भरतपुर के रोडवेज बस स्टैंड से रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं, लेकिन बस स्टैंड की मुख्य इमारत अब इतनी जर्जर हो चुकी है कि उसे अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है और फिलहाल पूरा कामकाज एक टीनशेड के सहारे चलाया जा रहा है. न बैठने की ठीक व्यवस्था है, न पीने का पानी और न ही धूप-बारिश से बचने के लिए छाया, यात्री हर दिन इन्हीं दिक्कतों के बीच अपनी बस पकड़ने को मजबूर हैं.
भवन की हालत इतनी बिगड़ी कैसे
बस स्टैंड की मुख्य इमारत की दीवारों से लगातार प्लास्टर झड़ रहा है और छत भी गिरने की कगार पर पहुंच चुकी है. यात्रियों की जान को खतरा देखते हुए प्रशासन ने पूरी इमारत खाली करा दी और उसका इस्तेमाल फिलहाल बंद कर दिया गया है. भवन की स्थिति समय के साथ और बिगड़ती जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है.
टीनशेड बना यात्रियों की नई मुसीबत
इमारत बंद होने के बाद वैकल्पिक इंतजाम के तौर पर बनाया गया टीनशेड भी यात्रियों के लिए राहत नहीं, बल्कि नई परेशानी बन गया है. गर्मी के मौसम में तेज धूप के चलते टीनशेड भट्टी की तरह तपने लगता है, जिससे नीचे खड़े या बैठे यात्रियों को असहनीय गर्मी सहनी पड़ती है. बारिश के दिनों में भी यह टीनशेड यात्रियों को पूरी तरह भीगने से नहीं बचा पाता, इसी वजह से कई यात्रियों को खुले आसमान के नीचे खड़े होकर घंटों बस का इंतजार करना पड़ता है.
यात्रियों की जुबानी
बस स्टैंड पर मौजूद यात्रियों ने बताया कि यहां न तो बैठने की पर्याप्त जगह है और न ही पीने के पानी की कोई सुविधा उपलब्ध है. मजबूरी में उन्हें खुले में या टीनशेड के नीचे घंटों खड़े रहकर बस का इंतजार करना पड़ता है. इसके अलावा सफाई व्यवस्था भी बेहद लचर है, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ जाती है. यात्रियों का यह भी कहना है कि जर्जर इमारत से लगातार गिरता प्लास्टर हर वक्त हादसे का डर बनाए रखता है और अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
प्रशासन से नई इमारत की मांग
यात्रियों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि भरतपुर जैसे प्रमुख शहर का बस स्टैंड इस हद तक बदहाल हो चुका है. उनका कहना है कि प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द बस स्टैंड की नई इमारत बनवानी चाहिए, साथ ही बैठने, पीने के पानी और साफ-सफाई जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं भी मुहैया करानी चाहिए. स्थानीय लोगों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की मांग है कि प्रशासन जल्द कार्रवाई करे, ताकि उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से यात्रा करने का मौका मिल सके.













