राजस्थान के धौलपुर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त अभियान चलाते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शहर के मुख्य बजरिया इलाके में स्थित एक प्रतिष्ठान से भारी मात्रा में अमानक और दूषित मावा पकड़ा गया है, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। त्योहारी सीजन के दौरान आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर लगाम कसने के लिए यह कदम उठाया गया है।
बजरिया की मावा मंडी में औचक निरीक्षण
खाद्य सुरक्षा दल ने स्थानीय बजरिया स्थित अग्रसेन मावा भंडार पर औचक छापा मारा। इस दौरान मौके पर मौजूद मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की मदद से मावे की त्वरित जांच की गई, जिसमें वह खाने योग्य नहीं पाया गया। अधिकारियों ने मिलावट की पुष्टि होने के बाद तुरंत प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए मौके पर ही एक बड़ा गड्ढा खुदवाया और पूरे 100 किलो दूषित मावे को जमीन में दबवाकर नष्ट करवा दिया। इस अचानक हुई कार्रवाई से मावा कारोबारियों में हड़कंप मच गया।
विभिन्न दुकानों से लिए गए खाद्य नमूने
इस पूरी कार्रवाई के दौरान विभाग की टीम ने केवल एक ही दुकान पर शिकंजा नहीं कसा, बल्कि आसपास के पांच अन्य प्रतिष्ठानों से भी खाद्य पदार्थों के कुल 6 संदिग्ध नमूने एकत्र किए। मुख्य कार्रवाई वाली दुकान यानी अग्रसेन मावा भंडार से मावे के दो अलग-अलग सैंपल लिए गए। इसके अलावा मुकेश मावा भंडार, राहुल मावा भंडार और सुरेंद्र मावा भंडार जैसी दुकानों से भी मावे के नमूने जांच के लिए सुरक्षित किए गए।
घी के सैंपल भी जांच के वास्ते भेजे गए
मावे के अलावा टीम ने बाजार में बिकने वाले अन्य उत्पादों पर भी पैनी नजर रखी। दल ने घी घर नामक प्रतिष्ठान से शुद्धता की जांच के लिए घी का एक नमूना उठाया और उसे प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी नमूनों की आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिससे दोषियों पर उचित जुर्माना या शिकंजा कसा जा सके।



















