राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित गेगल थाना इलाके के गुड़ा गांव में उस समय भारी सनसनी फैल गई, जब एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका पाया गया। मृतक की पहचान स्थानीय निवासी धारा सिंह रावत के रूप में की गई है। जैसे ही गांव के लोगों को युवक का शव संदिग्ध हालत में मिलने की सूचना मिली, बड़ी तादाद में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और तनाव का माहौल बन गया।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने शुरू की जांच
मामले की सूचना प्राप्त होते ही गेगल थाना पुलिस हरकत में आई और ग्रामीण सीओ सत्येंद्र नेगी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री यानी एफएसएल टीम और जिला स्पेशल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। दोनों तकनीकी टीमों ने घटनास्थल का सघन निरीक्षण किया, वहां से जरूरी वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल शुरू कर दी है।
चोरी के पुराने विवाद और रात में झगड़े के आरोप
मृतक के परिजनों ने इस मामले में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि कुछ महीने पहले धारा सिंह के मकान में चोरी की वारदात हुई थी। उस समय पुलिस ने चोरी के संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में ले लिया था, लेकिन परिजनों के अनुसार चोरी गया पूरा सामान बरामद नहीं करवाया जा सका था। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार रात उन्हीं चोरी के आरोपियों ने उनके परिवार के साथ झगड़ा किया था। इस विवाद के बाद शनिवार सुबह धारा सिंह का शव फंदे पर लटका मिला।
पुलिस प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का सीधा आरोप है कि चोरी के प्रकरण में पुलिसकर्मियों की आरोपियों के साथ मिलीभगत रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराई जाए तथा दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
ग्रामीणों द्वारा हत्या की आशंका और पुलिस की कार्रवाई
गांव के लोगों ने आशंका व्यक्त की है कि युवक की पहले हत्या की गई और फिर साक्ष्य छिपाने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया गया। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक हत्या की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस के मुताबिक युवक ने लोहे के टीनशेड के नीचे लगी लोहे की एंगल से रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगाई। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें शांत करवाया। ग्रामीण सीओ सत्येंद्र नेगी ने निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है और हर कोण से मामले की तफ्तीश जारी है।




















