नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक से एक अहम कूटनीतिक नियुक्ति सामने आई है, जहां विदेश मंत्रालय के सचिव के पद पर कार्यरत अनुभवी राजनयिक सुधाकर दलेला को नेपाल में भारत का अगला राजदूत नामित किया गया है। विदेश मंत्रालय ने इस संदर्भ में शुक्रवार की शाम को औपचारिक घोषणा जारी की। सुधाकर दलेला नेपाली राजधानी काठमांडू में अपने पूर्ववर्ती नवीन श्रीवास्तव का स्थान ग्रहण करेंगे, जिन्होंने हाल ही में अपने तीन साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया है।
परंपरा से हटकर सचिव स्तर के अधिकारी की तैनाती
सामान्य तौर पर भारत सरकार काठमांडू स्थित अपने मिशन में अतिरिक्त सचिव यानी एडिशनल सेक्रेटरी रैंक के राजनयिकों को राजदूत के रूप में भेजती रही है। इस बार इस स्थापित परिपाटी में बदलाव करते हुए सीधे सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी को इस कूटनीतिक जिम्मेदारी के लिए चुना गया है। यह निर्णय स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है कि भारत अपने इस पड़ोसी राष्ट्र के साथ आपसी संबंधों को कितना उच्च महत्व दे रहा है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक सुधाकर दलेला जल्द ही काठमांडू पहुंचकर अपना कार्यभार संभालेंगे और कूटनीतिक कमान अपने हाथ में लेंगे।
क्षेत्रीय मामलों के गहरे जानकार हैं सुधाकर दलेला
नवनियुक्त राजदूत सुधाकर दलेला को दक्षिण एशियाई कूटनीति और क्षेत्रीय मामलों का अत्यंत अनुभवी विशेषज्ञ माना जाता है। इससे पूर्व वे वर्ष 2022 से 2025 के बीच भूटान में भारत के राजदूत के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पिछले साल सितंबर के महीने में उन्हें विदेश मंत्रालय के भीतर सचिव यानी आर्थिक संबंध की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस पद पर रहते हुए उन्होंने ग्लोबल साउथ के विभिन्न देशों के साथ विकास आधारित साझेदारियों को आगे बढ़ाया। इसके अलावा वे BRICS, IBSA और I2U2 जैसे प्रभावशाली वैश्विक मंचों पर भारत के शेरपा की भूमिका भी निभा चुके हैं।
प्रधानमंत्री बालेन शाह के संभावित दौरे की पृष्ठभूमिका
यह कूटनीतिक फेरबदल ऐसे संवेदनशील समय पर किया गया है जब दोनों देश नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के अगले महीने तय आधिकारिक भारत दौरे की तैयारियों में पूरी तरह जुटे हैं। यह यात्रा दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच आपसी सहयोग को एक नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। इस उच्च स्तरीय द्विपक्षीय दौरे के दौरान बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रोजेक्ट्स और आपसी व्यापारिक गतिविधियों को लेकर गहन चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही लंबे अर्से से लंबित पड़े सीमा विवादों और नए हवाई मार्गों को अंतिम रूप देने के लिए भी रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसमें सुधाकर दलेला का प्रशासनिक अनुभव बेहद अहम साबित होगा।
व्यापक प्रशासनिक और कूटनीतिक पृष्ठभूमि
सुधाकर दलेला का करियर कई अहम कूटनीतिक जिम्मेदारियों से भरा रहा है। वे वर्ष 2009 से 2011 के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय में डायरेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उस कार्यकाल के दौरान उन्होंने दक्षिण एशिया, पूर्वी एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े रणनीतिक मामलों को संभाला था। इसके अतिरिक्त वे वर्ष 2006 से 2007 के दौरान डायरेक्टर यानी नॉर्थ और बाद में 2016 से 2019 के बीच विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव यानी जॉइंट सेक्रेटरी नॉर्थ के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। उस समय उन्होंने नेपाल और भूटान के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों की सीधी निगरानी की थी, जिसका लाभ अब उन्हें अपनी नई राजनयिक पारी में मिलेगा।





















