राजस्थान के अजमेर जिले के अंतर्गत आने वाले किशनगढ़ से एक चौंकाने वाली और बेहद दुखद घटना सामने आई है। इस समय प्रदेश में नगरीय निकाय चुनावों का माहौल पूरे चरम पर है और सभी राजनीतिक दल और प्रत्याशी प्रचार-प्रसार में पूरी तरह जुटे हुए हैं। ऐसे में अजमेर जिले के राजनीतिक हलकों में उस समय खलबली मच गई जब वार्ड संख्या 36 से जुड़े रिखब चंद रील का अचानक निधन हो गया। उनकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है जिससे उनके परिवार के साथ-साथ उनके तमाम समर्थकों में भी गहरी मायूसी छा गई है और हर कोई स्तब्ध है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रिखब चंद रील हाल ही में अपने एक रिश्तेदार यानी जीजा के रिटायरमेंट कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अजमेर जिले के ही सरवाड़ कस्बे में पहुंचे हुए थे। उसी समारोह के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इस मनहूस खबर के मिलते ही उनके घर में कोहराम मच गया और परिजन तत्काल सरवाड़ की तरफ रवाना हो गए। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि उनकी मौत की असल वजह क्या थी। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय सरवाड़ थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट हाथ आने के बाद ही मौत के असली कारणों से पर्दा उठ सकेगा।
चुनाव में पर्चा दाखिल करने के ठीक अगले दिन हुआ हादसा
इस पूरी दुर्घटना का सबसे ज्यादा मर्मस्पर्शी पहलू यह है कि रिखब चंद रील ने निकाय चुनाव के इस घमासान में उतरने के लिए महज एक दिन पहले ही अपना नामांकन दाखिल किया था। पार्टी के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर मची खींचतान और मनमुटाव के चलते उन्होंने बागी तेवर दिखाते हुए चुनावी मैदान में उतरने का कड़ा फैसला लिया था और बतौर निर्दलीय प्रत्याशी अपना पर्चा भरा था।
कल तक जिस व्यक्ति को राजनीतिक रणभूमि में उतरने की तैयारियां करते हुए देखा गया था, आज उनके असमय निधन की खबर ने सबको झकझोर कर रख दिया है। उनके करीबी और शुभचिंतक इस बात पर विश्वास ही नहीं कर पा रहे हैं कि कुछ घंटे पहले ही सक्रिय रूप से चुनाव लड़ने की बात करने वाले रिखब चंद रील अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनके इस तरह अचानक चले जाने से किशनगढ़ की स्थानीय राजनीति में खालीपन आ गया है और वार्ड संख्या 36 के मतदाताओं तथा उनके चाहने वालों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।



















