित्य ठाकरे को UBT शिवसेना में वर्तमान स्थिति का 'अभिषेक बनर्जी' बताया।

'हेलमेट' वाले बयान से घेरा

अपने तंज को आगे बढ़ाते हुए, नितेश राणे ने टिप्पणी की कि जैसे अभिषेक बनर्जी को हेलमेट पहनकर घूमना पड़ रहा है, उसी तरह उन्होंने आदित्य ठाकरे को भी एक हेलमेट भेजने का फैसला किया है। राणे ने व्यंग्यपूर्ण लहजे में कहा कि ऐसा इसलिए है क्योंकि कोई नहीं जानता कि कब और कहां से उन पर चप्पल या अंडे फेंके जा सकते हैं।

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विद्रोह का कारण: कांग्रेस से बढ़ती नजदीकी?

नितेश राणे ने UBT शिवसेना के सांसदों की बगावत के पीछे के मुख्य कारण पर भी रोशनी डाली। उन्होंने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व की कांग्रेस के साथ बढ़ती निकटता ही इस विद्रोह की वजह है। राणे के अनुसार, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना कांग्रेस के साथ जाने की तैयारी कर रही थी और यहां तक कि कांग्रेस में विलय की दिशा में भी आगे बढ़ रही थी। उनके मुताबिक, कई सांसदों को यह कदम स्वीकार्य नहीं था।

बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा का हवाला

राणे ने अपने दावों को पुख्ता करने के लिए बालासाहेब ठाकरे के पुराने विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बालासाहेब का स्पष्ट मत था कि यदि शिवसेना कभी कांग्रेस के साथ गठबंधन करती है, तो उन्हें अपनी 'दुकान बंद कर देनी चाहिए'। राणे ने तर्क दिया कि UBT शिवसेना के कई सांसदों ने बालासाहेब की इसी विचारधारा को बनाए रखने के लिए अपने नेतृत्व के खिलाफ बगावत का रास्ता चुना है।

आदित्य ठाकरे का बागियों पर पलटवार

उधर, UBT नेता आदित्य ठाकरे ने अपने खिलाफ खड़े हुए नेताओं पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यह 'गंदी राजनीति' का एक चौंकाने वाला उदाहरण है। आदित्य ठाकरे ने बागियों को 'बेशर्म, एहसान-फ़रामोश और भ्रष्ट' करार दिया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने 2024 में 'कुछ खास लोगों' की वजह से चुनाव जीता था और अब उन्हीं के साथ धोखा कर रहे हैं। ठाकरे ने जोर देकर कहा कि बहाने चाहे कितने भी हों, सच एक ही है कि उन्होंने बेशर्मी से खुद को बेच दिया है। आदित्य ठाकरे ने आगे कहा कि इन नेताओं ने न सिर्फ खुद को बेचा है, बल्कि अपनी इज्जत, अपना नाम और अपने परिवार का नाम भी दांव पर लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र इस 'गंदी राजनीति' को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा और उनकी 'मशाल' ही इस अंधेरे में रोशनी लाएगी।

सवाल-जवाब

नितेश राणे ने आदित्य ठाकरे की तुलना किससे की है?
नितेश राणे ने आदित्य ठाकरे की तुलना तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी से की है, यह आरोप लगाते हुए कि उनकी वजह से UBT शिवसेना में असंतोष फैला है।
नितेश राणे ने UBT शिवसेना के सांसदों की बगावत का क्या कारण बताया है?
नितेश राणे के अनुसार, UBT शिवसेना के सांसदों की बगावत का मुख्य कारण पार्टी नेतृत्व की कांग्रेस के साथ बढ़ती नजदीकियां और विलय की संभावना थी, जिसे सांसदों ने अस्वीकार कर दिया।
बालासाहेब ठाकरे का कांग्रेस के साथ गठबंधन पर क्या मत था, जैसा कि राणे ने बताया?
नितेश राणे ने बताया कि बालासाहेब ठाकरे का स्पष्ट मत था कि यदि शिवसेना कभी कांग्रेस के साथ जाती है, तो उसे अपनी 'दुकान बंद कर देनी चाहिए'।
आदित्य ठाकरे ने बागियों को क्या कहकर संबोधित किया?
आदित्य ठाकरे ने बागियों को 'बेशर्म, एहसान-फ़रामोश और भ्रष्ट लोग' बताया और उन पर खुद को बेचने और महाराष्ट्र की 'गंदी राजनीति' करने का आरोप लगाया।
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