अजमेर जिले के पुष्कर क्षेत्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक व्यवस्था और सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ खुलकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस सिलसिले में पार्टी की एक प्रमुख नेता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उपखंड अधिकारी एवं चुनाव अधिकारी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मांग की गई है कि मतदाता सूचियों में हुई अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सूचियों में गलत तरीके से किए गए फेरबदल को तुरंत सुधारा जाए।
ज्ञापन सौंपने से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक दफ्तर के बाहर जोरदार धरना दिया और सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए। वक्ताओं ने कहा कि अधिकारी सत्ताधारी दल के इशारों पर काम कर रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उदाहरण के तौर पर वार्ड 16 का जिक्र करते हुए बताया गया कि एक ही पते पर करीब 50 नए नाम अचानक जोड़ दिए गए हैं। पार्टी का दावा है कि ये नाम पूरी तरह से फर्जी हैं और इनकी गहराई से जांच होनी चाहिए। आरोप लगाया गया कि सोची-समझी रणनीति के तहत कांग्रेस के पारंपरिक मतदाताओं के नाम सूची से गायब किए जा रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ से ऐसे नाम जोड़े जा रहे हैं जिनका उस इलाके से कोई वास्तविक संबंध नहीं है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई आवाज
इस पूरे विवाद के बीच स्थानीय स्तर के कई पूर्व प्रतिनिधियों और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों ने भी सूचियों में गड़बड़ी को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। वार्ड 7 से ताल्लुक रखने वाली एक पूर्व पार्षद ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका परिवार पीढ़ियों से उसी वार्ड में रहता है और वह खुद दो बार पार्षद रह चुकी हैं। इसके बावजूद उनके पूरे परिवार का नाम इस बार की मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया और तुरंत प्रभाव से नाम वापस जोड़ने की मांग उठाई। इसी तरह वार्ड 9 से कांग्रेस की टिकट पर दावेदारी पेश कर रही एक अन्य नेत्री ने बताया कि उनका नामांकन दाखिल करने का समय नजदीक है, लेकिन सूची से उनका नाम ही गायब है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते इस तकनीकी या प्रशासनिक चूक को ठीक नहीं किया गया तो चुनाव लड़ना मुश्किल हो जाएगा।
राज्य स्तर पर शिकायत की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि सभी आपत्तियों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सूचियों को दुरुस्त नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके तहत जिला कलेक्टर के यहां औपचारिक शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ प्रदेश नेतृत्व के माध्यम से मामला सीधे राज्य निर्वाचन आयोग तक ले जाने की चेतावनी दी गई है। इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से कई पूर्व चेयरमैन, नगर अध्यक्ष और विभिन्न वार्डों के प्रतिनिधि शामिल थे। सभी ने एक सुर में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की मांग की है।





















