राजस्थान के राजसमंद जिले की भीम विधानसभा सीट पर नगर निकाय चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच राजनीतिक बयानबाजी काफी तीखी हो गई है। हाल ही में कांग्रेस की एक संगठनात्मक बैठक का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद क्षेत्र के दो प्रमुख राजनीतिक धड़ों में सीधा टकराव सामने आया है। इस बैठक में भीम के पूर्व विधायक सुदर्शन सिंह रावत ने वर्तमान विधायक हरिसिंह रावत पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिसके जवाब में वर्तमान विधायक ने भी जोरदार पलटवार किया है। दोनों नेताओं के बीच शुरू हुई इस जुबानी जंग के बाद पूरे भीम और देवगढ़ क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो चुकी हैं।
कांग्रेस बैठक से शुरू हुआ विवाद और रोजड़ा शब्द पर घमासान
विवाद की मुख्य वजह कांग्रेस की बैठक में दिया गया पूर्व विधायक सुदर्शन सिंह रावत का संबोधन बना। सुदर्शन सिंह रावत ने भीम और देवगढ़ विधानसभा क्षेत्र की कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए वर्तमान विधायक हरिसिंह रावत पर सीधा हमला बोला। उन्होंने अपने भाषण में विधायक की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए उनकी बढ़ती भूख का जिक्र किया और तंज भरे अंदाज में रोजड़ा शब्द का इस्तेमाल किया। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में गरीब जनता के भूमि पट्टे सुरक्षित नहीं रह गए हैं। उनका कहना था कि यदि कोई गरीब व्यक्ति 2 से 3 दिन तक अपना पट्टा संभालकर नहीं रख पाता है, तो ये लोग उसे तुरंत हड़प लेते हैं। सुदर्शन सिंह रावत के इस बयान का वीडियो सामने आते ही स्थानीय राजनीति में खलबली मच गई।
पागलपन का दौरा पड़ने का आरोप और विधायक हरिसिंह रावत का पलटवार
पूर्व विधायक द्वारा लगाए गए आरोपों का कड़ा संज्ञान लेते हुए भीम के वर्तमान विधायक हरिसिंह रावत ने भी खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सुदर्शन सिंह रावत के आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि पूर्व विधायक को पागलपन का दौरा पड़ गया है। विधायक हरिसिंह रावत ने आरोप लगाया कि सुदर्शन सिंह रावत ने अपने खुद के विधायक कार्यकाल के दौरान क्षेत्र के विकास के लिए कोई काम नहीं किया और अब वे केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह दावा भी किया कि उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों में जुटने वाली भारी भीड़ से घबराकर पूर्व विधायक उन कार्यक्रमों के वीडियो एडिट करवाकर गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। विधायक ने स्पष्ट किया कि पूर्व विधायक का क्षेत्र के बुनियादी विकास से कोई लेना-देना नहीं रहा है और वे लगातार आधारहीन व झूठे आक्षेप लगा रहे हैं।
नगर निकाय चुनाव 2026 से पहले समर्थकों में तेज हुई राजनीतिक चर्चाएं
भीम-देवगढ़ इलाके में आगामी नगर निकाय चुनाव 2026 से ठीक पहले हुए इस वाकयुद्ध ने दोनों दलों के स्थानीय कार्यकर्ताओं को आमने-सामने ला दिया है। कांग्रेस बैठक के वीडियो में दिए गए बयानों और उसके बाद आए जवाबी बयानों को लेकर दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है। सुदर्शन सिंह रावत के समर्थक जहाँ पट्टों की सुरक्षा और प्रशासनिक कमियों के मुद्दे को उठा रहे हैं, वहीं हरिसिंह रावत के समर्थक इसे पूर्व विधायक की हताशा बता रहे हैं। स्थानीय स्तर पर हो रहे इस सियासी घमासान ने निकाय चुनावों के प्रचार और राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से गरमा दिया है।



















