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रणथंभौर टाइगर रिजर्व का गणेश धाम गेट नए रूप में आएगा नजर, पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएंराजस्थान
26 अक्तू॰ 2026, 12:56 pm (1 दिन पहले)· 1

रणथंभौर टाइगर रिजर्व का गणेश धाम गेट नए रूप में आएगा नजर, पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व के मुख्य प्रवेश द्वार गणेश धाम को एक करोड़ रुपये की लागत से नया स्वरूप दिया जा रहा है। स्थानीय स्थापत्य कला और जोधपुरी पत्थर से हो रहे इस निर्माण के साथ सैलानियों के लिए कई अन्य सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

सवाई माधोपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिजर्व में आने वाले सैलानियों के लिए एक नया अनुभव तैयार किया जा रहा है। देश और दुनिया में टाइगर सफारी के लिए अपनी विशेष पहचान रखने वाले इस रिजर्व के मुख्य प्रवेश द्वार गणेश धाम को पूरी तरह से नया और भव्य रूप दिया जा रहा है। इस विकास कार्य का मुख्य उद्देश्य यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर बुनियादी ढांचा और शानदार विजुअल अपील प्रदान करना है, जिससे उनकी यात्रा और भी यादगार बन सके।

जोधपुरी पत्थर और स्थानीय वास्तुकला से हो रहा निर्माण

गणेश धाम पर बन रहे नए मुख्य प्रवेश द्वार के निर्माण में स्थानीय स्थापत्य कला को प्राथमिकता दी जा रही है। इस गेट को तैयार करने के लिए विशेष रूप से जोधपुरी पत्थर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिस पर बेहद बारीक और आकर्षक नक्काशी व कारीगरी की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस पूरे निर्माण प्रोजेक्ट पर लगभग एक करोड़ रुपये की लागत आ रही है। इस नए और भव्य द्वार के तैयार हो जाने के बाद रणथंभौर की सुंदरता में और अधिक निखार आ जाएगा, जो यहां आने वाले हर सैलानी का ध्यान आकर्षित करेगा।

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राजस्थान सरकार की बजट घोषणा के तहत हो रहे विकास कार्य

यह पूरा निर्माण अभियान राजस्थान सरकार की बजट घोषणा के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देना और पर्यटकों की सुविधाओं में विस्तार करना है। गणेश धाम के मुख्य द्वार के अलावा रिजर्व परिसर में कई अन्य प्रकार के विकास कार्य भी तेजी से करवाए जा रहे हैं ताकि वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सरकार और वन विभाग का यह प्रयास रणथंभौर की आधारभूत संरचना को वैश्विक स्तर का बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

वातानुकूलित वेटिंग हॉल और विश्राम कक्षों का हो रहा निर्माण

मुख्य प्रवेश द्वार के साथ-साथ पर्यटकों, वनकर्मियों, पर्यटक गाइडों और वाहन चालकों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। टाइगर सफारी के लिए आने वाले सैलानियों के लिए एक अत्याधुनिक वातानुकूलित वेटिंग हॉल एरिया तैयार किया जा रहा है, साथ ही आधुनिक लेट बाथ का निर्माण भी करवाया जा रहा है। इसके अलावा ड्यूटी पर तैनात वनकर्मियों के आराम के लिए विशेष कमरों का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है, ताकि स्टाफ को भी बेहतर कार्य वातावरण मिल सके।

एक महीने में पूरा हो जाएगा निर्माण कार्य

रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह ने इस प्रोजेक्ट की प्रगति पर जानकारी देते हुए बताया कि गणेश धाम पर मुख्य प्रवेश द्वार का काम तेजी से चल रहा है और आगामी करीब एक महीने के भीतर यह पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। इन सभी विकास कार्यों के पूरा होने के बाद रणथंभौर की सैर पर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को गणेश धाम पर एक बिल्कुल नया और आधुनिक स्वरूप देखने को मिलेगा। वन विभाग की पहली प्राथमिकता देश-दुनिया से आने वाले सैलानियों को उच्च स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

सवाल-जवाब

रणथंभौर टाइगर रिजर्व का नया प्रवेश द्वार कहां बन रहा है?
मुख्य प्रवेश द्वार गणेश धाम पर बनाया जा रहा है।
इस निर्माण कार्य पर कुल कितनी लागत आ रही है?
मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से करवाया जा रहा है।
द्वार के निर्माण में किस पत्थर का उपयोग किया जा रहा है?
इस निर्माण कार्य में विशेष रूप से जोधपुरी पत्थर का उपयोग किया जा रहा है।
पर्यटकों के लिए कौन सी नई सुविधा बनाई जा रही है?
पर्यटकों के लिए एक वातानुकूलित वेटिंग हॉल एरिया और लेट बाथ का निर्माण करवाया जा रहा है।
यह निर्माण कार्य कब तक पूरा हो जाएगा?
विभाग के अनुसार आगामी करीब एक महीने में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
रणथंभौर के डीएफओ कौन हैं?
रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Omar AL Mansoori@omar-mansoori·12 घंटे पहले

जोधपुरी पत्थर से गेट तो शानदार बनेगा, पर क्या एक करोड़ रुपये में एसी हॉल और बाकी काम सच में एक महीने में पूरे हो जाएंगे?

Ravikash Gupta@ravikash·13 घंटे पहले

रणथंभौर का यह बदलाव वाकई अच्छा कदम है। एक करोड़ की लागत से बनने वाले इस जोधपुरी पत्थर के गेट और एसी वेटिंग हॉल से टूरिज़्म और बेहतर होगा, खासकर जब देश-विदेश से इतने लोग आते हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·13 घंटे पहले

रवि जी, बात तो सही है आपकी। पर क्या एक महीने में सचमुच ये सारा काम पूरा हो जाएगा?

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

रणथंभौर का नया गेट और एसी वेटिंग हॉल बनने से सैलानियों को बहुत आराम मिलेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

रोहन जी, पर्यटकों की सुविधा तो ठीक है, पर रणथंभौर में पिछले कुछ समय में अवैध शिकार और सुरक्षा के मामलों पर भी वन विभाग को ऐसा ही सख्त रुख अपनाना चाहिए।

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