खरीफ सीजन की कटाई का दौर तेज होते ही राजस्थान के चौमूं स्थित अनाज मंडी परिसर में नई कृषि उपजों की खेप बड़े पैमाने पर पहुंचने लगी है। हाल ही में मंडी के खरीद यार्ड में मूंगफली की तकरीबन 5 हजार बोरियों की जोरदार आवक दर्ज की गई। फसल की क्वालिटी और दाने की बनावट के आधार पर किसानों को 7 हजार रुपये से लेकर 9 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक की आकर्षक कीमतें प्राप्त हुईं। शुरुआती दौर में ही इतने मजबूत दाम मिलने की वजह से इलाके के काश्तकारों में भारी उत्साह और संतोष देखने को मिल रहा है।
बढ़ती कृषि लागत के बीच मजबूत कीमतों ने दी बड़ी राहत
खेती-किसानी से जुड़े परिवारों का मानना है कि फसल के शुरुआती चरण में ऐसे दाम मिलना पूरे सीजन के लिए एक बेहद सकारात्मक संकेत है। मौजूदा दौर में रासायनिक खाद, उन्नत बीज, सिंचाई व्यवस्था और खेतों में काम करने वाले मजदूरों की दिहाड़ी के मद में भारी खर्च हुआ है। इस बढ़ी हुई उत्पादन लागत के दौर में 9 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक का अधिकतम मूल्य मिलना किसानों की आर्थिक सेहत के लिए बहुत बड़ा सहारा साबित हो रहा है। यही वजह है कि आसपास के ग्रामीण इलाकों से किसान बिना वक्त गंवाए अपनी उपज लेकर सीधे चौमूं मंडी का रुख कर रहे हैं।
गुणवत्ता के आधार पर तय हो रहे हैं मूंगफली के दाम
मंडी में कारोबारियों का आंकलन है कि आने वाले दिनों में मूंगफली की दैनिक आवक में और भी बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा। बीते दिन पहुंचे करीब 5 हजार कट्टों में अलग-अलग खेतों से आई उपज के दानों की चमक, नमी और छिलके की गुणवत्ता जांची गई। मानकों पर खरी उतरने वाली उच्च कोटि की मूंगफली को व्यापारियों ने तुरंत 9 हजार रुपये प्रति क्विंटल के उच्चतम स्तर पर खरीदा, जबकि सामान्य दर्जे की फसल भी 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल से कम में नहीं बिकी। इस पारदर्शी खरीद व्यवस्था से अपनी साल भर की मेहनत बेचने आए किसान बेहद संतुष्ट नजर आ रहे हैं।
बाजरा और नई मक्का के सौदों में भी आई तेजी
चौमूं मंडी में केवल तिलहन ही नहीं, बल्कि मोटे अनाजों की खरीद-बिक्री भी पूरी रफ्तार पकड़ चुकी है। परिसर में बाजरे के लगभग 7 से 8 हजार कट्टों की आमद हुई, जिसके सौदे 2200 रुपये से लेकर 2400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर तय किए गए। इसी के समानांतर नई मक्का की पहली खेप का प्रवेश भी शुरू हो चुका है, जहां इसके भाव भी 2200 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास दर्ज किए गए। इस तरह खरीफ सत्र की कई प्रमुख फसलें अब एक साथ मंडी में दस्तक दे चुकी हैं।
तुलाई और बोली से गुलजार हुआ मंडी प्रांगण
नई फसलों की जोरदार आवक ने चौमूं अनाज मंडी की रौनक को कई गुना बढ़ा दिया है। तड़के से ही काश्तकार अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, पिकअप वैन और अन्य लोडिंग वाहनों में माल लादकर कतारों में खड़े दिखाई दे रहे हैं। किसानों की इस बढ़ती भीड़ के साथ ही स्थानीय आढ़तियों और गल्ला व्यापारियों का दैनिक कारोबार भी रफ्तार पकड़ चुका है। नीलामी चबूतरों पर फसलों की खुली बोली लगाने, बोरियों की तुलाई करने और ट्रकों में लोडिंग की सरगर्मियां दिन भर बनी रहती हैं।
नवीन अनाज मंडी में मौजूद किसान कल्याण चंद ने हालात साझा करते हुए बताया कि चौमूं मंडी में नई कृषि जिंसों का प्रवाह अब पूरी गति पकड़ चुका है। उनके अनुसार, मूंगफली की करीब 5 हजार बोरी मंडी में उतरीं और गुणवत्ता के आधार पर काश्तकारों को 7 हजार से 9 हजार रुपये प्रति क्विंटल के भाव मिले। कल्याण चंद ने उम्मीद जताई कि मौसम साफ रहने के चलते आगामी दिनों में मंडी में फसलों की आवक का यह आंकड़ा और बड़ा रूप ले सकता है।




















