सीकर जिले के नीमकाथाना इलाके के रायपुर पाटन में शनिवार की रात एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। शराब के ठेके के पास एक बेलगाम ट्रेलर ने मोटरसाइकिल पर सवार होकर जा रहे मामा और भांजे को जोरदार टक्कर मार दी। इस भयंकर हादसे में 12 साल के मयंक मीणा और उनके मामा सुनील मीणा बुरी तरह जख्मी हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों को शरीर के निचले हिस्से में गंभीर चोटें आईं और सुनील मीणा का एक पैर कटकर शरीर से अलग हो गया। इस खौफनाक मंजर ने वहां मौजूद लोगों को सन्न कर दिया और इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हादसे के बाद बाइक पूरी तरह से ट्रेलर के टायरों में फंस गई थी। मौके की नजाकत को भांपते हुए ट्रेलर का चालक अपने वाहन को वहीं छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। दुर्घटना की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत भारी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए। इस दर्दनाक और जानलेवा हादसे के चलते स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए उस बेकाबू ट्रेलर को आग के हवाले कर दिया। कुछ ही पलों में वह भारी वाहन आग की लपटों से घिर गया और धू-धू कर जलने लगा, जिससे मौके पर तनाव और दहशत का माहौल पैदा हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गई। आग की भयावहता को देखते हुए दमकल विभाग की गाड़ी को भी फौरन बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने काफी देर तक कड़ी मशक्कत के बाद जलते हुए ट्रेलर पर काबू पाया और आग को पूरी तरह बुझाया। पुलिस ने मौके का मुआयना करने के बाद हालात का जायजा लिया और फरार हुए चालक की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी। उधर, हादसे में बुरी तरह घायल हुए दोनों घायलों को तुरंत नीमकाथाना जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। सुनील मीणा की गंभीर हालत को लेकर उनके परिवार वाले बेहद चिंतित और सहमे हुए हैं।
खनन क्षेत्र के भारी वाहनों की रफ्तार पर उठे गंभीर सवाल
इस वीभत्स हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा प्रशासन और खनन माफियाओं के खिलाफ फूट पड़ा। लोगों ने इस इलाके से गुजरने वाले भारी वाहनों, खासकर डंपरों और ट्रेलरों की अंधाधुंध रफ्तार पर कड़े सवाल खड़े किए। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस माइनिंग बेल्ट में भारी वाहन बेहद लापरवाही और तेज गति से चलाए जाते हैं, जिसके कारण आए दिन इस तरह के जानलेवा हादसे होते रहते हैं और मासूम लोगों की जानें जाती हैं।
गुस्साए लोगों ने जिला प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि इन भारी वाहनों की गति सीमा पर तुरंत लगाम लगाई जाए और सड़क सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। हादसे के बाद काफी देर तक इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। मौके पर पहुंची पुलिस ने मोर्चा संभाला, भीड़ को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रण में किया और इस पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है ताकि दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।





















