पंजाब के होशियारपुर में 2 नवंबर की तड़के केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की टीम ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के आवास पर दस्तक दी। जांच अधिकारियों का दस्ता सुबह करीब 5 बजे तीन से चार गाड़ियों के काफिले में उनके घर पहुंचा और सीधे भीतर दाखिल होकर छानबीन शुरू कर दी। जिस वक्त केंद्रीय अधिकारियों ने दबिश दी, उस समय पूर्व मंत्री खुद आवास के अंदर ही मौजूद थे। तलाशी अभियान के दौरान परिसर की घेराबंदी और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ के जवानों को साथ तैनात किया गया है।
दस्तावेजों की गहन पड़ताल और प्राथमिक कार्रवाई
जांच दल के सदस्य आवास के विभिन्न कमरों में मौजूद रिकॉर्ड और जरूरी फाइलों की बारीक पड़ताल में जुटे हैं। इस पूरी कार्रवाई को लेकर फिलहाल आधिकारिक ब्यौरा साझा नहीं किया गया है कि यह जांच किस विशिष्ट केस अथवा शिकायत के सिलसिले में शुरू की गई है। एजेंसी की तरफ से किसी औपचारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही जांच के मुख्य दायरे की स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी। प्राथमिक रूप से यह आशंका जताई जा रही है कि यह पूरा मामला धन शोधन यानी मनी लॉन्ड्रिंग की किसी पुरानी या नई कड़ी से जुड़ा हो सकता है।
विजिलेंस और आयकर जांच का पुराना घटनाक्रम
यह पहला मौका नहीं है जब सुंदर शाम अरोड़ा केंद्रीय या प्रांतीय एजेंसियों की निगरानी में आए हैं। इससे पहले भी उनके विभिन्न ठिकानों पर आयकर विभाग और पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा सघन जांच की जा चुकी है। मंत्री पद पर आसीन रहने के दौरान उन पर कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे। इनमें से एक बेहद चर्चित प्रकरण में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उन्हें अपने एक जांच अधिकारी को 50 लाख रुपये की रिश्वत की पेशकश करने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। रिश्वतखोरी से जुड़ा यह गंभीर मामला अभी भी संबंधित अदालत के समक्ष विचाराधीन है।
इलाके में राजनीतिक सरगर्मियां तेज
रिश्वत के मामले के अतिरिक्त भी सुंदर शाम अरोड़ा कई अन्य विभागीय आरोपों और वित्तीय जांचों का सामना कर रहे हैं। सुबह-सुबह हुई इस अचानक कार्रवाई की खबर फैलते ही होशियारपुर समेत पूरे राज्य के राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय जांच दल के अधिकारी घर के अंदर मौजूद कागजातों, लेन-देन की प्रविष्टियों और बैंक रिकॉर्ड्स की जांच लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।



















