सड़क हादसे में सर्जन की मौत, मरीज का ऑपरेशन करने जा रहे थे डॉक्टरजयपुर के कालख सागर बांध में पानी तो आया, लेकिन सीवरेज के दूषित और बदबूदार पानी ने बढ़ाई किसानों की चिंताहोर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें साफ, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयानदेहरादून में यूनिवर्सिटी और कॉलेजों पर बड़ा एक्शन, अनुशासनहीनता के आरोप में 84 छात्र सस्पेंडमहंगाई पर लगाम: दिल्ली में 35 रुपये में बिक रहा प्याज, बाजार में आ रही 800 टन की बड़ी खेपईशान किशन का बड़ा बयान, कहा- लोग चाहे जो कहें, मुझे रेड बॉल क्रिकेट खेलना बेहद पसंद हैऑस्ट्रेलियन डॉलर में मजबूती, अमेरिकी मुद्रा की नरमी और आरबीए के सख्त रुख से मिला संबलअनाया बांगर को ऑस्ट्रेलिया में मिला क्रिकेट खेलने का मौका, भारत में स्थिति अब भी साफ नहींसीकर की 9वीं की छात्रा हर्लिन महला ने जयपुर में दिखाया दम, ट्राइथलॉन में जीता गोल्ड मेडलभारत-चीन प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि साझेदार, अजीत डोभाल और वांग यी की बीजिंग बैठक में बड़ा बयान
करौली में विकास दावों की पोल खुली; शहर के वार्ड 17 की कोली बस्ती में कीचड़ और अंधेरे में रहने को मजबूर लोगराजस्थान
25 अग॰ 2026, 8:20 pm (1 घंटे पहले)· 0

करौली में विकास दावों की पोल खुली; शहर के वार्ड 17 की कोली बस्ती में कीचड़ और अंधेरे में रहने को मजबूर लोग

करौली जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 17 स्थित कोली बस्ती के लोग आज भी सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

करौली जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र का हिस्सा होने के बावजूद वार्ड नंबर 17 की कोली बस्ती के बाशिंदे बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन गुजार रहे हैं। शहर के इतने करीब होने के बाद भी इस इलाके में आज तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। निवासियों को रोजाना ऊबड़-खाबड़, कच्चे और कीचड़ से सने रास्तों से होकर निकलना पड़ता है। स्थिति तब और बदतर हो जाती है जब बारिश के मौसम में यह पूरा रास्ता कीचड़ का एक बड़ा तालाब बन जाता है।

सड़कों पर गड्ढे और आवाजाही की गंभीर समस्या

बस्ती के मुख्य मार्ग पर कई जगहों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इन रास्तों की हालत लंबे समय से ऐसी ही बनी हुई है। सड़क के अभाव में छोटे बच्चों को स्कूल पहुंचने में भारी कठिनाई होती है। इसके अलावा बुजुर्गों और महिलाओं के लिए भी इस रास्ते से पैदल निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है। कई बार लोग इन गड्ढों और फिसलने वाले कीचड़ में गिरकर गंभीर रूप से चोटिल भी हो जाते हैं।

ये भी पढ़ें

गंदगी के ढेर और मच्छरों का बढ़ता प्रकोप

सड़क के अलावा इलाके में साफ-सफाई की व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है। बस्ती के आसपास कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा रहते हैं, और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां नियमित सफाई कभी नहीं होती। जगह-जगह कचरा और गंदा पानी इकट्ठा होने की वजह से मच्छरों का आतंक काफी बढ़ गया है, जिससे रहवासियों में हमेशा मौसमी बीमारियों फैलने का डर बना रहता है। इस गंदगी और कचरे के कारण आवारा जानवर भी बड़ी संख्या में बस्ती में घूमते रहते हैं।

स्थानीय निवासी तारा देवी ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि पूरा इलाका किसी नाले की तरह नजर आने लगा है। हर तरफ कीचड़ और गंदगी का साम्राज्य है और बच्चों को इसी बदतर रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है। उनका यह भी कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इस समस्या का कोई स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।

