राजस्थान के जोधपुर में स्थानीय निकाय चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। उम्मीदवारों की सूचियों के आने के बाद राजनीतिक दलों के भीतर असंतोष का माहौल देखने को मिल रहा है। इसी गहमागहमी के बीच जोधपुर हवाई अड्डे से एक अत्यंत भावुक कर देने वाला वाकया सामने आया है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता धन्नाराम वार्ड नंबर 10 से पार्षद का टिकट नहीं मिलने के कारण फूट-फूटकर रो पड़े। अपने सामने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पाकर कार्यकर्ता का दर्द आंसुओं के रूप में बाहर आ गया और वे मंत्री से लिपटकर रोने लगे। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो चुनाव के दौरान टिकट कटने से आहत कार्यकर्ताओं की मनस्थिति और संघर्ष को दर्शा रहा है।
हवाई अड्डे पर हुआ भावुक क्षण
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत अपने गृह जिले जोधपुर के दौरे पर पहुंचे थे। जोधपुर हवाई अड्डे पर उनके स्वागत और मुलाकात के लिए भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का बड़ा हुजूम एकत्र हुआ था। केंद्रीय मंत्री एक-एक करके सभी समर्थकों से मिल रहे थे और उनसे बातचीत कर रहे थे। उसी समय वार्ड नंबर 10 से टिकट के दावेदार रहे पार्टी कार्यकर्ता धन्नाराम मंत्री के करीब पहुंचे।
धन्नाराम स्थानीय निकाय चुनावों में वार्ड 10 से पार्षद पद का चुनाव लड़ने की उम्मीद लगाए हुए थे, परंतु पार्टी स्तर पर हुए टिकट वितरण में उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया गया। टिकट नहीं मिलने से दुखी धन्नाराम जैसे ही केंद्रीय मंत्री के सामने आए, वे स्वयं पर नियंत्रण नहीं रख पाए। उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े और वे केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से लिपटकर बिलख-बिलख कर रोने लगे। टिकट गंवाने की पीड़ा और वर्षों की निष्ठा के बाद उपजी निराशा उनके आंसुओं में साफ नजर आ रही थी।
केंद्रीय मंत्री ने गले लगाकर बढ़ाया ढांढस
अपने एक पुराने और समर्पित कार्यकर्ता को इस तरह असहाय होकर रोते देख केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी भावुक हो उठे। उन्होंने बिना कोई समय गंवाए धन्नाराम को अपने गले से लगा लिया और काफी देर तक उनका ढांढस बंधाते रहे। मंत्री शेखावत ने कार्यकर्ता को समझाते हुए सलाह दी कि राजनीति में धैर्य रखना अत्यंत आवश्यक होता है। उन्होंने धन्नाराम को पार्टी हित सर्वोपरि रखने और संगठन की मजबूती के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आग्रह किया।
इस दौरान वहां मौजूद अन्य वरिष्ठ नेताओं तथा पदाधिकारियों ने भी आगे बढ़कर धन्नाराम को शांत कराया और उनका हौसला बढ़ाया। हवाई अड्डे पर मौजूद हर व्यक्ति इस भावुक दृश्य को देखकर स्तब्ध रह गया, और किसी ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल में कैद कर लिया जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
निकाय चुनावों में असंतोष की लहर
स्थानीय निकाय चुनाव 2026 के लिए टिकट वितरण के बाद कार्यकर्ताओं में उपजा यह आक्रोश और दुख केवल जोधपुर तक सीमित नहीं है। राजस्थान के विभिन्न हिस्सों से टिकट बंटवारे के बाद असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। उदाहरण के तौर पर, बीकानेर जिले में कांग्रेस पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट और सड़कों पर खुलेआम कलह देखने को मिली है। इसके विपरीत जोधपुर में भाजपा खेमे का असंतोष एक भावुक रूप में सामने आया है।
चुनावों के इस संवेदनशील समय में टिकट न मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं को मनाना, उनकी मायूसी को दूर करना और चुनावी समर में पार्टी संगठन को पूरी तरह एकजुट रखना दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के नेतृत्व के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है। कार्यकर्ता ही जमीनी स्तर पर चुनाव प्रचार की कमान संभालते हैं, ऐसे में उनकी नाराजगी चुनाव परिणामों पर सीधा असर डाल सकती है।



















