कोटा शहर से एक गंभीर दुर्घटना की जानकारी सामने आ रही है, जहां एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान चार लोग गहरे पानी में समा गए। कोटा की कोटड़ी नहर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम चल रहा था, तभी यह अप्रत्याशित हादसा हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में तीन युवक और एक नाव चालक नहर के तेज बहाव और गहराई की चपेट में आकर डूब गए। जैसे ही इस घटना की सूचना प्रशासनिक अमले और स्थानीय लोगों को मिली, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत बचाव कार्यों की शुरुआत की गई।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी दुर्घटना कोटा स्थित कोटड़ी नहर में उस समय घटी जब लोग पारंपरिक रूप से दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन कर रहे थे। इस धार्मिक आयोजन के दौरान नाव पर सवार होकर कुछ लोग मूर्ति विसर्जन की प्रक्रिया में शामिल थे। अचानक संतुलन बिगड़ने या अन्य कारणों से नाव पर सवार लोग और नाव चालक नहर में गिर गए, जिससे यह गंभीर स्थिति पैदा हो गई। हालांकि अभी तक यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विसर्जन के दौरान नाव किस स्थिति में थी और यह दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई। इसके अलावा, डूबने वाले तीनों युवक किस विशिष्ट इलाके के रहने वाले हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। घटना के विस्तृत कारणों का पता लगाने के लिए प्रशासनिक जांच और अन्य जानकारियों का इंतजार किया जा रहा है।
मौके पर पहुंची गोताखोरों की टीम और तलाश अभियान
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत दल हरकत में आ गए। तुरंत गोताखोरों की एक विशेष टीम को कोटड़ी नहर के घटनास्थल पर भेजा गया, जिसने पहुंचते ही अपना बचाव और तलाशी अभियान शुरू कर दिया। वर्तमान में गोताखोरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती नहर के अंदर लापता हुए तीनों युवकों और नाव चालक को ढूंढ निकालना है। गोताखोर नहर के ठंडे और गहरे पानी में उतरकर लगातार खोजबीन कर रहे हैं। घटनास्थल पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई है और सभी की नजरें इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं। हालांकि, अभी तक किसी भी लापता व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने या उनके बारे में कोई ठोस सुराग मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
घटना के बाद मौके पर चिंता और अनिश्चितता का माहौल
नहर में एक साथ चार लोगों के डूबने की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों में गहरी चिंता का माहौल बन गया है। लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल के पास एकत्र हो गए हैं और राहत कार्यों की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। शुरुआती पलों में मची अफरा-तफरी के बाद अब पूरा ध्यान केवल गोताखोरों द्वारा चलाए जा रहे तलाशी अभियान पर केंद्रित है। यह हादसा कैसे हुआ, डूबे हुए लोगों की वास्तविक पहचान क्या है और क्या उन्हें समय रहते बचाया जा सकेगा, इन सभी सवालों के जवाब अभी मिलने बाकी हैं। स्थानीय प्रशासन और बचाव दल लगातार अपनी कोशिशों में जुटे हैं ताकि जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट हो सके और लापता लोगों का कोई सुराग मिल सके।

















