गुलाबी नगरी जयपुर की पहचान सदियों से रत्न और आभूषणों के वैश्विक केंद्र के रूप में रही है। यहां के निपुण कारीगर, पारंपरिक डिजाइन और विशाल बाजार देश-दुनिया के व्यापारियों को लगातार आकर्षित करते हैं। इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए राजस्थान के चांदी उद्योग को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाई देने के लिए जयपुर सिल्वर एसोसिएशन एक विशेष तीन दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन करने जा रहा है। 22 से 24 नवंबर तक शहर के बिड़ला ऑडिटोरियम में लगने वाले इस भव्य मेले का मुख्य उद्देश्य आभूषण निर्माताओं को बड़ा व्यापारिक मंच उपलब्ध कराना और चांदी के उत्पादों की मांग को रफ्तार देना है।
राष्ट्रीय स्तर पर आमंत्रण और व्यापक तैयारियां
इस बड़े व्यापारिक समागम को सफल बनाने के लिए जयपुर सिल्वर एसोसिएशन के चेयरमैन उज्ज्वल डेरेवाला और सचिव राहुल जैन पूरी सक्रियता से तैयारियों में जुटे हैं। हाल ही में दोनों पदाधिकारियों ने मुंबई का दौरा किया, जहां उन्होंने जीजेईपीसी के चेयरमैन किरीटभाई भंसाली से मुलाकात की। इस बैठक में उन्होंने किरीटभाई भंसाली को 22 से 24 नवंबर तक चलने वाले आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक न्योता दिया। चर्चा के दौरान देशभर से आने वाले निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा खरीदारों की भागीदारी को लेकर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। इस मुलाकात के दौरान जयपुर सिल्वर एसोसिएशन के एडवाइजरी हेड अंकित वैद्य के अलावा मुंबई से अभिषेक शाह, संजय अग्रवाल और श्रीपाल नाहर भी उपस्थित रहे। किरीटभाई भंसाली ने इस पहल की सराहना करते हुए पूर्ण सहयोग और समर्थन का भरोसा दिया, जिससे चांदी निर्माताओं को वैश्विक बाजारों से जुड़ने में मदद मिलेगी।
प्रदर्शनी का पैमाना: 300 से ज्यादा स्टॉल्स और भारी आमद की उम्मीद
प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह शो अब केवल एक सामान्य प्रदर्शनी न रहकर बी2बी और बी2सी का एक भरोसेमंद व्यापारिक केंद्र बन चुका है। इस साल के संस्करण में 170 से ज्यादा एग्जीबिटर्स हिस्सा ले रहे हैं, जिनके लिए 300 से अधिक स्टॉल्स सजाए जाएंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि तीन दिनों के दौरान देश और विदेश से 10 हजार से अधिक खरीदार और दर्शक यहां पहुंचेंगे। अब तक 2 हजार से अधिक विजिटर्स अपना पंजीकरण करा चुके हैं। ज्यादा से ज्यादा कारोबारियों और आभूषण प्रेमियों को जोड़ने के लिए देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में विशेष व्यापारिक बैठकें आयोजित की जा रही हैं और शो का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
पारंपरिक कला और आधुनिक डिजाइनों का संगम
प्रदर्शनी में आने वाले आभूषण प्रेमियों और व्यापारियों को उत्कृष्ट कारीगरी के विविध रूप देखने को मिलेंगे। इसमें ऑक्सीडाइज्ड सिल्वर, तराशे हुए नगीनों यानी कट स्टोन से जड़े गहने, चांदी की कलाकृतियां, सजावटी सोफा सेट और विभिन्न धातुओं के सुंदर मिश्रण से तैयार आभूषण प्रदर्शित किए जाएंगे। यह मंच स्थानीय कारीगरों की कला को सीधे बड़े खरीदारों के सामने प्रस्तुत करने का जरिया बनेगा, जिससे खुदरा ग्राहकों के साथ-साथ थोक विक्रेताओं को भी नए सौदों के भरपूर अवसर मिलेंगे।
वैश्विक बाजार और निर्यात को रफ्तार देने के लिए विशेष सेमिनार
इस बार के आयोजन में कारोबारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार के रास्ते खोलने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत प्रदर्शनी के दौरान निर्यात पर केंद्रित एक खास सेमिनार आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में चांदी आभूषण निर्माताओं को वैश्विक बाजार की मांग, निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं और भारतीय सिल्वर उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की रणनीतियों से अवगत कराया जाएगा। गुजरात, मुंबई, दिल्ली समेत देश के तमाम बड़े शहरों से आभूषण निर्माता, थोक व्यापारी, आभूषण डिजाइनर और संस्थागत खरीदार इस मंच पर जुटेंगे। जीजेईपीसी के सहयोग से आयोजित होने वाला यह सेमिनार स्थानीय कारोबारियों को अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला से सीधे जोड़ने और जयपुर को चांदी उद्योग के प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


















