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कोलकाता जाने की तैयारी कर रहे इंडिगो यात्री की जयपुर हवाई अड्डे पर तबीयत बिगड़ने से मौतराजस्थान
3 सित॰ 2026, 2:52 pm (1 दिन पहले)· 3

कोलकाता जाने की तैयारी कर रहे इंडिगो यात्री की जयपुर हवाई अड्डे पर तबीयत बिगड़ने से मौत

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चेक-इन के दौरान कोलकाता जा रहे इंडिगो यात्री को सीने में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

इंडिगो की फ्लाइट से कोलकाता जाने की तैयारी कर रहे एक यात्री की जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। एयरपोर्ट के चेक-इन एरिया में औपचारिकताएं पूरी करते समय इस व्यक्ति को सीने में तेज दर्द महसूस हुआ और वह बेहोश होकर नीचे गिर पड़ा। इस अप्रत्याशित घटना से एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद लोग घबरा गए।

चेक-इन काउंटर के पास हुआ हादसा

यह दुखद वाकया उस समय पेश आया जब यात्री इंडिगो एयरलाइंस के चेक-इन काउंटर के बिल्कुल सामने लाइन में खड़ा था। यात्रा दस्तावेज और बोर्डिंग औपचारिकताएं पूरी करने के दौरान ही उसे सीने में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत हुई। कुछ ही पलों में यात्री अचेत होकर फर्श पर गिर गया। नजारा देखते ही काउंटर पर तैनात एयरलाइन्स के कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई। उन्होंने तत्काल स्थिति को संभाला और बिना कोई समय गंवाए एयरपोर्ट की मेडिकल इमरजेंसी टीम को तुरंत मौके पर बुला लिया।

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अस्पताल ले जाने का प्रबंध

घटना की गंभीरता को देखते हुए एयरपोर्ट प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने यात्री की प्राथमिक स्थिति का जायजा लिया और तुरंत एक एम्बुलेंस का इंतजाम किया गया। अचेत यात्री को अविलंब इलाज के लिए पास के चिकित्सा केंद्र ले जाने का फैसला किया गया। एयरपोर्ट परिसर से बाहर निकालकर मरीज को पास में स्थित चिकित्सा सुविधा तक जल्द से जल्द पहुंचाया गया ताकि उसकी जान बचाई जा सके।

इलाज के दौरान तोड़ा दम

यात्री को जयपुर में जवाहर सर्किल के पास स्थित एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने मरीज की हालत संभालते हुए उसे बचाने की हरसंभव कोशिश की। हालांकि, उसकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी और तमाम चिकित्सा प्रयासों के बावजूद डॉक्टरों की टीम उसे बचा नहीं सकी। इलाज के दौरान ही यात्री ने दम तोड़ दिया। अस्पताल के चिकित्सकों और शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, मरीज की जान जाने का मुख्य कारण कार्डियक अरेस्ट यानी दिल का दौरा पड़ना रहा।

सवाल-जवाब

जयपुर एयरपोर्ट पर क्या घटना घटी?
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कोलकाता जाने वाले एक इंडिगो यात्री को चेक-इन के दौरान कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
यात्री किस एयरलाइन की फ्लाइट से यात्रा कर रहा था?
यात्री इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से कोलकाता जाने के लिए चेक-इन काउंटर पर औपचारिकताएं पूरी कर रहा था।
घटना के बाद यात्री को किस अस्पताल ले जाया गया?
यात्री को एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा एम्बुलेंस से जयपुर में जवाहर सर्किल के पास स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया था।
डॉक्टरों के अनुसार यात्री की मौत का मुख्य कारण क्या था?
अस्पताल के डॉक्टरों और शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार मौत का प्राथमिक कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·23 घंटे पहले

जयपुर हवाई अड्डे पर हुई इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने विमानन क्षेत्र में आपातकालीन स्वास्थ्य प्रबंधन और बुनियादी ढांचे की तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश के व्यस्त टर्मिनलों पर लगातार बढ़ती भीड़ और चेक-इन काउंटरों के पास प्राथमिक चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता अब यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से एक नीतिगत अनिवार्यता बन गई है। एयरलाइंस और हवाई अड्डा प्रशासनों को मिलकर ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए ऑन-ग्राउंड मेडिकल रिस्पांस को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह के मेडिकल इमरजेंसी मामलों में कीमती जानें बचाई जा सकें।

Ravikash Gupta@ravikash·23 घंटे पहले

अर्जुन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस घटना का असर वित्तीय बाज़ारों और विमानन कंपनियों की कॉरपोरेट नीतियों पर भी पड़ सकता है। यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच, ऐसी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्राउंड स्टाफ की ट्रेनिंग पर बड़ा पूंजीगत निवेश अब समय की मांग बन गया है। निवेशकों और शेयर बाज़ार विश्लेषकों की नज़र भी अब विमानन क्षेत्र के सुरक्षा मानकों और सेवा गुणवत्ता पर टिक गई है, जिससे भविष्य में एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटर्स को सुरक्षा अनुपालन पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

यह घटना हवाई अड्डों पर बढ़ती स्वास्थ्य आपातकालीन स्थितियों और चिकित्सीय प्राथमिक उपचार प्रणालियों की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। भीड़भाड़ वाले परिवहन केंद्रों पर त्वरित मेडिकल रिस्पॉन्स और जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता को अनिवार्य बनाने के लिए नागरिक उड्डयन प्राधिकरण को सुरक्षा मानकों की नए सिरे से समीक्षा करनी चाहिए।

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

करण मल्होत्रा के इस विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह देखना होगा कि हवाई अड्डों पर बढ़ती ऐसी घटनाओं के पीछे केवल प्राथमिक उपचार की कमी नहीं, बल्कि यात्रियों की बढ़ती मानसिक और शारीरिक थकान भी है। जब चेक-इन काउंटरों जैसी जगहों पर ऐसी आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो यह स्पष्ट होता है कि भीड़भाड़ वाले परिवहन केंद्रों पर प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और स्वचालित बाह्य डिफिब्रिलेटर (AED) जैसी जीवनरक्षक तकनीकों की मौजूदगी को लेकर सख्त नीतिगत कदम उठाए जाने की तत्काल आवश्यकता है।

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