जयपुर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं, जब राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले वीवीआईपी इलाके सिविल लाइंस में एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। इस बार निशाना बना है छबड़ा से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह सिंघवी का आवास, जो हरी मार्ग पर स्थित है। देर रात एक नकाबपोश चोर ने इस पॉश इलाके में स्थित कोठी को अपना निशाना बनाया और घर के अंदर से नकदी के साथ-साथ आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी चुराकर फरार हो गया। शुरुआती आकलन के मुताबिक, चोरी की गई कुल नकदी की मात्रा करीब एक लाख पच्चीस हजार से डेढ़ लाख रुपये के बीच बताई जा रही है, जिसने स्थानीय पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस समय यह पूरी वारदात को अंजाम दिया जा रहा था, उस वक्त घर के भीतर परिवार के दस से अधिक सदस्य चैन की नींद सो रहे थे। इसके बावजूद किसी भी सदस्य को इस घटना की भनक तक नहीं लगी। मिली शुरुआती जानकारियों के अनुसार, शातिर चोर ने पीछे के रास्ते का इस्तेमाल किया और किचन की खिड़की की ग्रिल को तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया। हैरान करने वाला पहलू यह है कि आरोपी ने जल्दीबाजी दिखाने के बजाय इत्मीनान से करीब एक घंटा घर के भीतर बिताया और इत्मीनान से चोरी की इस पूरी घटना को अंजाम देकर आसानी से वहां से फरार हो गया। सुबह होने पर जब चोरी के बारे में पता चला, तो पूरे परिवार में हड़कंप मच गया और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
घटना के वक्त विधायक प्रताप सिंह सिंघवी जयपुर में मौजूद नहीं थे। वह पंचायत चुनाव के महत्वपूर्ण सिलसिले में अपने निर्वाचन क्षेत्र छबड़ा गए हुए थे। जब उन्हें सुबह अपने जयपुर वाले सरकारी आवास पर चोरी होने की सूचना मिली, तो उन्होंने बिना देर किए जयपुर पुलिस कमिश्नर से फोन पर सीधी बातचीत की और पूरी घटना की जानकारी दी। विधायक की सूचना मिलते ही स्थानीय सोडाला थाना पुलिस और डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज तुरंत एक्शन में आ गए और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और चोरों का सुराग लगाने के लिए साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी यानी एफएसएल टीम को भी मौके पर तलब किया गया। एफएसएल के विशेषज्ञों ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य अहम वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिससे आरोपी तक पहुंचने में मदद मिल सके। इसके साथ ही, पुलिस आसपास के इलाकों में लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी हुई है, ताकि नकाबपोश चोर की सही पहचान हो सके और उसके आने तथा भागने के रास्तों का सटीक पता लगाया जा सके। चोर ने जिस दुस्साहस के साथ किचन की खिड़की की ग्रिल को तोड़ा है, उससे पुलिस हर एक एंगल से मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
इस दुस्साहसिक चोरी ने पूरे प्रशासनिक तंत्र और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं, क्योंकि विधायक का यह आवास शहर के सबसे वीवीआईपी और संवेदनशील जोन में आता है। हरी मार्ग पर स्थित यह मकान राजभवन से महज तीन सौ मीटर की दूरी पर है, जबकि मुख्यमंत्री निवास से इसकी दूरी महज पांच सौ मीटर के आसपास बताई जा रही है। इस अति-सुरक्षित इलाके में कई अन्य मंत्रियों, विधायकों और बड़े जनप्रतिनिधियों के भी आधिकारिक आवास स्थित हैं, जहां चौबीसों घंटे सुरक्षाकर्मियों का पहरा रहता है। ऐसे कड़े सुरक्षा घेरे वाले क्षेत्र में देर रात एक नकाबपोश चोर का इस प्रकार आसानी से घुसना और एक घंटे तक घर के अंदर रहकर वारदात को अंजाम देना हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार के इतने सारे सदस्यों की मौजूदगी के बावजूद किसी को भनक न लगना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता नजर आ रहा है।



















