राजस्थान के अलवर जिले में सड़क पर साइड देने को लेकर शुरू हुआ एक मामूली विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। नौगांवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बहरीपुर गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक जनाजे में शामिल होने जा रहे परिवार को घेरकर पचास से अधिक लोगों ने लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में दो सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया और बाद में हालत गंभीर होने पर जिला मुख्यालय रेफर कर दिया गया।
जनाजे में शामिल होने जा रहा था परिवार
खोहड़ा करमाली निवासी खुर्शीद खान ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उनके परिवार की एक महिला यानी उनकी मामी का निधन हो गया था। इसके बाद परिवार के तमाम लोग माटी देने की रस्म के लिए टीकरी गांव की तरफ रवाना हुए थे। परिवार के सदस्य एक गाड़ी में सवार होकर जा रहे थे। जब उनका वाहन बहरीपुर गांव के पास पहुंचा, तो रास्ते में एक बड़ा गड्ढा होने की वजह से गाड़ी निकालने में दिक्कत पेश आ रही थी।
सड़क के गड्ढे और साइड को लेकर हुआ विवाद
गाड़ी चला रहे उनके भतीजे उन्नस पुत्र कमरु ने सड़क के उस गड्ढे से बचने और सुरक्षित निकलने के लिए वाहन को साइड से मोड़ने का प्रयास किया। ठीक उसी वक्त सामने की तरफ से आ रहे एक मोटरसाइकिल सवार ने अपनी बाइक सीधे गाड़ी के आगे अड़ा दी और रास्ता पूरी तरह से रोक लिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। आरोप लगाया गया है कि उस बाइक सवार ने तुरंत फोन घुमाया और अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया।
पचास से ज्यादा लोगों ने भाइयों को बनाया निशाना
खुर्शीद खान के बयानों के मुताबिक, चंद मिनटों के भीतर ही पचास से ज्यादा लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर वहां जमा हो गए। हमलावरों ने गाड़ी चला रहे उन्नस पर हमला बोल दिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। इस अचानक हुए जानलेवा हमले से पीड़ित परिवार संभल भी नहीं पाया था। इसी बीच उन्नस का सगा भाई मौसम भी अपनी मोटरसाइकिल से पीछे-पीछे वहां पहुंच गया। अपने भाई को हमलावरों से घिरा देखकर वह उसे बचाने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन भीड़ ने उसे भी नहीं छोड़ा और दोनों भाइयों को बुरी तरह पीटा।
पुलिस ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल
घटना की खबर मिलते ही नौगांवा थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायल भाइयों को इलाज के लिए नौगांवा के स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। वहां के डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो कर दिया, लेकिन दोनों की चोटों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत अलवर के बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। स्थानीय पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की गहनता से छानबीन कर रही है और तथ्यों को जुटा रही है।
कानूनी कार्रवाई और गांव में तनाव
घटना के बाद से ही बहरीपुर गांव और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग इस हिंसा की चर्चा कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित पक्ष की तरफ से अभी तक थाने में कोई औपचारिक लिखित रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। जैसे ही पीड़ित परिवार की ओर से शिकायत मिलती है, पुलिस मामले में तुरंत आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगी।

















