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पश्चिम बंगाल में वंदे मातरम् नहीं गाने वालों पर भड़के सुवेंदु अधिकारी, बोले- राष्ट्रवाद पर कोई समझौता नहींराजनीति
22 अग॰ 2026, 8:49 pm (20 दिन पहले)· 3

पश्चिम बंगाल में वंदे मातरम् नहीं गाने वालों पर भड़के सुवेंदु अधिकारी, बोले- राष्ट्रवाद पर कोई समझौता नहीं

सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर में एक सभा के दौरान कहा कि पश्चिम बंगाल में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को वंदे मातरम् गाना होगा। उन्होंने यादवपुर विश्वविद्यालय पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया और सख्त रुख अपनाया।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में राष्ट्रवाद और देशभक्ति का मुद्दा एक बार फिर गरमाता हुआ नजर आ रहा है। भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थियों की एक जनसभा को संबोधित करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने बेहद कड़े शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कर दिया कि राज्य की धरती पर रहने वाले हर नागरिक को वंदे मातरम् का गायन करना अनिवार्य होगा और इस विषय पर किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

वंदे मातरम् पर सख्त संदेश

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल में बसने वाले प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्रगीत गाना ही होगा। उनके इस तीखे बयान को राज्य सरकार की ओर से राष्ट्रवाद के एजेंडे पर एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। सरकार का यह रुख स्पष्ट करता है कि राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रगीत के प्रति किसी भी तरह की कोताही या विरोध को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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यादवपुर विश्वविद्यालय पर तीखा हमला

इस जनसभा के दौरान यादवपुर विश्वविद्यालय विशेष तौर पर उनके निशाने पर रहा। परिसर के भीतर कथित तौर पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के पनपने का दावा करते हुए उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि इस प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान के परिसर में राष्ट्रीय ध्वज तक नहीं फहराया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी खुलासा किया कि राज्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कैंपस के अंदर जाने से रोका जाता है और सुरक्षा तथा निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति भी नहीं दी जाती है।

टुकड़े-टुकड़े गैंग और जिहादियों पर प्रहार

उन्होंने खुले तौर पर आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के भीतर ऐसे तत्व सक्रिय हैं जो न केवल वंदे मातरम् का विरोध करते हैं बल्कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों को मनाने से भी कतराते हैं। ऐसे लोगों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने उन्हें टुकड़े-टुकड़े गैंग और जिहादी करार दिया। उनका कहना था कि इन लोगों की मानसिकता देश की अखंडता और संस्कृति के खिलाफ है।

मीडिया और राष्ट्रवाद की स्थापना पर बात

अपने भाषण में उन्होंने मीडिया के एक खास हिस्से पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मीडिया का एक वर्ग राष्ट्र-विरोधी ताकतों के समर्थन में कितनी भी रिपोर्टिंग क्यों न कर ले, उनकी सरकार इस दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है। उन्होंने संकल्प जताया कि यादवपुर विश्वविद्यालय के अंदर और बाहर हर हाल में राष्ट्रवाद स्थापित करके दम लिया जाएगा।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विजन का जिक्र

बातचीत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान और सपनों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को धरातल पर उतारने के लिए ही सत्ता में आई है। उनके अनुसार शिक्षण संस्थानों में देश की सनातन संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की स्पष्ट झलक दिखाई देनी चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत हो सके।

सवाल-जवाब

सुवेंदु अधिकारी ने किस कार्यक्रम के दौरान यह बयान दिया?
सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थियों की एक सभा को संबोधित कर रहे थे।
वंदे मातरम् को लेकर उनका क्या रुख था?
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पश्चिम बंगाल में रहने वाले हर व्यक्ति को वंदे मातरम् गाना ही होगा और इस पर कोई समझौता नहीं होगा।
उन्होंने यादवपुर विश्वविद्यालय पर क्या मुख्य आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया जाता, शिक्षा अधिकारियों को रोका जाता है और सीसीटीवी कैमरे लगाने की अनुमति नहीं है।
उन्होंने किन लोगों को टुकड़े-टुकड़े गैंग और जिहादी कहा?
उन्होंने उन लोगों को यह संज्ञा दी जो विश्वविद्यालय परिसर में वंदे मातरम्, गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस मनाने का विरोध करते हैं।
भाषण के दौरान उन्होंने किस ऐतिहासिक व्यक्तित्व का जिक्र किया?
उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार उनके सपनों को पूरा करने के लिए बनी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rohan Gupta@rohan-gupta·19 दिन पहले

सुवेंदु अधिकारी के इस बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में वैचारिक ध्रुवीकरण को और तेज कर दिया है। यादवपुर विश्वविद्यालय जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रीय प्रतीकों, निगरानी प्रणालियों और प्रशासनिक पहुंच को लेकर खड़े किए गए सवाल आने वाले समय में राज्य के शैक्षणिक और राजनीतिक गलियारों में बड़े टकराव का कारण बन सकते हैं। इससे डिजिटल निगरानी और परिसर की स्वायत्तता का मुद्दा भी गरमाएगा।

Ravikash Gupta@ravikash·20 दिन पहले

सुवेंदु अधिकारी के बयानों से पश्चिम बंगाल के राजनीतिक और वैचारिक माहौल में तनाव बढ़ गया है। यादवपुर विश्वविद्यालय को लेकर लगाए गए गंभीर आरोप और राष्ट्रवाद की अनिवार्यता का यह रुख राज्य के कॉर्पोरेट निवेश, स्टार्टअप इकोसिस्टम और व्यापारिक धारणा को सीधे प्रभावित कर सकता है। निवेशकों के बीच इस तरह की सामाजिक-राजनीतिक अस्थिरता और वैचारिक ध्रुवीकरण दीर्घकालिक आर्थिक विकास और वित्तीय बाज़ारों के सेंटिमेंट के लिए एक जोखिम बन सकते हैं।

Vikram Yadav@vikram-yadav·20 दिन पहले

सुवेंदु अधिकारी के इस आक्रामक तेवर से पश्चिम बंगाल में ध्रुवीकरण और तेज़ होगा, जिसका असर आगामी चुनावों और जमीनी सामाजिक ताने-बाने पर पड़ना तय है। शैक्षणिक संस्थानों को लेकर छिड़ी इस वैचारिक जंग से प्रशासनिक मशीनरी और छात्र संगठनों के बीच टकराव और बढ़ सकता है, जिससे राज्य के चुनावी समीकरणों में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·20 दिन पहले

सुवेंदु अधिकारी के इस आक्रामक तेवर से पश्चिम बंगाल में ध्रुवीकरण की राजनीति तेज होना तय है। आने वाले दिनों में शैक्षणिक संस्थानों में वैचारिक टकराव और बढ़ सकता है, जिसका असर राज्य की चुनावी जमीन पर भी साफ दिखाई देगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·20 दिन पहले

सुवेंदु अधिकारी के बयानों से पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर गहरा असर पड़ सकता है। शैक्षणिक परिसरों में राष्ट्रवाद और विरोध के मुद्दों पर टकराव बढ़ने से पुलिस प्रशासन के सामने सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी होगी। ऐसे तीखे बयानों से राज्य में ध्रुवीकरण तेज़ होने और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील हालात पैदा होने की पूरी आशंका है।

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