बिहार की राजधानी पटना के अगमकुआं इलाके में सुरक्षाबलों ने देर रात चलाए गए एक अभियान के दौरान दो संदिग्ध युवकों को धर दबोचा। यह गिरफ्तारी शीतला मंदिर ओवरब्रिज के नजदीक की गई, जहां गश्ती दल की सतर्कता के चलते दोनों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। शुरुआती पड़ताल और तलाशी के दौरान इन संदिग्धों के पास से हथियार और ग्रेनेड जैसी घातक वस्तुएं मिलने की जानकारी सामने आई है। इस बड़ी बरामदगी के तुरंत बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है और संवेदनशील ठिकानों पर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है।
शीतला मंदिर ओवरब्रिज के पास देर रात हुई कार्रवाई
यह घटनाक्रम 22 सितंबर 2026 की रात का है, जब अगमकुआं थाना क्षेत्र में पुलिस दल शीतला मंदिर ओवरब्रिज के आसपास नियमित जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहा था। उसी दौरान दो व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने तुरंत उन्हें रोककर पूछताछ की। जब उनकी विधिवत तलाशी ली गई, तब उनके पास से अवैध हथियार और कथित ग्रेनेड बरामद होने की बात सामने आई। पुलिस ने बिना देर किए दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए थाने ले आई, जहां सुरक्षा एजेंसियां भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
हथियारों के स्रोत और संगठित गिरोहों से साठगांठ की पड़ताल
अगमकुआं थानाध्यक्ष राजेश कुमार झा ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों संदिग्धों से सघन पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी मुख्य रूप से यह सुराग तलाशने में जुटे हैं कि इतनी घातक सामग्री और आग्नेयास्त्र इन दोनों के पास पहुंचे कहां से थे। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि इन हथियारों को शहर में लाने के पीछे क्या कोई बड़ी साजिश या आपराधिक मंसूबा छिपा था। इस बात की भी गहराई से पड़ताल की जा रही है कि पकड़े गए युवकों का जुड़ाव राज्य या अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय किसी संगठित आपराधिक गिरोह से तो नहीं है।
कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों से खुलासे की कोशिश
जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पुलिस दोनों संदिग्धों के मोबाइल फोन जब्त कर उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाल रही है। तकनीकी विश्लेषण के जरिए यह देखा जा रहा है कि पकड़े जाने से पूर्व वे किन संदिग्ध नंबरों और लोगों के संपर्क में बने हुए थे। हाल के दिनों में उनकी यात्राओं और गतिविधियों का पूरा ब्योरा तैयार किया जा रहा है। हालांकि सुरक्षा कारणों से पुलिस ने अभी तक दोनों आरोपियों के नाम और पते सार्वजनिक नहीं किए हैं। इसके साथ ही, बरामद हथियार और कथित ग्रेनेड के बारे में भी तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
विस्फोटक सामग्री की तकनीकी जांच के बाद होगा अंतिम खुलासा
अधिकारियों का कहना है कि बरामद संदिग्ध वस्तु वास्तव में पूरी तरह सक्रिय ग्रेनेड है या फिर किसी अन्य प्रकार का विस्फोटक उपकरण, इसकी पुष्टि फॉरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञों की विस्तृत जांच के बाद ही संभव हो सकेगी। दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है ताकि शहर में उनके बाकी सहयोगियों और सप्लायरों तक पहुंचा जा सके। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट आने और पूछताछ पूरी होने के बाद ही इस मामले में ठोस जानकारी साझा की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई तय होगी।























