राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू पर्यटन के दृष्टिकोण से साल का सबसे बड़ा टूरिस्ट सीजन दीपावली को मानता है। धनतेरस से लेकर लाभ पंचमी तक चलने वाले इस त्योहारी दौर में गुजरात और देश के विभिन्न कोनों से सैलानी बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं। कम बजट में पहाड़ों की हसीन वादियां, सुहाना मौसम और जगमगाते बाजार पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। इस दौरान स्थानीय स्तर पर होटल, रिसॉर्ट और पर्यटन से जुड़े कारोबार में काफी तेजी देखने को मिलती है।
खास सजावट और विशेष तैयारियां
दीपावली के खास अवसर पर माउंट आबू को अनोखे अंदाज में सजाया जाता है। धनतेरस से लाभ पंचमी के बीच बाजारों, दुकानों और मुख्य मार्गों पर आकर्षक रोशनी की जाती है। नक्की झील के आसपास का क्षेत्र दूधिया रोशनी में जगमगा उठता है। झील के पास बने उद्यानों को संवारने के साथ ही शहर की प्रमुख दीवारों पर पेंटिंग्स के जरिए इसकी खूबसूरती को और बढ़ाया जाता है। सैलानियों के स्वागत और सुविधा के लिए नगर पालिका द्वारा प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जाता है।
यातायात और पार्किंग के पुख्ता इंतजाम
माउंट आबू के टूरिस्ट और ट्रेवल गाइड चिंटू यादव ने बताया कि सीजन में परिवार और बच्चों के साथ आने वाले पर्यटकों के घूमने के लिए गौमुख, पीसपार्क, सनसेट पॉइंट और हनीमून प्वाइंट जैसे शांत व्यू पॉइंट और पिकनिक स्पॉट उपलब्ध हैं। पर्यटकों की भारी भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती रहता है। दीपावली के समय वाहनों की संख्या बढ़ने से लगने वाले जाम से निपटने के लिए पोलो ग्राउंड, किचन गार्डन और अशोक वाटिका जैसे परिसरों में पार्किंग के खास इंतजाम किए जाते हैं।
होटल बुकिंग और घूमने के बेहतरीन ठिकाने
दीपावली के अगले दिन से पर्यटकों के आने का सिलसिला और अधिक तेज होने की संभावना रहती है, जिससे होटलों और रिसॉर्ट्स में कमरों की मांग बढ़ जाती है। कई बार नामी होटलों में महीनों पहले ही बुकिंग फुल हो जाती है, इसलिए सैलानियों को सलाह दी जाती है कि वे पहले से ही होटल बुक करके आएं। मौसम के लिहाज से भी यह समय यात्रा के लिए बेहद अनुकूल होता है। अक्टूबर और नवंबर के महीनों में दिन का मौसम सुहाना रहता है, जबकि सुबह और रात के वक्त हल्की ठंड महसूस होती है। इस दौरान पर्यटक नक्की झील में बोटिंग का लुत्फ उठाने के साथ सनसेट पॉइंट, गुरु शिखर और अचलगढ़ जैसी जगहों की सैर कर सकते हैं।


















