राजस्थान के कोटा और बूंदी जिलों के सीमावर्ती क्षेत्र में वैवाहिक कलह से दुखी एक व्यक्ति द्वारा जान देने का दर्दनाक मामला प्रकाश में आया है। आवली-रोझड़ी गांव के निवासी विक्रम सिंह ने अपने ससुराल पहुंचकर खुद को आग के हवाले कर दिया। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उन्हें कोटा स्थित एमबीएस अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस अकल्पनीय कदम से दोनों परिवारों में मातम छाया हुआ है और पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
ससुराल में विवाद के बाद पेट्रोल छिड़ककर लगाई आग
प्राप्त ब्योरे के अनुसार, विक्रम सिंह और उनकी पत्नी के बीच लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। आपसी मतभेदों के बीच विक्रम सिंह बूंदी जिले में स्थित अपने ससुराल पहुंचे थे। वहां किसी पुरानी बात को लेकर ससुराल पक्ष के लोगों के साथ उनका तीखा विवाद शुरू हो गया। बहस इतनी बढ़ गई कि विक्रम सिंह ने अचानक अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेल लिया और आग लगा ली। कुछ ही क्षणों में वे लपटों में घिर गए, जिससे वहां हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए आग पर काबू पाया और उन्हें तुरंत कोटा के एमबीएस अस्पताल पहुंचाया, किंतु अत्यधिक झुलस जाने के कारण चिकित्सक उनकी जान नहीं बचा सके।
मानसिक अवसाद और सुसाइड नोट में गंभीर आरोप
प्रारंभिक छानबीन में पुलिस को जानकारी मिली है कि दंपति के बीच घरेलू विवाद पिछले कई महीनों से जारी था। निरंतर होने वाले झगड़ों और रिश्तों में बढ़ी कड़वाहट के कारण विक्रम सिंह गहरे मानसिक तनाव तथा अवसाद का सामना कर रहे थे। घटना स्थल की गहन तलाशी के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट प्राप्त हुआ है। इस सुसाइड नोट में मृतक ने अपने ससुराल पक्ष के सदस्यों पर निरंतर मानसिक प्रताड़ना देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने पत्र को जब्त कर लिया है और लिखावट के प्रमाणीकरण के लिए फॉरेंसिक जांच हेतु भेज दिया है।
पुलिस की वैधानिक कार्रवाई और मामले की जांच
सूचना मिलने के पश्चात बूंदी थाना पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मृतक के शव को अपने अधिकार में लेकर एमबीएस अस्पताल के शवगृह में रखवाया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मृतक के परिवार द्वारा दी गई लिखित शिकायत और बरामद सुसाइड नोट के आधार पर मामला पंजीकृत कर लिया है। वर्तमान में पुलिस ससुराल पक्ष के लोगों को नामजद कर उनसे पूछताछ कर रही है, ताकि सुसाइड नोट में लिखे तथ्यों और प्रताड़ना के आरोपों की सत्यता का पता लगाया जा सके।





















