राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थानीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुकी है। राजनीतिक सरगर्मी के इस माहौल में आज नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन था, जिसके चलते जिला मुख्यालय से लेकर विभिन्न उपखंड कार्यालयों के परिसरों में भारी भीड़ नजर आई। जिले भर के कुल 155 वार्डों में पार्षद पद के लिए भाग्य आजमाने वाले उम्मीदवारों और उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सुबह होते ही तमाम नामांकन केंद्रों के बाहर लंबी लाइनें लग गईं और पूरा इलाका राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया।
प्रशासनिक चौकसियां और सुरक्षा प्रबंध
अंतिम दिन भारी भीड़ जुटने की संभावना को भांपते हुए जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क मुद्रा में दिखाई दिया। कानून और शांति व्यवस्था की स्थिति को बेदाग बनाए रखने के वास्ते सभी नामांकन स्थलों पर सुरक्षा के अत्यंत कड़े इंतजाम किए गए थे। अप्रिय स्थितियों से निपटने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार निगरानी और सक्रियता के कारण पूरी नामांकन प्रक्रिया बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कर ली गई।
समय सीमा का कड़ाई से पालन
निर्वाचन आयोग की ओर से तय किए गए नियमों के मुताबिक पर्चे दाखिल करने की अंतिम समय सीमा दोपहर तीन बजे तक की ही थी। प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा समय-समय पर लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणाएं की जा रही थीं। ठीक दोपहर तीन बजने से कुछ मिनट पहले अनाउंसमेंट के जरिए उम्मीदवारों को चेतावनी दी गई ताकि जो लोग परिसर के भीतर आना चाहते हैं, वे तय समय के भीतर प्रवेश पा सकें। जैसे ही घड़ी में तीन बजे, चुनावी नियमों का अक्षरशः पालन करते हुए रिटर्निंग ऑफिस के मुख्य चैनल गेट को बंद कर दिया गया। गेट बंद होने के पश्चात किसी भी नए व्यक्ति या प्रत्याशी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे यह साफ हो गया कि पूरी कार्यवाही नियत समय पर ही समाप्त हुई।
अब आगे क्या होगी प्रक्रिया
जिले के विभिन्न शहरी निकायों के अंतर्गत आने वाले 155 वार्डों के लिए आज आखिरी दिन बड़ी तादाद में उम्मीदवारी के दस्तावेज जमा हुए हैं। राजनीतिक दलों द्वारा घोषित प्रत्याशियों के अलावा कई निर्दलीय और बागी चेहरों ने भी अंतिम पलों में अपने पर्चे भरकर चुनावी मुकाबले को काफी दिलचस्प बना दिया है। नामांकन का वक्त समाप्त होने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर मिले सभी आवेदनों की स्क्रूटनी यानी जांच का काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद नाम वापसी की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद ही यह तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी कि मैदान में कुल कितने प्रत्याशी ताल ठोक रहे हैं। फिलहाल नामांकन का यह चरण सफलता से पूरा होने के बाद सभी राजनीतिक दलों की नजरें आगे आने वाले चरणों पर टिक गई हैं।



