बिजली के पोल हैं लेकिन स्ट्रीट लाइट गायब

बस्ती की दुर्दशा यहीं खत्म नहीं होती है। इलाके में बिजली के पोल तो खड़े कर दिए गए हैं, लेकिन किसी भी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है। नतीजा यह होता है कि जैसे ही शाम ढलती है, पूरी बस्ती गहरे अंधेरे की आगोश में समा जाती है। अंधेरा होने की वजह से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है और सुरक्षा को लेकर भी लगातार चिंता बनी रहती है।

एक अन्य स्थानीय निवासी राहुल महावर का कहना है कि पिछले करीब 10 से 15 साल से बस्ती के हालात जस के तस बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कागजों में तो सफाई कर्मचारियों की तैनाती दिखती है, मगर धरातल पर कोई सफाई कर्मचारी नियमित रूप से काम करने नहीं आता। उनका यह भी आरोप है कि चुनाव के दौरान वार्ड पार्षद वोट मांगने के लिए बस्ती में आते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई सुधि नहीं लेता।

परेशान ग्रामीणों ने अपनी इन समस्याओं को लेकर वार्ड पार्षद से लेकर नगर परिषद के बड़े अधिकारियों और स्थानीय विधायक तक गुहार लगाई है। इसके बावजूद सड़क निर्माण, नियमित सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी बेहद बुनियादी सुविधाओं के लिए स्थानीय लोगों का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है।

सवाल-जवाब

करौली की कोली बस्ती किस वार्ड में आती है?
कोौली बस्ती करौली जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र में शामिल वार्ड नंबर 17 में स्थित है।
कोली बस्ती के मुख्य रास्ते की क्या स्थिति है?
बस्ती के मुख्य रास्तों पर पक्की सड़क नहीं है और जगह-जगह गहरे गड्ढे तथा कीचड़ भरा रहता है, जो बारिश में और गंभीर हो जाता है।
बस्ती में प्रकाश व्यवस्था को लेकर क्या समस्या है?
बस्ती में बिजली के पोल तो लगे हैं लेकिन किसी भी पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं है, जिससे शाम होते ही अंधेरा छा जाता है।
स्थानीय लोगों ने अपनी समस्याओं को लेकर किससे शिकायत की है?
निवासियों ने वार्ड पार्षद, नगर परिषद अधिकारियों और विधायक तक अपनी समस्याएं पहुंचाई हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

वार्ड 17 की यह स्थिति केवल बुनियादी सुविधाओं का अभाव नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद की गंभीर उदासीनता को दर्शाती है। यदि कागजों में सफाई कर्मचारियों की तैनाती और धरातल पर शून्य काम जैसी बातें सच हैं, तो यह प्रशासनिक भ्रष्टाचार और धन के दुरुपयोग का मामला है। ऐसे मामलों में मानवाधिकार आयोग या स्थानीय अदालत स्वतः संज्ञान ले सकती है, क्योंकि नागरिकों को अंधेरे और कीचड़ में जीने के लिए मजबूर करना उनके जीने के मौलिक अधिकार का हनन है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

यह धरातलीय रिपोर्ट साबित करती है कि शहरी निकायों में कागजी योजनाएं और धरातलीय हकीकत के बीच कितना बड़ा अंतर है। यदि वार्ड 17 के इस क्षेत्र में पिछले डेढ़ दशक से यही स्थिति बनी हुई है, तो यह स्थानीय जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर बड़ा सवालिया निशान है। बार-बार शिकायतों के बावजूद यदि नगर परिषद के कान पर जूं नहीं रेंगती, तो यह जनता के मूलभूत अधिकारों का खुला उल्लंघन है और इस लचर व्यवस्था के खिलाफ अब जनता को संगठित होकर प्रशासनिक जवाबदेही तय करनी होगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR