फेडरल रिजर्व के सख्त बयानों से अमेरिकी डॉलर में तेजी, इंडेक्स 100.70 के पास पहुंचाउत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में नार घाट का कारोबारी इतिहास, कभी पीतल और अनाज के बड़े बंदरगाह के रूप में थी पहचानकुंभ राशि में चंद्रमा और राहु के संयोग से तीन राशियों की चमकेगी किस्मतबैंक इंडोनेशिया के फैसले से पहले अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17,800 के अहम सपोर्ट पर लुढ़का रुपयावैश्विक सुस्ती के बीच दुनिया में सबसे तेज दौड़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था, प्रमुख अर्थशास्त्रियों का भरोसा बढ़ाराजस्थान में पंचायत चुनाव की हलचल तेज, जयपुर में शुरू हुई जिला परिषद और पंचायत समिति आरक्षण लॉटरीअगमकुआं ओवरब्रिज के पास विस्फोटक सामग्री और असलहे मिलने से हड़कंप, दो हिरासत मेंशिमला में फोरलेन टनल की खुदाई से दरके मकान, निर्माण पर रोक के बाद न्यायिक जाँच की माँगघरेलू गैस सिलेंडर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की समयसीमा 30 सितंबर तक बढ़ी, ई-केवाईसी न कराने पर लगेगा कमर्शियल चार्जराजस्थान में नरेश मीणा को हाईकोर्ट से सशर्त राहत, सिरोही में हाईवे पर पथराव और जयपुर में मक्खन का संकट
फेडरल रिजर्व के सख्त बयानों से अमेरिकी डॉलर में तेजी, इंडेक्स 100.70 के पास पहुंचाबाज़ार
23 सित॰ 2026, 9:07 am (36 मिनट पहले)· 2

फेडरल रिजर्व के सख्त बयानों से अमेरिकी डॉलर में तेजी, इंडेक्स 100.70 के पास पहुंचा

फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दरों में और बढ़ोतरी के संकेतों के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स सात हफ्तों के उच्च स्तर 100.70 के करीब पहुंच गया है। सीएमई फेडवॉच टूल के मुताबिक इस साल एक और दर वृद्धि की संभावना लगभग 90 प्रतिशत है।

DX-Y.NYBSMA20 SMA50 · RSI · MACD
Candles + SMA20/50 · RSI(14) · MACD(12,26,9) with buy/sell signals — live from Yahoo

तकनीकी विश्लेषण23 सितंबर 2026

मूविंग एवरेजEMA 20 / 50 / 200

यह क्या है

EMA यानी एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज कीमत को सहज बनाकर छोटी (20), मध्यम (50) और लंबी (200) अवधि का रुझान दिखाती हैं। कीमत इनके ऊपर और तीनों ऊपर की ओर हों तो तेजी का रुझान; नीचे और नीचे की ओर हों तो गिरावट का रुझान।

अभी यह कहाँ है

DX-Y.NYB अभी $101 पर है, जबकि EMA20 $99.76, EMA50 $99.79 और EMA200 $99.32 पर हैं।

आगे संभावित चाल

EMA20 ($99.76) तक गिरावट पर खरीदार बचाव करते हैं।

RSIRelative Strength Index (14)

यह क्या है

RSI 0 से 100 तक का मोमेंटम मापक है जो हालिया बढ़त बनाम गिरावट दिखाता है। 70 के ऊपर ओवरबॉट (खिंचा हुआ), 30 के नीचे ओवरसोल्ड (बिकवाली से थका), और 50 तटस्थ रेखा है।

अभी यह कहाँ है

DX-Y.NYB का RSI 66 है।

आगे संभावित चाल

60 के ऊपर बढ़त या 40 के नीचे फिसलन पर नजर रखें।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती का सिलसिला जारी है। फेडरल रिजर्व की ओर से नीतिगत दरों को सख्त बनाए रखने के स्पष्ट संकेतों के बीच बुधवार को एशियाई कारोबार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 100.70 के आसपास पहुंच गया। छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में ग्रीनबैक की कीमत मापने वाला यह इंडेक्स सात हफ्तों से अधिक समय के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहा है। मुद्रा विनिमय बाजार में यह बढ़त मुख्य रूप से केंद्रीय बैंक की आक्रामक ब्याज दर नीति को लेकर बनी मजबूत उम्मीदों से प्रेरित है।

