जयपुर नगर निगम ने 28 जून 2026 को एक अहम प्रशासनिक आदेश जारी किया, जिसके जरिए राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) और राजस्थान नगर पालिका सेवा (RMS) के कुल 14 वरिष्ठ अधिकारियों को शहर के विभिन्न जोन और शाखाओं में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं. यह आदेश अतिरिक्त आयुक्त नरेंद्र कुमार बंसल के दस्तखत से जारी हुआ और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है. नगर निगम प्रशासन का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य शहरी प्रशासनिक तंत्र को अधिक कारगर और जवाबदेह बनाना है.
RAS अधिकारियों को नए जोन सौंपे
नए आदेश के मुताबिक राजस्थान प्रशासनिक सेवा के मनमोहन शर्मा को सांगानेर जोन का उपायुक्त नियुक्त किया गया है. दिलीप सिंह को विद्याधर नगर जोन की कमान सौंपी गई है, जबकि श्रद्धा सिंह मुरलीपुरा जोन की नई उपायुक्त के रूप में कार्यभार संभालेंगी. बिजेंद्र सिंह आदर्श नगर जोन देखेंगे. मनोज शर्मा को जगतपुरा जोन के साथ-साथ झालाना जोन का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है, यानी उन्हें एक साथ दो जोन की निगरानी करनी होगी.
RMS अधिकारियों की नई नियुक्तियां
राजस्थान नगर पालिका सेवा के अधिकारियों में पवन कुमार शर्मा को झोटवाड़ा और वैशाली नगर जोन का उपायुक्त बनाया गया है. पवन मीणा किशनपोल जोन की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि तनुजा सालंकी हवामहल-आमेर जोन में उपायुक्त पद पर तैनात होंगी.
विभागीय शाखाओं के हिसाब से देखें तो सीमा चौधरी को कार्मिक (मुख्यालय) का प्रभार दिया गया है. ममता नागर को पशु प्रबंधन, मनीषा यादव को स्वास्थ्य-द्वितीय और अनीता मित्तल को स्टोर शाखा की जिम्मेदारी सौंपी गई है. करणी सिंह को उपायुक्त सामान्य प्रशासन, समन्वय एवं इवेंट आयोजन का दायित्व दिया गया है. कविता चौधरी को उपायुक्त आयोजना-प्रथम के साथ-साथ मुख्यमंत्री जनसुनवाई शाखा का कार्यभार भी सौंपा गया है.
शहर सेवा शिविर-2026 पूरा होने के बाद होगा पदभार ग्रहण
तीन अधिकारियों को नए स्थान पर जाने से पहले अपना मौजूदा काम पूरा करना होगा. आदेश के अनुसार ममता नागर 29 जून, मनीषा यादव 30 जून और सीमा चौधरी 2 जुलाई 2026 तक अपने-अपने विभागों द्वारा आयोजित 'शहर सेवा शिविर-2026' के प्रथम चरण का काम निपटाने के बाद ही नवीन पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करेंगी.
बेहतर तालमेल और तेज जनसेवा है लक्ष्य
नगर निगम प्रशासन को भरोसा है कि इस पुनर्गठन से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय में सुधार आएगा और शहर में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी. नागरिकों की जन शिकायतों का निपटारा भी पहले से अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी 14 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनकी नई जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और जनसेवाओं को मजबूत करने के लिहाज से यह प्रशासनिक पुनर्गठन एक महत्वपूर्ण कदम है.













