राजस्थान के डीग जिले में स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसा है। कैथवाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दो अलग-अलग ठिकानों पर संचालित अवैध डेयरी संयंत्रों पर पुलिस, जिला विशेष टीम (डीएसटी) और खाद्य सुरक्षा विभाग ने संयुक्त छापामार कार्रवाई की। इस दौरान तैयार किया गया लगभग 1800 किलोग्राम संदिग्ध और अमानक पनीर मौके पर ही विनिष्ट कराया गया, जिसे कई राज्यों की मंडियों में भेजने की तैयारी चल रही थी।
त्योहारी मांग के बीच चार राज्यों में पहुंच रहा था सिंथेटिक माल
पुलिस अधीक्षक डीग शरण गोपीनाथ के निर्देशन में 23 अक्टूबर को यह व्यापक अभियान चलाया गया था। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि इन कारखानों में बिना दूध के केवल पामोलीन तेल, सोयाबीन तेल और एसएमपी पाउडर के मिश्रण से नकली पनीर ढाला जा रहा था। इस मिलावटी उत्पाद को राजस्थान के अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के प्रमुख बाजारों में खपाने के लिए भेजा जाता था। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने मौके से नमूनों को एकत्रित कर प्रयोगशाला भेजा है, जिनकी विस्तृत जांच रिपोर्ट आना बाकी है।
जाजमका गांव में शरीफ के परिसर में चल रही थी पहली डेयरी
जांच दल ने पहली बड़ी कार्रवाई जाजमका गांव में की, जहां शरीफ के मकान में मकसूद द्वारा पनीर बनाने का काम किया जा रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस और खाद्य सुरक्षा अमला वहां पहुंचा, तो कारखाने में तेजी से पनीर तैयार कर थैलियों में पैक किया जा रहा था। सरकारी दल को देखते ही संयंत्र परिसर में भगदड़ मच गई और वहां मौजूद 4-5 कर्मचारी दीवारें फांदकर फरार हो गए, जिनकी तलाश के लिए दल गठित किए गए हैं।
मौके से पकड़े गए गढ़ी झीलपट्टी निवासी साहिल पुत्र इस्लाम ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह मकसूद के लिए मुनीम का काम देखता है। जांच अधिकारियों ने पुष्टि की कि इस इकाई में सोयाबीन तेल, पामोलीन तथा एसएमपी पाउडर को फेंटकर पनीर जैसा उत्पाद तैयार किया जा रहा था। सुरक्षा मानकों का घोर उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने विधिवत सैंपल लिए और परिसर में मौजूद करीब 1600 किलोग्राम तैयार पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। इसके पश्चात मुनीम साहिल को हिरासत में ले लिया गया।
दूसरी डेयरी से 200 किलो नकली पनीर और वाहन जब्त
दूसरी छापेमारी के दौरान अलीजान नामक मुनीम को पकड़ा गया, जिसने पूछताछ में इसी मिलावटी फॉर्मूले से पनीर बनाने की बात कबूल की। इस ठिकाने से टीम ने लगभग 200 किलोग्राम अमानक पनीर, परिवहन में प्रयुक्त पिकअप गाड़ी संख्या RJ 05 GC 1551 और अन्य कच्चा माल अपने कब्जे में ले लिया। वहां पाए गए पूरे 200 किलो माल का भी नमूना लेने के बाद उसे विनिष्ट कर दिया गया।
भारी मात्रा में रासायनिक सामग्री बरामद, दोनों संयंत्र सील
दोनों ठिकानों से संयुक्त टीम ने कुल 18 कट्टे एसएमपी पाउडर, 3 कट्टे मशीनों को धोने वाला केमिकल पाउडर, 11 पीपे रिफाइंड पामोलीन ऑयल तथा 2 पीपे सोयाबीन तेल जब्त किए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दोनों अवैध डेयरी परिसरों पर ताले लगाकर उन्हें पूरी तरह सील कर दिया है।
इस पूरे मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 318(4), 272, 274 और 110 के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 48 के तहत केस दर्ज किया है। कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब डेयरियों के असली मालिकों, फरार कामगारों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं।



















