दीपावली के पावन पर्व पर गुलाबी नगरी जयपुर के बाजारों में होने वाली भारी गहमागहमी और सड़कों पर वाहनों के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक परिवहन योजना तैयार की गई है। त्योहारी सीजन के दौरान खरीदारी करने और शहर की शानदार सजावट व रोशनी निहारने के लिए लाखों की तादाद में लोग घरों से बाहर निकलते हैं। इस भारी भीड़ के कारण मुख्य रास्तों पर जाम की स्थिति न बने, इसे ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ किया गया है और पुराने शहर के प्रमुख हिस्सों में वाहनों की आवाजाही को लेकर कड़े नियम लागू किए गए हैं।
मेट्रो के दैनिक फेरों में इजाफा, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
त्योहार के दौरान यात्रियों के सुगम सफर के लिए जयपुर मेट्रो प्रशासन ने अपनी सेवाओं का विस्तार करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत 3 नवंबर से 11 नवंबर तक मेट्रो के फेरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की जा रही है। सामान्य दिनों में शहर में मेट्रो के प्रतिदिन 202 फेरे संचालित किए जाते हैं, जिन्हें इस अवधि के दौरान बढ़ाकर 214 फेरे प्रतिदिन कर दिया गया है। फेरों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को स्टेशन पर ज्यादा देर इंतजार नहीं करना पड़ेगा और भीड़भाड़ के समय भी नियमित अंतराल पर मेट्रो सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। इस कदम का सीधा लाभ खरीदारी के लिए निकलने वाले स्थानीय निवासियों के साथ-साथ शहर में आने वाले पर्यटकों को भी मिलेगा।
देर रात 12:30 बजे तक मिलेगी आखिरी मेट्रो ट्रेन
त्योहारी सीजन में जयपुर के पारंपरिक बाजार, विशेष रूप से परकोटा क्षेत्र, देर रात तक गुलजार रहते हैं। लोग परिवार सहित देर रात तक दुकानों पर खरीदारी करते हैं और ऐतिहासिक इमारतों पर की गई मनमोहक रोशनी का आनंद लेते हैं। लोगों की इसी सुविधा को देखते हुए मेट्रो के परिचालन समय को भी आगे बढ़ाया गया है। मानसरोवर और बड़ी चौपड़ दोनों ही प्रमुख टर्मिनल स्टेशनों से अंतिम मेट्रो ट्रेन अब रात 12:30 बजे रवाना होगी। इससे देर रात तक बाजारों में रुकने वाले नागरिकों को घर वापसी के लिए सुरक्षित, सुलभ और समय पर सार्वजनिक परिवहन का एक भरोसेमंद साधन मिल सकेगा।
परकोटा क्षेत्र में 6 से 9 नवंबर तक वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी
भीड़भाड़ को नियंत्रित करने और पैदल चलने वाले खरीदारों को सुरक्षित माहौल देने के लिए यातायात प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। व्यवस्था के अनुसार 6 नवंबर से 9 नवंबर के बीच परकोटा क्षेत्र में सिटी बस, मिनी बस, ऑटो और ई-रिक्शा के प्रवेश पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू रहेगा। परकोटे की संकरी सड़कों पर इन व्यावसायिक वाहनों के जमावड़े को रोककर पैदल आवागमन को सुगम बनाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
जयपुर में दीपावली के मौके पर परकोटे के भीतर की भव्य सजावट पूरे देश में प्रसिद्ध है, जिसे देखने के लिए शहर के कोने-कोने से लोग पहुंचते हैं। इन प्रतिबंधों और मेट्रो के अतिरिक्त फेरों के चलते लोगों को अपने निजी वाहनों या भीड़भाड़ वाली सड़कों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मेट्रो सेवाओं के विस्तार से प्रदूषण और जाम दोनों में कमी आने की उम्मीद है, जिससे त्योहारी उमंग के बीच शहर का यातायात पूरी तरह से व्यवस्थित बना रहेगा।
















