पटना के मेहंदीगंज थाना क्षेत्र स्थित रानीपुर अड्डा पूर्वी कस्बा में गुरुवार 6 अगस्त 2026 को एक अत्यंत हृदयविदारक दुर्घटना घटी। यहां अपने घर के निकट खेल रहा 12 वर्षीय मासूम चिंटू कुमार खुले नाले में गिर गया और पानी में डूबने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को मातम में डुबो दिया है और स्थानीय लोगों में नगर निगम प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त है।
रानीपुर अड्डा में दर्दनाक हादसा और स्थानीय लोगों के प्रयास
यह दुखद घटना पटना नगर निगम के वार्ड संख्या 61 के अंतर्गत आने वाले रानीपुर अड्डा पूर्वी कस्बा इलाके में दोपहर के समय हुई। स्थानीय निवासी मुकेश दास का 12 साल का बेटा चिंटू कुमार घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह वहां मौजूद एक गहरे और खुले नाले में जा गिरा।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय निवासियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए बच्चे को नाले के पानी से बाहर निकालने का प्रयास किया। हालांकि जब तक चिंटू को बाहर निकाला गया, काफी देर हो चुकी थी और मासूम दम तोड़ चुका था। सूचना पाकर मेहंदीगंज थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए मामले की छानबीन शुरू की।
नगर निगम की लापरवाही पर स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा
इस हादसे के बाद क्षेत्र के नागरिकों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया। स्थानीय निवासियों का गंभीर आरोप है कि इस इलाके का मुख्य नाला काफी लंबे समय से खुला पड़ा हुआ था। नगर निगम प्रशासन द्वारा न तो इसकी नियमित सफाई कराई जा रही थी और न ही नाले को ढंकने की कोई उचित व्यवस्था की गई थी। आक्रोशित लोगों ने पटना नगर निगम से मांग उठाई है कि शहर के सभी खुले नालों को पक्के स्लैब से ढंका जाए ताकि भविष्य में ऐसी अप्रिय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
12 वर्षीय चिंटू की अचानक हुई मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल बेहद गमगीन हो गया। मासूम की मां बेसुध होकर बार-बार अपने बेटे को पुकार रही है, जिसे देखकर सांत्वना देने पहुंचे पूरे मोहल्ले के लोगों की आंखें नम हो गईं।
मॉनसून सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
यह दुखद घटना मॉनसून सीजन से पहले नगर निगम प्रशासन द्वारा सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले बड़े-बड़े दावों पर गंभीर सवालिया निशान लगाती है। हर साल बारिश की शुरुआत से पहले ड्रेनेज व्यवस्था को सुरक्षित करने और नालों को ढंकने के वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि राजधानी पटना में कई फ्लड ड्रेन आज भी खुले पड़े हैं। इस तरह की प्रशासनिक लापरवाही पूर्व में भी कई लोगों की जान ले चुकी है।
खुले नालों से पैदा होने वाला यह जानलेवा खतरा अन्य शहरी क्षेत्रों में भी देखा जा रहा है। इससे एक दिन पहले ही दिल्ली के जगतपुर क्षेत्र में तीन स्कूली बच्चे एक उफनते नाले में गिर गए थे। गनीमत यह रही कि आसपास के लोगों ने समय रहते उन्हें सुरक्षित बचा लिया, जिसकी वीडियो पास लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई और सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।



