मुद्रा बाजारों में डॉलर का प्रभुत्व और वैश्विक समीकरण

बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में व्यापक मजबूती देखी गई। सूचीबद्ध प्रमुख मुद्राओं की विनिमय दरों में बदलाव के विश्लेषण से पता चलता है कि डॉलर ने विशेष रूप से न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। मुद्रा हीटमैप पर आधार और कोट मुद्राओं के उतार-चढ़ाव को देखें तो वैश्विक निवेशक अन्य विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की सुरक्षित संपत्तियों में पूंजी लगा रहे हैं।

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बाजार की इस तेजी को सीएमई फेडवॉच टूल के आंकड़ों से भी बल मिल रहा है, जिसके अनुसार इस वर्ष फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कम से कम एक और वृद्धि किए जाने की संभावना लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। हाल के दिनों में फेडरल रिजर्व के विभिन्न अधिकारियों के बयानों ने मांग और आपूर्ति दोनों तरफ के झटकों के कारण मुद्रास्फीति के फिर से बढ़ने का जोखिम रेखांकित किया है। अधिकारियों का मानना है कि महंगाई के दबाव को नियंत्रित करने के लिए नीतिगत दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखना या उनमें और बढ़ोतरी करना अपरिहार्य हो सकता है। फेडरल रिजर्व के अधिकारी गूल्सबी ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में मौद्रिक नीति अधिक आक्रामक और फ्रंट-लोडेड हो सकती है, जिससे डॉलर को अतिरिक्त मनोवैज्ञानिक समर्थन मिला है।

दैनिक चार्ट पर तकनीकी संकेत और मोमेंटम

दैनिक मूल्य चार्ट पर नजर डालें तो डॉलर इंडेक्स स्पॉट 100.70 के स्तर पर टिका हुआ है। यह इंडेक्स अपने 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 99.82 से काफी ऊपर बना हुआ है, जो अल्पकालिक रुझान के लिहाज से तेजी के रुख की पुष्टि करता है। कीमतों का अपने अल्पकालिक संदर्भ स्तर से ऊपर बने रहना यह दर्शाता है कि खरीदारी का दबाव बरकरार है।

तकनीकी संकेतकों में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI (14) 67.40 के स्तर पर पहुंच चुका है। हालांकि यह स्तर मजबूत तेजी को दर्शाता है, लेकिन यह ओवरबॉट जोन के बेहद करीब पहुंच रहा है, जिससे हालिया उछाल के बाद कीमतों में खिंचाव के संकेत भी मिलते हैं। वर्तमान वास्तविक तकनीकी आंकड़ों के मुताबिक इंडेक्स 100.68 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 100.43 से 0.25 प्रतिशत अधिक है। इसके 52-सप्ताह का दायरा 95.55 से 101.80 के बीच रहा है। लाइव संकेतकों में 14-दिवसीय RSI 66 पर है, जबकि MACD 0.18 पर है जो सिग्नल लाइन -0.02 से ऊपर होकर हिस्टोग्राम 0.20 के साथ तेजी का रुझान दिखा रहा है। 20-दिवसीय EMA 99.76, 50-दिवसीय EMA 99.79 और 200-दिवसीय EMA 99.32 पर स्थित हैं। साथ ही EMA 50 का EMA 200 से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस की पुष्टि करता है, जो दीर्घकालिक मजबूती को दर्शाता है।

बोलिंजर बैंड (20, 2) का दायरा 98.41 से 100.65 के बीच है और मौजूदा कीमत ऊपरी बैंड से ऊपर निकल चुकी है। ट्रेंड स्ट्रेंथ मापने वाला ADX (14) 28 पर है, जो मजबूत रुझान का प्रमाण है। स्टोकेस्टिक संकेतक की फास्ट लाइन 99 और सिग्नल लाइन 92 पर है, जबकि 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज (ATR) 0.42 दर्ज की गई है। पिवट स्तर 100.64 पर है, जिसके लिए पहला रेजिस्टेंस R1 100.74 और दूसरा रेजिस्टेंस R2 100.80 पर है। नीचे की तरफ पहला सपोर्ट S1 100.58 और दूसरा सपोर्ट S2 100.48 पर मौजूद है। गिरावट की स्थिति में 20-दिवसीय EMA का क्षेत्र मजबूत मांग क्षेत्र के रूप में काम करेगा, हालांकि ऊपरी स्तरों पर नया तकनीकी अवरोध न होने के कारण इंडेक्स आगे बढ़ने से पहले थोड़ा ठहर सकता है।

