पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी परिसर में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की बातों को लेकर पिछले दो दिनों के दौरान व्यापक स्तर पर विरोध और हंगामा देखने को मिला। परिसर में तनाव फैलने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने के बाद अब धीरे-धीरे हालात सामान्य और शांतिपूर्ण हो रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम और छात्रों के आक्रोश के बीच यूनिवर्सिटी के डीन सौरभ लखनपाल ने सामने आकर स्थिति, प्रशासनिक कदमों और अब तक हुई जांच को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्थान छात्रों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है और प्रशासन हर पहलू की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कर रहा है।
परिसर में शांति की बहाली और उठाए गए प्रशासनिक कदम
यूनिवर्सिटी परिसर के मौजूदा माहौल पर बात करते हुए सौरभ लखनपाल ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति कायम हो रही है। उन्होंने कहा कि पूरा विवाद सोशल मीडिया पर प्रसारित हुई अपुष्ट बातों और अफवाहों के कारण भड़का था, जिसकी गहनता से जांच की जा रही है। इस जांच प्रक्रिया में केवल यूनिवर्सिटी ही नहीं, बल्कि स्थानीय नागरिक प्रशासन और पुलिस प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी और बराबर की जवाबदेही के साथ लगे हुए हैं।
प्रशासन ने छात्रों के सभी संशयों को दूर करने के लिए पूरी पारदर्शिता बरती है। छात्रों ने जिन बातों की मांग की थी, संस्थान ने उन सभी को पूरा किया। जब छात्रों ने सीसीटीवी फुटेज देखने की इच्छा जताई, तो उन्हें संबंधित फुटेज दिखाई गई। जब वे घटना से जोड़े जा रहे कमरे को देखना चाहते थे, तो उन्हें वहां ले जाकर निरीक्षण कराया गया। इसके अलावा, छात्रों के आग्रह पर मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई और उनकी आवाज को सीधे मंच देने के लिए एक छात्र प्रतिनिधि निकाय का गठन भी किया गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन पूरी तरह विद्यार्थियों के साथ खड़ा है और उनकी संतुष्टि के अनुरूप कदम उठाए जाने से माहौल तेजी से सामान्य हो रहा है।
लिखित शिकायत का अभाव और सोशल मीडिया पोस्ट से फैला तनाव
पूरे मामले पर संस्थान का रुख स्पष्ट करते हुए डीन ने बताया कि इस कथित घटना के संबंध में किसी भी स्तर पर कोई औपचारिक या लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। घटना की तह तक जाने पर पता चला कि रेडिट पर एक अनाम मैसेज प्रसारित हुआ था। उस मैसेज को बिना किसी सत्यता जांच के छात्रों ने विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर आपस में साझा करना शुरू कर दिया, जिससे तेजी से एक अफवाह फैल गई।
देखते ही देखते यह अफवाह बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गई, जिसने बाद में उग्र रूप ले लिया और परिसर में तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। उन्होंने रेखांकित किया कि सोशल मीडिया पर फैलाई गई बातों में न तो किसी पीड़ित छात्रा के नाम का उल्लेख था और न ही किसी ठोस स्थान की जानकारी दी गई थी। इतने बड़े और सुव्यवस्थित परिसर में, जहां वर्षों से सुरक्षा और निगरानी के व्यापक तंत्र मौजूद हैं, किसी गंभीर घटना की भनक तक न लगे, यह संभव नहीं दिखता। इसके बावजूद संस्थान छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए हर स्तर पर उनका सहयोग कर रहा है।
प्रदर्शन में बाहरी तत्वों की संलिप्तता का अंदेशा और पुलिस जांच
हिंसक प्रदर्शनों में बाहरी लोगों की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल पर सौरभ लखनपाल ने कहा कि इसका अंतिम सच जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। हालांकि, उनका दृढ़ विश्वास है कि इस हंगामे के पीछे बाहरी तत्व जरूर सक्रिय थे। संस्थान के अनुशासित और गंभीर छात्रों ने इस तरह की हिंसा और तोड़फोड़ की खुलकर आलोचना की है और वे प्रशासन के साथ खड़े रहे हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बाहरी तत्वों की भीड़ का हिस्सा बनकर यूनिवर्सिटी के कुछ आंतरिक छात्र भी इस उपद्रव में शामिल पाए जाते हैं, तो उनकी विधिवत पहचान की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई होगी। पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि पुलिस पहले दिन और पहले क्षण से ही उनके साथ मौजूद है। दोनों पक्षों में संवाद के माध्यम से चर्चाएं हुई हैं और जांच पूरी तरह छात्रों की शंकाओं के निवारण को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है।
छात्राओं के बीच विश्वास बहाली और मेंटर्स की निगरानी
परिसर की छात्राओं में उपजे डर और संशय को दूर करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर डीन ने बताया कि पुलिस प्रशासन ने भी अपना आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। छात्राओं के मन में सुरक्षा का पूरा भरोसा जगाने के लिए उन्हीं के बीच से छात्र प्रतिनिधियों की एक विशेष समिति बनाई गई है। यह समिति लगातार अन्य विद्यार्थियों से बातचीत कर रही है और उन्हें बता रही है कि यूनिवर्सिटी और पुलिस प्रशासन की ओर से क्या-क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
संस्थान में वार्डन्स और मेंटर्स की पूरी टीमें भी सक्रिय हैं जो विद्यार्थियों से निरंतर संवाद कर रही हैं। छात्र प्रतिनिधियों के माध्यम से छात्रों की हर बात को तवज्जो दी जा रही है। इस प्रक्रिया को लगातार जारी रखते हुए प्रतिनिधियों को दो दिन बाद और फिर एक हफ्ते बाद दोबारा बैठक के लिए बुलाया जाएगा। इस कठिन समय में छात्र समुदाय का सकारात्मक रुख स्थिति को संभालने में बेहद मददगार साबित हो रहा है।
कमरा नंबर 504 और सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जांच
चर्चाओं में आए कमरा नंबर 504 और उसके आसपास के क्षेत्र की जांच को लेकर सौरभ लखनपाल ने महत्वपूर्ण तथ्य सामने रखे। उन्होंने बताया कि छात्रों को जितने भी दिनों की गतिविधियों को लेकर संशय या शंका थी, उन सभी दिनों की सीसीटीवी फुटेज की न केवल विस्तृत समीक्षा की गई है, बल्कि पूरी रिकॉर्डिंग को आधिकारिक रिकॉर्ड के साथ पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस अब इन सभी वीडियो साक्ष्यों की तकनीकी और तथ्यात्मक जांच कर रही है ताकि हर पहलू की सच्चाई सामने आ सके।



















