राजस्थान के अलवर जिले में नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले चिरावल माली गांव से दहेज प्रताड़ना की एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां ससुराल वालों ने लोहे के घातक हथियारों से वार कर दो सगी बहनों पर जानलेवा हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने मकान का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर लिया ताकि पीड़िताएं भाग न सकें। इस हमले में दोनों बहनें लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को संभाला। प्राथमिक सहायता के बाद पुलिस ने दोनों पीड़िताओं को इलाज के लिए अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय भेजा, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और चिकित्सकों की देखरेख में उपचार जारी है।
सात साल पहले हुआ था विवाह, लगातार हो रही थी दहेज की मांग
पीड़ित महिलाओं की पहचान बृजलता सैनी और वीरवती सैनी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से सीकरी थाना क्षेत्र की निवासी हैं। दोनों सगी बहनों की शादी लगभग सात वर्ष पूर्व चिरावल माली गांव के रहने वाले दो भाइयों, अनिल और भूपेंद्र के साथ हुई थी। पीड़िताओं के अनुसार विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग लगातार दहेज की अतिरिक्त मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। प्रताड़ना में ससुर, सास, जेठ और जेठानी समेत परिवार के कई सदस्य शामिल थे।
जनवरी में दिए थे दो लाख रुपये, फिर भी नहीं थमा उत्पीड़न
बृजलता सैनी ने बताया कि ससुराल वालों के अत्याचार और लगातार बढ़ती मांग से तंग आकर उनके मायके वालों ने इसी साल जनवरी महीने में दो लाख रुपये नकद ससुराल पक्ष को दिए थे। पीहर पक्ष को उम्मीद थी कि दो लाख रुपये देने के बाद प्रताड़ना का सिलसिला थम जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पैसे मिलने के बावजूद ससुराल वालों का लालच कम नहीं हुआ और वे लगातार और धन व सामान की मांग करते हुए दोनों बहनों का उत्पीड़न करते रहे।
घर का गेट बंद कर लोहे के हथियारों से किया खूनी हमला
वारदात वाले दिन सोमवार को ससुराल पक्ष के लोगों का विवाद फिर बढ़ गया। आरोप है कि ससुर विशंभर, सास फूलवती, जेठ जगदीश, जेठानी शकुंतला, जेठ सतीश, सतीश की पत्नी निरमा और उनकी बेटी प्रीति ने मिलकर साजिश रची। इन सभी आरोपियों ने पहले घर का मुख्य दरवाजा कसकर बंद कर दिया ताकि कोई बाहर न जा सके और न ही मदद के लिए अंदर आ सके। इसके बाद आरोपियों ने लोहे के हथियारों से दोनों बहनों पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए। लोहे की छड़ों व हथियारों के वार से दोनों बहनें गंभीर रूप से चोटिल होकर जमीन पर गिर पड़ीं और खून से लथपथ हो गईं।
महिला अधिवक्ता की गुहार और पुलिस की जांच
पीड़ित बहनों में से बृजलता सैनी पेशे से नगर कोर्ट में एडवोकेट हैं, जबकि उनकी सगी बहन वीरवती सैनी एक गृहिणी हैं। अस्पताल में जेरे इलाज बृजलता सैनी ने अपने दर्द का बयां करते हुए कहा कि जब अदालत में प्रैक्टिस करने वाली एक महिला वकील भी अपने ही ससुराल में इस प्रकार की बर्बर हिंसा का शिकार हो सकती है, तो समाज की आम और मासूम महिलाओं की सुरक्षा और स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। पीड़िताओं ने मीडिया के जरिए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, स्थानीय पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दर्ज कराए गए आरोपों की सत्यता की पुष्टि की जा रही है।






