वैश्विक व्यापार में अमेरिकी डॉलर की भूमिका और मौद्रिक इतिहास

अमेरिकी डॉलर संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक मुद्रा होने के साथ-साथ दुनिया के कई अन्य देशों की वास्तविक मुद्रा के रूप में भी स्थानीय नोटों के साथ चलन में है। 2022 के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा के कुल वैश्विक दैनिक कारोबार में 88 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी अमेरिकी डॉलर की है, जो औसतन 6.6 ट्रिलियन डॉलर का दैनिक लेनदेन बनता है।

ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखें तो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद डॉलर ने ब्रिटिश पाउंड की जगह दुनिया की प्रमुख आरक्षित मुद्रा का दर्जा हासिल किया था। अपने इतिहास के अधिकांश हिस्से में अमेरिकी डॉलर सोने द्वारा समर्थित था। हालांकि, 1971 में ब्रेटन वुड्स समझौते के टूटने के साथ ही गोल्ड स्टैंडर्ड समाप्त हो गया और डॉलर एक मुक्त रूप से फ्लोट होने वाली फिएट मुद्रा में बदल गया।

फेडरल रिजर्व की नीतियां: ब्याज दरें, क्यूई और क्यूटी

डॉलर के मूल्य को निर्धारित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति है। केंद्रीय बैंक के दो मुख्य उद्देश्य हैं: कीमतों में स्थिरता बनाए रखना यानी मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना और अधिकतम रोजगार सुनिश्चित करना। इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए फेड का प्राथमिक उपकरण नीतिगत ब्याज दरों में समायोजन करना है। जब कीमतें बहुत तेजी से बढ़ती हैं और महंगाई फेड के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है, तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है, जिससे डॉलर को मजबूती मिलती है। इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत से नीचे गिरती है या बेरोजगारी दर बहुत अधिक हो जाती है, तो फेड दरों में कटौती करता है, जिसका असर डॉलर की कमजोरी के रूप में सामने आता है।

असाधारण और गंभीर वित्तीय संकट के समय फेडरल रिजर्व अतिरिक्त डॉलर छापकर क्वांटिटेटिव ईजिंग (QE) का सहारा ले सकता है। यह एक गैर-मानक नीति उपाय है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब बैंकों के बीच एक-दूसरे को उधार देने का भरोसा खत्म हो जाता है और ऋण प्रवाह अवरुद्ध हो जाता है। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान क्रेडिट संकट से निपटने के लिए फेड ने इसी हथियार का उपयोग किया था। इसके तहत फेड नए डॉलर जारी करके मुख्य रूप से वित्तीय संस्थानों से अमेरिकी सरकारी बॉन्ड खरीदता है। इस प्रक्रिया से बाजार में डॉलर की आपूर्ति बढ़ जाती है, जिससे आमतौर पर मुद्रा का मूल्य घटता है। इसके उलट, क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (QT) की प्रक्रिया में फेडरल रिजर्व बॉन्ड खरीद बंद कर देता है और परिपक्व होने वाले बॉन्ड के मूलधन का पुनर्निवेश नहीं करता। यह प्रक्रिया बाजार में डॉलर की तरलता को घटाती है और आमतौर पर डॉलर के लिए सकारात्मक मानी जाती है।

