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धौलपुर के मनीराम का पुरा में मंदिर प्रसादी के बाद दर्जनभर लोग बीमार, स्वास्थ्य विभाग ने संभाला मोर्चाराजस्थान
6 अक्तू॰ 2026, 8:33 am (1 घंटे पहले)· 0

धौलपुर के मनीराम का पुरा में मंदिर प्रसादी के बाद दर्जनभर लोग बीमार, स्वास्थ्य विभाग ने संभाला मोर्चा

धौलपुर के मनीराम का पुरा गांव में मंदिर के भंडारे में भोजन करने के बाद महिलाओं और बच्चों सहित करीब 12 ग्रामीणों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की समस्या हुई, जिसके बाद गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल भेजा गया है।

राजस्थान के धौलपुर जिले में स्थित मनीराम का पुरा गांव में एक धार्मिक आयोजन के बाद स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया। गांव के मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे में भोजन ग्रहण करने के बाद करीब 12 ग्रामीणों की शारीरिक स्थिति अचानक बिगड़ने लगी। इस सामूहिक भोज में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए थे, जिन्होंने प्रसादी के तौर पर भोजन किया था। आयोजन के अगले ही दिन प्रभावित लोगों में संक्रमण के लक्षण दिखाई देने लगे, जिससे पूरे ग्रामीण इलाके में चिंता का माहौल पैदा हो गया।

सोमवार सुबह सामने आए लक्षण और बढ़ा तनाव

रविवार को आयोजित इस भंडारे में गांव के अधिकांश परिवारों ने भोजन किया था। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन सोमवार का दिन शुरू होते ही कई ग्रामीणों को पेट में असहनीय दर्द, लगातार उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। शुरुआत में इसे सामान्य मौसमी समस्या समझा गया, परंतु जब एक के बाद एक कई लोग समान लक्षणों से पीड़ित होकर बिस्तर पर पड़ गए, तो ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते लगभग एक दर्जन लोग गंभीर रूप से अस्वस्थ हो गए, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। स्थिति को गंभीर देखते हुए स्थानीय लोगों ने अविलंब स्वास्थ्य विभाग को पूरी घटना से अवगत कराया।

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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में डाला डेरा

ग्रामीणों की ओर से सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग का अमला तुरंत हरकत में आ गया। चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की एक विशेष टीम आवश्यक दवाइयों और जांच उपकरणों के साथ मनीराम का पुरा गांव पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचते ही बीमार पड़े सभी ग्रामीणों का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण शुरू किया। जिन ग्रामीणों में निर्जलीकरण और गंभीर संक्रमण के लक्षण पाए गए, उनकी स्थिति को देखते हुए त्वरित निर्णय लिया गया। करीब 12 ऐसे ग्रामीणों को, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई थी, बेहतर चिकित्सीय देखभाल के लिए जिला अस्पताल धौलपुर रेफर कर दिया गया।

गांव में ही चल रहा सामान्य मरीजों का उपचार

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्राथमिक स्तर पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में ही एक अस्थायी शिविर जैसी व्यवस्था बनाई है। जिन ग्रामीणों में बीमारी के हल्के या सामान्य लक्षण देखे गए, उन्हें गांव में ही दवाइयां और ओआरएस के घोल दिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई अन्य व्यक्ति संक्रमण की चपेट में तो नहीं आया है। गांव के अन्य लोगों के स्वास्थ्य का डेटा भी लगातार जुटाया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटा जा सके।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी बीमारी की सही वजह

शुरुआती निष्कर्षों के आधार पर यह माना जा रहा है कि ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने का सीधा संबंध रविवार को मंदिर में खाए गए भंडारे के प्रसादी भोजन से है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खाद्य विषाक्तता (फूड पॉइजनिंग) की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। भोजन पकाने में इस्तेमाल की गई सामग्री, पानी की शुद्धता या रखरखाव में कोई खराबी थी या नहीं, इन सभी पहलुओं की तकनीकी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव पर नजर बनाए हुए है और स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक निगरानी जारी रखने की बात कही गई है।

सवाल-जवाब

धौलपुर के किस गांव में यह घटना घटी है?
यह घटना धौलपुर जिले के मनीराम का पुरा गांव में घटी है।
ग्रामीणों की तबीयत कब और किस कारण बिगड़ी?
रविवार को मंदिर के भंडारे में भोजन करने के बाद सोमवार को ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ी, जिसमें उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई।
कितने लोगों को जिला अस्पताल धौलपुर रेफर किया गया है?
गंभीर स्थिति को देखते हुए करीब 12 ग्रामीणों को धौलपुर के जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
बीमारी के वास्तविक कारण के बारे में स्वास्थ्य विभाग का क्या कहना है?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वास्तविक कारण विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·15 मिनट पहले

भंडारे के खाने से लोगों का इस तरह बीमार होना वाकई डरावना है। गनीमत है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम वक्त पर पहुँच गई, वरना हालात और बिगड़ सकते थे। उम्मीद है सभी मरीज़ जल्दी ठीक हो जाएंगे।

Ravikash Gupta@ravikash·33 मिनट पहले

भंडारों में सफाई का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है, छोटे बच्चों और महिलाओं की तबियत बिगड़ना दुखद है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·33 मिनट पहले

रविश भाई, बात सही है आपकी, पर मुझे लगता है कि सिर्फ सफाई नहीं, पानी या सामग्री की गुणवत्ता में भी कुछ गड़बड़ हो सकती है।

Rohan Verma@rohan-verma·57 मिनट पहले

गांव के भंडारे में ऐसे बीमार पड़ने की खबर डराती है। हमारे यहां भी पिछले साल एक शादी में ऐसा हुआ था, सब संभलते-संभलते डर गए थे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·57 मिनट पहले

रोहन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। ऐसे सामूहिक भोज में थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ जाती है, गनीमत है कि स्वास्थ्य विभाग समय पर पहुँच गया।

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