बिहार की राजनीति में मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल के भीतर जारी अंदरूनी तनातनी अब पूरी तरह सरेआम हो चुकी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक भाई वीरेंद्र ने अपनी ही पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बेहद कड़ा रुख अपनाया है। राजधानी पटना में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मनेर विधायक भाई वीरेंद्र अपना आपा खो बैठे और उन्होंने प्रवक्ता शक्ति यादव का नाम लिए बिना ही उन पर तीखे जुबानी हमले बोले। राजनीतिक अनुभव की याद दिलाते हुए उन्होंने सीधे तौर पर नसीहत दी कि जब शक्ति यादव की राजनीति में पैदाइश भी नहीं हुई थी, वह तब से लगातार राजनीति के मैदान में डटे हुए हैं।
तेजस्वी यादव के आसपास से चमचे हटाने की मांग पर छिड़ा विवाद
इस पूरे विवाद की शुरुआत एक दिन पहले हुई बयानबाजी से हुई थी। विधायक भाई वीरेंद्र ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए तेजस्वी यादव के आसपास जमा रहने वाले चमचों को तत्काल दूर हटाया जाना चाहिए। विधायक के इस बयान पर पलटवार करते हुए पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने सवाल खड़ा किया था और पूछा था कि भाई वीरेंद्र खुद यह स्पष्ट करें कि उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के लिए अब तक क्या योगदान दिया है। जब पत्रकारों ने प्रवक्ता के इस सवाल पर भाई वीरेंद्र से प्रतिक्रिया मांगी, तो वे बुरी तरह भड़क गए और उन्होंने प्रवक्ता की राजनीतिक हैसियत पर ही सवाल उठा दिए।
पैदाइश से लेकर वसूली तक पर हमला
पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाई वीरेंद्र ने बेहद आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने अपनी निष्ठा साबित करते हुए स्पष्ट किया कि वे लालू यादव और तेजस्वी यादव के समर्पित सिपाही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पार्टी में सिर्फ तेजस्वी यादव के नाम और चेहरे का इस्तेमाल करके लोगों से धन उगाही का काम कर रहे हैं। भाई वीरेंद्र ने कहा कि वे राजनीति केवल तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने के लक्ष्य से कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे ऐसे लोगों में शामिल नहीं हैं जो जिंदा चमड़े की सप्लाई का काम करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे लोगों को तुरंत संभल जाना चाहिए।
निजी जिंदगी और पुराने कच्चे चिट्ठे उजागर करने की धमकी
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मनेर विधायक ने निजी हमले भी किए। उन्होंने कहा कि उनके पास विरोधियों की हर एक करतूत और अतीत का पूरा कच्चा चिट्ठा मौजूद है। अगर उन्होंने इन तमाम जानकारियों को सार्वजनिक कर दिया, तो सामने वाला व्यक्ति समाज में किसी को मुंह दिखाने के लायक भी नहीं बचेगा। भाई वीरेंद्र यहीं नहीं रुके, उन्होंने प्रवक्ता के पुराने इतिहास पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अच्छी तरह मालूम है कि वह व्यक्ति अतीत में अपने घर से क्यों भागा था और किस कारण से भागा था। उन्होंने यह भी जोड़ा कि घर से भागने के कितने वर्षों के बाद वह वापस लौटा था, इसकी भी पूरी जानकारी उनके पास मौजूद है। उन्होंने सलाह दी कि सामने वाले व्यक्ति को पूरे होश हवास में रहना चाहिए और अपनी तय सीमा में ही बोलना चाहिए।
मनेर विधायक का पुराना विवाद और पंचायत सचिव का मामला
गौरतलब है कि भाई वीरेंद्र का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले मनेर विधानसभा क्षेत्र के विधायक का एक ऑडियो वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। उस वायरल मामले में विधायक भाई वीरेंद्र एक पंचायत सचिव को फोन पर धमकाते हुए नजर और सुनाई आ रहे थे। हालांकि, उस दौरान पंचायत सचिव ने भी घबराने के बजाय पूरे आत्मविश्वास के साथ विधायक के सामने अपनी बात रखी थी। ऑडियो क्लिप के तेजी से प्रसारित होने के बाद संबंधित पंचायत सचिव ने विधायक भाई वीरेंद्र के खिलाफ कानून का दरवाजा खटखटाया था और उनके खिलाफ केस (FIR) दर्ज कराया था। इस समय आरजेडी के भीतर जारी इस तीखी बयानबाजी ने बिहार के राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा दिया है।



