एशियाई सत्र में अन्य प्रमुख परिसंपत्तियों की स्थिति

मुद्रा बाजार के अन्य प्रमुख युग्मों में बुधवार को मिश्रित रुख देखने को मिला। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) 0.7100 के स्तर के आसपास सीमित दायरे में कारोबार करते रहे। ऑस्ट्रेलिया के फ्लैश पीएमआई आंकड़ों में विनिर्माण क्षेत्र में संकुचन और सेवा क्षेत्र में लगातार दूसरे महीने धीमी गति से विस्तार दर्ज किया गया। साथ ही निवेशक आगामी ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच होने वाली महत्वपूर्ण बैठक की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे इस जोड़ी पर डॉलर की मजबूती का दबाव बना रहा। बाजार ने अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत को ज्यादा तवज्जो नहीं दी।

दूसरी ओर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (USD/JPY) 157.00 के मध्य स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया, जो पिछले शुक्रवार को छुए गए दो सप्ताह के उच्च स्तर के करीब है। बैंक ऑफ जापान द्वारा हाल ही में दरों में की गई नरम वृद्धि ने येन को कमजोर बनाए रखा है। हालांकि, फेड की सख्त नीति डॉलर को सहारा दे रही है, लेकिन येन में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाओं ने इस जोड़ी की आगे की बढ़त को सीमित रखा है। ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक से पहले अमेरिका-ईरान वार्ता के पूरा होने का बाजार पर कोई खास असर नहीं दिखा।

सोने के बाजार में भी सुस्ती का माहौल रहा। एशियाई सत्र में पीली धातु 4,300 डॉलर प्रति औंस से नीचे के स्तर से रातोंरात मिले उछाल को आगे बढ़ाने में संघर्ष करती दिखी। 30 जुलाई के उच्च स्तर के करीब बने डॉलर और भू-राजनीतिक जोखिमों ने सोने की कीमतों पर दबाव बनाए रखा। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया गिरावट ने मुद्रास्फीति की चिंताओं को थोड़ा कम किया है, जिससे अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल सीमित दायरे में रहा और बिना ब्याज वाली इस परिसंपत्ति की गिरावट को एक सीमा में बांधे रखा।

वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और केंद्रीय बैंकों का रुख

वैश्विक अर्थव्यवस्था में एआई पूंजीगत व्यय (capex) अब फेडरल रिजर्व के मुद्रास्फीति विश्लेषण का प्रमुख हिस्सा बन चुका है, जहां अक्टूबर की बैठक में दर वृद्धि की संभावना आधी से अधिक आंकी जा रही है। ब्रिटेन में राजकोषीय गुंजाइश घटकर आधी रह गई है और बजट पेश होने से पहले फ्रांस का सीडीएस स्प्रेड 2020 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। कूटनीतिक मोर्चे पर पेजेशकियन न्यूयॉर्क में हैं, जहां उनके लिए खाड़ी देशों के साथ बैठक का समय निर्धारित है लेकिन अमेरिका-ईरान के बीच कोई द्विपक्षीय बातचीत तय नहीं है। इस बीच, बैंक ऑफ जापान (BoJ) ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है, जो मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक कदम है और बाजार की पूर्व अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुरूप रहा।

सवाल-जवाब

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स किस स्तर पर पहुंचा है?
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ सात हफ्तों से अधिक समय के उच्च स्तर 100.70 के पास पहुंच गया है।
इस साल फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की कितनी संभावना है?
सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार इस वर्ष फेडरल रिजर्व द्वारा कम से कम एक और ब्याज दर वृद्धि की संभावना लगभग 90 प्रतिशत है।
फेडरल रिजर्व के अधिकारी गूल्सबी ने क्या चेतावनी दी है?
गूल्सबी ने चेतावनी दी है कि केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति अधिक आक्रामक और अधिक फ्रंट-लोडेड हो सकती है।
बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों पर क्या फैसला लिया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है।
डॉलर इंडेक्स के लिए प्रमुख तकनीकी सपोर्ट स्तर क्या हैं?
इंडेक्स के लिए पहला सपोर्ट 100.58 पर है और इसके नीचे 20-दिवसीय ईएमए 99.82 पर एक मजबूत सपोर्ट क्षेत्र बना हुआ है।
सोने की कीमतों पर डॉलर की मजबूती का क्या असर पड़ा है?
डॉलर के मजबूत होने से सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस से नीचे के स्तर से उछाल के बाद बढ़त बनाने में संघर्ष कर रहा है।
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