नई दिल्ली: देश की सियासत में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' यानी एसआईआर को लेकर घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे पर सड़कों से लेकर संसद तक प्रदर्शन कर रहे हैं और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष के इन हमलों का माकूल जवाब देने के लिए अब भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। बीजेपी आने वाले हफ्ते से पूरे देश में एक व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत करने जा रही है। पार्टी का मुख्य मकसद कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दलों द्वारा एसआईआर और चुनाव आयोग के खिलाफ किए जा रहे उन दावों की हवा निकालना है, जिन्हें सत्ताधारी दल पूरी तरह से भ्रामक और राजनीति से प्रेरित मानता है।
विपक्ष के हर सवाल का तथ्यों के साथ दिया जाएगा जवाब
शुरू होने जा रहे इस देशव्यापी अभियान के जरिए बीजेपी का पूरा जोर जनता के बीच सही और पुख्ता तथ्य रखने पर होगा। विपक्षी दलों द्वारा SIR और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, पार्टी उनके बिंदुवार जवाब तैयार कर रही है। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए देश भर के पार्टी सांसदों, विधायकों और तमाम वरिष्ठ पदाधिकारियों को खास तौर पर सक्रिय किया जा रहा है। इन सभी नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों और इलाकों में जाएं, जनता से सीधे संवाद करें और विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों का पर्दाफाश करें ताकि आम नागरिकों के बीच किसी तरह का गलत संदेश न जाए।
जनसंपर्क के लिए तैयार किया जा रहा है 24 पन्नों का विशेष दस्तावेज
पार्टी के शीर्ष सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे अभियान को धार देने के लिए एक विस्तृत 24 पन्नों का दस्तावेज तैयार किया जा रहा है। इस दस्तावेज में विपक्ष के तमाम सवालों, दावों और आरोपों के सिलसिलेवार जवाब दर्ज किए गए हैं। जब पार्टी के नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच जनसंपर्क अभियानों में निकलेंगे, तो यह दस्तावेज उनके लिए मुख्य संदर्भ सामग्री का काम करेगा। इसके अलावा, इस कैंपेन को केवल मैदानी स्तर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल संचार माध्यमों पर भी बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा ताकि आधुनिक तकनीक के जरिए ज्यादा से ज्यादा युवाओं और शहरी मतदाताओं तक पार्टी का आधिकारिक पक्ष प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
कांग्रेस के पुराने कार्यकाल पर भी रहेगा बीजेपी का फोकस
केवल वर्तमान आरोपों का खंडन करने तक ही यह अभियान सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बीजेपी कांग्रेस पर पलटवार करने की भी पूरी योजना बना चुकी है। पार्टी उन तमाम पुरानी घटनाओं और वाक्यों को फिर से जनता के सामने उजागर करने की तैयारी में है, जिनमें कथित तौर पर कांग्रेस ने अपने शासनकाल के दौरान निर्वाचन आयोग और देश की अन्य संवैधानिक संस्थाओं का अपने राजनीतिक हितों के लिए दुरुपयोग किया था। बीजेपी का मानना है कि जनता को यह बताना बेहद जरूरी है कि अतीत में संस्थाओं को कमजोर करने का काम किसने किया था, ताकि कांग्रेस के मौजूदा बयानों की असलियत देश की जनता के सामने पूरी स्पष्टता के साथ आ सके।
संगठनात्मक ताकत के साथ जमीन पर उतरेगी पार्टी
देश भर की संगठनात्मक इकाइयों और स्थानीय नेताओं के तालमेल से चलने वाले इस समन्वित कार्यक्रम की रूपरेखा लगभग तैयार हो चुकी है। मौजूदा राजनीतिक माहौल में जब विपक्ष लगातार एसआईआर और चुनावी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है, तब बीजेपी का यह आक्रामक काउंटर कैंपेन राजनीतिक सरगर्मी को और बढ़ाने वाला है। पार्टी बिना किसी देरी के सीधे जनता के बीच अपनी बात रखकर इस पूरे विवाद पर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है ताकि विपक्षी दलों के प्रचार अभियान की काट समय रहते निकाली जा सके।






















