एम्सटेलवीन में आयोजित महिला हॉकी विश्व कप के पूल डी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने अपने अभियान की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की. टूर्नामेंट के सबसे चुनौतीपूर्ण माने जा रहे इस शुरुआती मुकाबले में भारत ने ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोक दिया. भारतीय टीम ने शुरुआती मिनटों से ही आक्रामक रुख अपनाया और हाफटाइम तक 2-1 की बढ़त बना रखी थी. हालांकि अंतिम क्वार्टर में पेनल्टी कॉर्नर न मिलने के फैसले पर भारतीय मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने मैच के बाद अपनी निराशा भी व्यक्त की.
शुरुआती क्वार्टर में भारत का दबदबा और शुरुआती गोल
मुकाबले के दूसरे ही मिनट में भारत ने बाईं विंग से बेहतरीन हमला बोला. सुनेलिटा टोप्पो गेंद को लेकर चीन के सर्कल में दाखिल हुईं और दीपिका को पास दिया. दीपिका ने डिफ्लेक्शन का प्रयास किया, लेकिन चीनी गोलकीपर लि तिंग ने इस खतरे को टाल दिया. इसके ठीक तीन मिनट बाद बलजीत से मिले पास को लेकर लालरेम्सियामी ने दाहिनी विंग से सर्कल में प्रवेश किया और भारत के लिए पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया. ड्रैग-फ्लिकर दीपिका के मैदान पर न होने के कारण नवनीत कौर ने शॉट लिया, पर गेंद गोलपोस्ट में नहीं जा सकी.
हैदराबाद में आयोजित विश्व कप क्वालीफायर की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहीं नवनीत कौर ने आठवें मिनट में भारत को पहला गोल दिलाया. भारत को मिली एक फ्री-हिट पर नेहा ने सर्कल के पास नवनीत को गेंद सौंपी, जिसे नवनीत ने सटीक नियंत्रण और टाइमिंग के साथ चीनी गोलकीपर को चकमा देते हुए सीधे जाल में पहुंचा दिया. पहले क्वार्टर में भारतीय फॉरवर्ड लाइन ने लगातार चीनी रक्षापंक्ति पर दबाव बनाए रखा.
विवादित पेनल्टी स्ट्रोक और भारत की वापसी
पहला क्वार्टर खत्म होने से ठीक एक मिनट पहले मैदानी अंपायर ने चीन को पेनल्टी स्ट्रोक दिया. अंपायर का मानना था कि भारतीय खिलाड़ी शिल्पी डबास ने चीन की झांग यिंग को सर्कल के अंदर बाधा पहुंचाई. भारत ने तुरंत वीडियो रेफरल की मांग की, लेकिन टीवी अंपायर ने मैदानी फैसले को बरकरार रखा. 14वें मिनट में झांग यिंग ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया.
दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही शिल्पी डबास ने अपनी गलती का सुधार करते हुए पेंग यांग की खतरनाक रिवर्स हिट को रोक दिया और चीन को बढ़त लेने से वंचित कर दिया. 22वें मिनट में भारतीय फॉरवर्ड्स के आक्रामक खेल से टीम को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला. इस दौरान दीपिका के अनुपस्थित रहने पर नवनीत के शुरुआती और रिबाउंड शॉट्स को चीनी रक्षापंक्ति ने नाकाम कर दिया. इसी दौरान रिबाउंड पर दूसरी हिट की कोशिश में लालरेम्सियामी चोटिल हो गईं और उन्हें कुछ समय के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा.
भारत को 24वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला. मैदान पर लौटीं दीपिका ने इस बार कोई गलती नहीं की और शानदार गोल करके भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी. चीन ने इस गोल के खिलाफ वीडियो रेफरल लिया, लेकिन उनका दावा खारिज कर दिया गया. इस तरह हाफटाइम तक भारतीय टीम 2-1 से आगे रही.
चीन का पलटवार और सविता पूनिया का अनुभव
तीसरे क्वार्टर में चीनी टीम ने आक्रामक रुख अपनाते हुए भारतीय रक्षापंक्ति को दबाव में डाला. पहले हाफ की तुलना में भारतीय खिलाड़ी थोड़ा रक्षात्मक खेलने लगे, जिसका फायदा विरोधी टीम ने उठाया. अपना 314वां अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेल रहीं भारत की सबसे अनुभवी खिलाड़ी और गोलकीपर सविता पूनिया ने 33वें मिनट में चीन के एक निश्चित गोल को रोका. इसके बाद 38वें मिनट में उन्होंने पेंग यांग के एक और हमले को नाकाम किया.
हालांकि 39वें मिनट में चीन को मिले पेनल्टी कॉर्नर पर मा निंग ने गोल करके मुकाबले को 2-2 की बराबरी पर ला खड़ा किया. उसी मिनट चीन को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन सविता पूनिया ने अपने अनुभव का परिचय देते हुए झांग यिंग के शॉट को रोक दिया.
अंतिम क्वार्टर का रोमांच और कोच की नाराजगी
मैच के 52वें मिनट में नवनीत कौर ने सर्कल के भीतर लालरेम्सियामी को एक सुंदर क्रॉस दिया, लेकिन लालरेम्सियामी सही समय पर स्टिक लगाने में चूक गईं. चीनी डिफेंडरों ने रिबाउंड पर गेंद को तुरंत क्लियर कर दिया. अगले ही मिनट (53वें मिनट) में चीन की झोउ मोरांग को ग्रीन कार्ड दिखाया गया, जिससे चीन को दो मिनट तक दस खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, लेकिन भारतीय टीम इस स्थिति का लाभ नहीं उठा सकी.
मैच के 56वें मिनट में चीन को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, जिन्हें भारतीय डिफेंस ने मुस्तैदी से नाकाम कर दिया. पूरे मैच में शानदार लय में दिख रही नवनीत कौर ने अंत में फिर सर्कल में घुसने की कोशिश की, लेकिन चीन ने उनके प्रयास को निष्फल कर दिया. मैच के बाद भारतीय कोच शोर्ड मारिन ने नवनीत पर हुए फाउल के बावजूद पेनल्टी कॉर्नर न दिए जाने के फैसले पर सख्त नाराजगी जताई. भारत का अगला मुकाबला 18 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका से होगा, जिसे इंग्लैंड ने 4-0 से हराया है.


















