मुंबई में केंद्रीय मंत्री एवं रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के प्रमुख रामदास आठवले ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि आरक्षण का विरोध करने वाले या इसे समाप्त करने की मांग उठाने वाले तत्वों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, देश का संविधान हर नागरिक को आरक्षण का मौलिक अधिकार देता है और इसके खिलाफ उठने वाली हर आवाज सीधे तौर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है।
आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों और अभियानों पर नाराजगी
रामदास आठवले ने अपने बयान में इस बात पर गहरी चिंता जताई कि देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई अन्य जगहों पर आरक्षण के खिलाफ सुनियोजित तरीके से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि न केवल मैदानी इलाकों में बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी एक अभियान चलाकर आरक्षण को खत्म करने या इसमें बड़े बदलाव करने की मांग की जा रही है, जो सामाजिक सौहार्द के लिए ठीक नहीं है।
संविधान का विरोध करने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि आरक्षण का विरोध करना सीधे तौर पर देश के संविधान का विरोध करने के बराबर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग भी ऐसा आरक्षण-विरोधी रुख अपनाते हैं, वे असल में संविधान-विरोधी ताकतों का हिस्सा हैं और प्रशासन को उनके खिलाफ राजद्रोह के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने देशवासियों को यह भी आश्वस्त किया कि तमाम विरोधों के बावजूद कोई भी ताकत इस व्यवस्था को समाप्त नहीं कर सकती, क्योंकि यह देश के मूल संविधान द्वारा प्रदत्त एक संरक्षित अधिकार है।





















