राजस्थान के सीकर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक अमित बुडानिया के पिता महावीर प्रसाद का निधन हो गया है। इस दुखद हादसे के सामने आते ही उनके परिवार, शुभचिंतकों और पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। महावीर प्रसाद भारतीय सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी थे और घटना के वक्त खुद ही अपनी कार चलाकर सफर कर रहे थे। अचानक हुए इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
रामगढ़ इलाके में हुआ भीषण हादसा
यह पूरा हादसा सीकर जिले के रामगढ़ इलाके में सदीनसर गांव के पास पेश आया। महावीर प्रसाद अपनी कार से किसी काम से जा रहे थे, तभी अचानक उनकी चलती गाड़ी का टायर फट गया। टायर फटने के कारण कार का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर सड़क पर आगे चल रहे एक ट्रोले से जोरदार तरीके से जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया और महावीर प्रसाद को संभलने का कोई मौका नहीं मिला, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
टायर फटने से बिगड़ा गाड़ी का संतुलन
घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लेते हुए तुरंत परिजनों को इस अनहोनी की सूचना दी। हादसे की खबर फैलते ही आसपास के लोगों की भारी भीड़ वहां जमा हो गई। पुलिस ने तुरंत औपचारिक कार्रवाई शुरू की और शव को कब्जे में लेकर रात के वक्त ही उसका पोस्टमार्टम करवाया गया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कार का अचानक टायर फटना ही इस भयावह दुर्घटना की मुख्य वजह बना।
सेना से सेवानिवृत्त थे महावीर प्रसाद
मृतक महावीर प्रसाद सेना के एक सेवानिवृत्त अधिकारी थे, जिन्होंने देश की सेवा की थी। उनके बेटे अमित बुडानिया वर्तमान में झालावाड़ जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जैसे ही इस दुर्घटना की खबर झालावाड़ और सीकर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। दूर-दूर से रिश्तेदार, परिचित और प्रशासनिक अधिकारी शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचने लगे। इस दुर्घटना ने एक बार फिर इस बात को रेखांकित कर दिया है कि वाहन चलाते वक्त टायर्स की स्थिति और तकनीकी पहलुओं की नियमित जांच कितनी जरूरी है। पुलिस इस पूरे मामले में आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया में जुटी हुई है।




















