राजस्थान के बाड़मेर जिले से एक अनोखा वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आमतौर पर गाड़ियों का इतना बड़ा और लंबा काफिला किसी बड़े मंत्री या विधायक के साथ देखा जाता है, लेकिन इस बार यह जलवा किसी विधायक का नहीं बल्कि एक स्थानीय सरपंच प्रत्याशी का है। इस वीडियो के सामने आने के बाद ग्रामीण स्तर की राजनीति में होने वाले शक्ति प्रदर्शन और चुनावी रसूख को लेकर बहस छिड़ गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को काफी शेयर किया जा रहा है, जिसमें भारी संख्या में गाड़ियां और समर्थकों की भीड़ साफ नजर आ रही है।
कौन हैं चर्चा में आए प्रत्याशी
वायरल वीडियो में नजर आ रहे शख्स की पहचान फतह खान पुत्र अलाना खान के रूप में सामने आई है। सामने आई जानकारी के मुताबिक वे ट्रैवल्स के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और उन्होंने बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली नेगरडा ग्राम पंचायत से सरपंच पद के लिए अपनी किस्मत आजमाई है। चुनाव प्रचार के दौरान उनके समर्थकों द्वारा जुटाए गए इस बड़े बेड़े ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, जिसके बाद से ग्रामीण राजनीति में उनकी चर्चा हर तरफ हो रही है। हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की रिकॉर्डिंग कब की गई थी और इस काफिले में कुल कितनी गाड़ियां शामिल थीं, इसकी किसी भी स्वतंत्र माध्यम से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
राज्य में पंचायत चुनाव का दूसरा चरण
यह वायरल वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब पूरे राजस्थान में पंचायती राज चुनाव का माहौल पूरी तरह से गर्म है। राज्य में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के तहत 28 अक्टूबर को प्रदेश के कुल 22 जिलों में मतदान की प्रक्रिया पूरी की गई। जिला परिषद और पंचायत समिति के कुल 2453 वार्डों के लिए इस बार मैदान में कुल 8257 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इन तमाम सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करके उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक केवल जिला परिषद के 275 वार्डों के लिए ही 984 उम्मीदवार चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। इसके अलावा पंचायत समिति के 2178 वार्डों के लिए 7273 प्रत्याशी चुनावी जंग में उतरे हैं।
मतदान की समयसीमा और सुरक्षा व्यवस्था
दूसरे चरण के लिए मतदान की प्रक्रिया तय समय के अनुसार सुबह 7 बजे शुरू हो गई थी जो शाम के 6 बजे तक चली। मतदाताओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए मतदान केंद्रों पर तमाम जरूरी और पुख्ता इंतजाम किए गए थे। चुनाव को पूरी तरह से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए विशेष बंदोबस्त किए गए थे। इसके तहत संवेदनशील श्रेणी में आने वाले सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की आधुनिक तकनीक के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करके कड़ी निगरानी रखी गई ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।





















