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परिवार से दूर दिवाली बिताने वालों के लिए छलका अभिजीत दीपके का दर्द, बयां किए पुराने दिनराजनीति
8 नव॰ 2026, 8:02 pm (2 घंटे पहले)· 0

परिवार से दूर दिवाली बिताने वालों के लिए छलका अभिजीत दीपके का दर्द, बयां किए पुराने दिन

कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने दिवाली पर अपने परिवार से दूर रहने वाले लोगों के लिए एक भावुक संदेश शेयर किया है। उन्होंने विदेश में बिताई अपनी दो दिवाली का जिक्र करते हुए देश के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात कर्मियों और प्रवासियों को शुभकामनाएं दीं।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस दिवाली के मौके पर उन तमाम लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और अपनापन व्यक्त किया है, जो किसी न किसी वजह से अपने घरों और परिवारों से कोसों दूर यह त्योहार मना रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक खास संदेश साझा करते हुए त्योहार के इस उल्लास के बीच अपनों की गैरमौजूदगी के दर्द को बहुत करीब से महसूस किया है।

अपने इस भावुक संदेश में अभिजीत दीपके ने अपने पुराने दिनों को याद किया जब वह खुद विदेश में थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने जीवन के दो साल ऐसे बिताए थे जब उन्हें दिवाली अपनों के बिना मनानी पड़ी थी। यही वजह है कि वह उन सभी लोगों के भीतर चल रही भावनाओं को भली-भांति समझते हैं, जिन्हें त्योहार के दिन अपने घर की सबसे ज्यादा याद सताती है। उन्होंने घर से दूर रहने वाले हर एक शख्स को थोड़ा सा ज्यादा प्यार भेजने की बात कही और उम्मीद जताई कि आने वाले समय में वे लोग अपने पूरे परिवार के साथ इस पर्व का आनंद ले सकेंगे।

खास वर्ग और फ्रंटलाइन वर्कर्स के नाम संदेश

इस संदेश के जरिए अभिजीत दीपके ने देश की सुरक्षा और सेवा में जुटे उन तमाम लोगों को भी विशेष रूप से याद किया जो त्योहार के दिन भी अपनी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। उन्होंने भारतीय सेना के जवानों, पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों के अलावा रेलवे, एयरलाइन और सड़क परिवहन में अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को दिवाली की बधाई दी।

इसके साथ ही उन्होंने दमकल कर्मियों, सफाई कर्मचारियों, सुरक्षा स्टाफ, हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों, विदेश में आजीविका या शिक्षा के लिए गए लोगों और प्रवासी मजदूरों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि त्योहार के इस पावन अवसर पर जो लोग अपने कार्यस्थल या अन्य वजहों से परिवार के साथ नहीं हैं, वे सभी विशेष शुभकामनाओं और प्यार के पात्र हैं। इस सिलसिले में उन्होंने एक्स पर साझा किए गए अपने पोस्ट के माध्यम से अपनी बात रखी।

बोस्टन यूनिवर्सिटी की पढ़ाई और केरल रैली का जिक्र

अभिजीत दीपके की शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उन्होंने अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त की है और उनका काफी लंबा समय विदेश में बीता है। हाल ही में शनिवार को उन्होंने केरल के कोच्चि शहर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा था कि उन पर होने वाले हमलों और गिरफ्तारियों के बावजूद उनका यह सफर नहीं रुकेगा और वह पूरे देश में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर अपनी यात्रा जारी रखेंगे।

कोच्चि में आयोजित इस विरोध सभा में उन्होंने केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों के खान-पान की आदतों, उनके निजी संबंधों और मतदान के बुनियादी अधिकारों पर लगातार नियंत्रण करने की कोशिश की जा रही है। यह सभा कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ जंतर-मंतर एट कोच्चि अभियान के तहत बुलाई गई थी। उन्होंने साफ किया कि देश के भीतर जब तक पूरी तरह से स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी प्रणाली सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक उनका यह राजनीतिक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।

तिरंगे के साथ गिरफ्तारी और ऐतिहासिक तुलना

अपने संबोधन के दौरान अभिजीत दीपके ने दिल्ली के जंतर-मंतर इलाके में राष्ट्रीय ध्वज के साथ प्रवेश करने पर हुई अपनी गिरफ्तारी की घटनाओं को भी याद किया। उन्होंने बताया कि उनके साथ पार्टी के अन्य नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को भी इसी वजह से जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ा था। उन्होंने कहा कि वह देश के हर कोने में तिरंगा फहराते रहेंगे और जहां भी जाएंगे, इसे अपने साथ लेकर चलेंगे।

उन्होंने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि सिर्फ तिरंगा फहराने के आरोप में उन्हें और उनके साथियों को जेल में डाल दिया गया। उन्होंने देश के मौजूदा हालातों की तुलना औपनिवेशिक काल से करते हुए कहा कि भारत में ऐसा वाकया आखिरी बार तब देखने को मिला था जब पूरा देश अंग्रेजों की गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था।

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सवाल-जवाब

अभिजीत दीपके कौन हैं?
अभिजीत दीपके कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर हैं और उन्होंने बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है।
अभिजीत दीपके ने दिवाली पर क्या संदेश दिया?
उन्होंने परिवार से दूर रहकर त्योहार मनाने वाले लोगों के लिए भावुक संदेश शेयर किया और अपनी विदेश में बिताई दो दिवाली को याद किया।
उन्होंने किन-किन लोगों को खास तौर पर शुभकामनाएं दीं?
उन्होंने सेना के जवानों, पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों, परिवहन कर्मचारियों, दमकल कर्मियों, सफाई कर्मचारियों और प्रवासी मजदूरों को शुभकामनाएं दीं।
हाल ही में अभिजीत दीपके ने किस शहर में रैली को संबोधित किया?
उन्होंने शनिवार को केरल के कोच्चि में एक रैली को संबोधित किया था।
कोच्चि में किस अभियान के तहत सभा आयोजित की गई थी?
यह सभा CJP के जंतर-मंतर एट कोच्चि अभियान के तहत आयोजित की गई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·20 मिनट पहले

परिवार से दूर त्योहार मनाना वाकई बहुत अकेला कर देता है। विदेश में बिताए वे दिन सचमुच कठिन होते हैं, जब अपनों की याद सबसे ज्यादा सताती है।

Li Wei@li-wei·19 मिनट पहले

रविकेश जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। क्या अभिजीत जी ने कभी खुद ये बताया है कि विदेश में वो अकेले दिवाली कैसे मनाते थे?

Rohan Verma@rohan-verma·47 मिनट पहले

परिवार से दूर रहकर त्योहार मनाने का दर्द वही समझ सकता है जिसने खुद ये दिन देखे हों। विदेश में बिताए पुराने दिन याद करके उनका ये संदेश उन सभी लोगों के दिल को छू गया जो आज अपनों से दूर ड्यूटी पर हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·46 मिनट पहले

रोहन भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों को ड्यूटी पर त्योहार मनाते देखना वाकई दिल दुखा देता है।

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