उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले से सड़क यातायात सुरक्षा को लेकर एक मिला-जुला और गंभीर डेटा सामने आया है। वर्ष 2026 के जून महीने तक दर्ज किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले में होने वाली कुल सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 14.2 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आई है। इसके साथ ही हादसों के दौरान चोटिल या घायल होने वाले लोगों की संख्या में भी 8 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। हालांकि, इन राहत देने वाली खबरों के बीच एक बेहद चिंताजनक तथ्य यह उभरा है कि दुर्घटनाएं घटने के बावजूद सड़क हादसों में अपनी जान गंवाने वाले लोगों की कुल संख्या 3 प्रतिशत बढ़ गई है। यह विरोधाभासी स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के लिए एक नई चुनौती बनकर सामने आई है।
दुर्घटनाएं कम पर मौतों का ग्राफ बढ़ने के प्रमुख कारण
सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में गिरावट आने के बाद भी मौतों के आंकड़े में हुई इस 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी ने अधिकारियों को गहन मंथन के लिए मजबूर कर दिया है। एआरटीओ प्रवर्तन उदित नारायण के विश्लेषण के मुताबिक, हादसों के दौरान होने वाली मौतों के पीछे कई प्रमुख कारक जिम्मेदार हैं। इनमें सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार में गाड़ियां चलाना और बेहद गंभीर टक्कर होना है। इसके अलावा दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट न पहनना तथा चार पहिया वाहनों में सीट बेल्ट का प्रयोग न करना भी मौतों के आंकड़े को बढ़ा रहा है। अधिकारी यह भी मानते हैं कि दुर्घटना के तुरंत बाद पीड़ितों को समय पर उचित आपातकालीन डॉक्टरी इलाज न मिल पाना कई मामलों में जानलेवा साबित होता है। यही कारण है कि दुर्घटना दर कम होने से आंशिक राहत जरूर मिली है, परंतु मौतों में इजाफा चिंता का मुख्य कारण बना हुआ है।
सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए संयुक्त अभियानों पर जोर
इस विषम परिस्थिति से निपटने के लिए गौतमबुद्ध नगर का परिवहन विभाग स्थानीय नागरिक प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर लगातार रणनीति तैयार कर रहा है। एआरटीओ प्रवर्तन उदित नारायण ने स्पष्ट किया है कि विभागीय तंत्र का उद्देश्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या में कागजी कमी लाना भर नहीं है, बल्कि हादसों में घायल होने वाले और जान गंवाने वाले नागरिकों की संख्या को भी प्रभावी ढंग से न्यूनतम स्तर पर लाना है। इसके लिए तीनों विभागों की संयुक्त टीमें धरातल पर काम कर रही हैं। सड़कों पर यातायात नियमों के कड़ाई से अनुपालन पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही वाहन चालकों और आम लोगों को जिम्मेदार ड्राइविंग तथा जीवन रक्षा से जुड़े बुनियादी सड़क सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष सतर्कता और सुधार कार्य
सड़क हादसों पर नकेल कसने के लिए परिवहन और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने गौतमबुद्ध नगर जिले के अंतर्गत आने वाले सबसे संवेदनशील और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान की है। विशेष रूप से गाजियाबाद से बुलंदशहर जाने वाला वह नेशनल हाईवे, जो गौतमबुद्ध नगर जिले की सीमा से होकर गुजरता है, वहां पूर्व में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं। प्रशासन ने इस क्षेत्र में दो प्रमुख ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर वहां विशेष सुधारात्मक कार्य शुरू कर दिए हैं। इन स्थलों पर यातायात आवाजाही को सुचारु बनाने, दृष्टिगोचर साइन बोर्ड लगाने, आधुनिक निगरानी तंत्र को मजबूत करने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने जैसे ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इन रणनीतिक प्रयासों के आने वाले समय में बेहद सकारात्मक और राहतकारी परिणाम देखने को मिलेंगे।



















