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त्योहारी सीजन में रेलवे का बड़ा कदम, अश्विनी वैष्णव ने बताई 18 हजार स्पेशल ट्रेनों की पूरी योजनादिल्ली
6 नव॰ 2026, 5:58 pm (5 घंटे पहले)· 0

त्योहारी सीजन में रेलवे का बड़ा कदम, अश्विनी वैष्णव ने बताई 18 हजार स्पेशल ट्रेनों की पूरी योजना

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर त्योहारों की व्यवस्था का जायजा लिया और बताया कि इस साल दिवाली और छठ के मद्देनजर करीब 18 हजार स्पेशल ट्रेनें संचालित की जा रही हैं।

त्योहारों के इस व्यस्त दौर में यात्रियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन ने अपनी तैयारियों को व्यापक रूप दे दिया है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जानकारी दी कि इस festive season के दौरान देशभर में करीब 18 हजार विशेष गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है, ताकि लोगों को सफर के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

यात्री ट्रैफिक और डिमांड का डेटा विश्लेषण

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पिछले 10 साल के यात्री आंकड़ों का गहराई से अध्ययन किया गया है। रेलवे ने उन रूटों और शहरों की पहचान की है जहां से त्योहारों के वक्त सबसे अधिक संख्या में यात्री सफर करते हैं और किन गंतव्यों के लिए डिमांड सबसे ज्यादा रहती है। इसी विस्तृत डेटा के आधार पर ब्लूूप्रिंट तैयार किया गया है ताकि यह तय किया जा सके कि किस सेक्टर में कितनी अतिरिक्त गाड़ियों की आवश्यकता है और कहां पर विशेष प्रबंध करने की जरूरत है।

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धनतेरस और छठ पूजा के खास पैटर्न

विगत वर्षों के अनुभव से यह बात सामने आई है कि केवल दिवाली के दिन ही नहीं बल्कि धनतेरस के आसपास यात्रियों का भारी रेला उमड़ता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए धनतेरस के मौके पर अधिक संख्या में स्पेशल ट्रेनों को पटरियों पर उतारा गया है। इसी तरह दिवाली के ठीक बाद और छठ पूजा शुरू होने से लगभग तीन दिन पहले पैसेंजर्स की संख्या में अचानक भारी उछाल आता है। रेलवे ने इस ट्रेंड को भी अपनी प्लानिंग में शामिल किया है ताकि हर साल के अनुभवों से सीख लेकर व्यवस्थाओं को और अधिक उन्नत बनाया जा सके। देश में लगातार बढ़ रहे रेल यात्रियों के अनुपात में सुविधाएं भी लगातार बढ़ाई जा रही हैं।

यात्रियों के लिए विशेष होल्डिंग एरिया

स्टेशन परिसर में भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा होल्डिंग एरिया विशेष तौर पर रिजर्व टिकट वाले यात्रियों के वास्ते तैयार किया गया है। पहले नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्रवेश के लिए कुल 6 अलग-अलग द्वार हुआ करते थे, जिसकी वजह से अक्सर यात्रियों में असमंजस की स्थिति बन जाती थी कि उन्हें किस गेट से अंदर जाना है। अब इन सभी बिखरी हुई व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करके एक केंद्रीय स्थान पर केंद्रित कर दिया गया है।

अंदरूनी हिस्से को किया गया खाली

पहले लगेज स्कैनिंग और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं स्टेशन भवन के भीतर ही पूरी की जाती थीं। अब इन सभी जांच सुविधाओं को बाहर की तरफ शिफ्ट कर दिया गया है, जिससे स्टेशन के अंदर टिकटिंग हॉल और वेटिंग एरिया काफी खुला-खुला और सुविधाजनक हो गया है। इस नए बदलाव से यात्रियों को ट्रेन पकड़ने और इंतजार करने में काफी सहूलियत मिल रही है। सामान्य दिनों में दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर लगभग 5 लाख यात्री रोजाना आवागमन करते हैं, लेकिन फेस्टिव सीजन के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर करीब 8 लाख तक पहुंच जाता है। मौजूदा दिन भी भारी भीड़भाड़ वाला है, जिसे संभालने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम

भीड़भाड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त रेल कर्मचारियों की तैनाती बढ़ाई गई है और जगह-जगह होल्डिंग जोन्स बनाए गए हैं। रेलवे की प्राथमिकता यह है कि यात्रियों को ज्यादा देर तक कतारों में न खड़ा होना पड़े और वे न्यूनतम समय में अपने निर्धारित प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकें। जहां भी कंजेशन या अत्यधिक भीड़ की संभावना दिखती है, वहां तुरंत त्वरित कदम उठाए जाते हैं। यात्रियों को रोकने, उन्हें डायवर्ट करने और अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। देश के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी इसी तर्ज पर होल्डिंग एरिया विकसित किए गए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पिछले साल के त्योहारों के दौरान लगभग 12 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं, जिनमें से कई लोकप्रिय गाड़ियों को बाद में नियमित सेवाओं में तब्दील कर दिया गया था।

त्योहारों पर यात्रियों की सुविधा से जुड़ी अन्य खबरों के लिए पढ़ें दिल्ली मेट्रो के समय में बदलाव और कर्मभूमि एक्सप्रेस हादसे से जुड़ी अपडेट।

सवाल-जवाब

इस त्योहारी सीजन में कुल कितनी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार इस साल दिवाली और छठ के सीजन में करीब 18 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों की योजना कैसे बनाई है?
रेलवे ने पिछले 10 साल के आंकड़ों का अध्ययन करके यह योजना बनाई है कि किस रूट पर यात्रियों की मांग सबसे ज्यादा रहती है।
त्योहारों के समय नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या कितनी हो जाती है?
सामान्य दिनों में रोजाना करीब 5 लाख यात्री आवागमन करते हैं, जो त्योहारों के समय बढ़कर लगभग 8 लाख तक पहुंच जाती है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए क्या नया इंतजाम किया गया है?
आरक्षित टिकट वाले यात्रियों के लिए एक बड़ा होल्डिंग एरिया बनाया गया है और लगेज जांच की सुविधा को स्टेशन के बाहर कर दिया गया है।
पिछले साल त्योहारों के दौरान कितनी स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं?
पिछले साल त्योहारों के दौरान लगभग 12 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं।
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टिप्पणियाँ 5

Li Wei@li-wei·41 मिनट पहले

त्योहारों पर ट्रेनों की भीड़ से निपटने के लिए 18 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाना बड़ा कदम है, खासकर दिल्ली जैसे स्टेशनों पर डेटा के हिसाब से यह प्लानिंग काफी राहत देगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·51 मिनट पहले

अठारह हजार ट्रेनें सुनने में तो बहुत बड़ी संख्या लगती है, पर दिवाली और छठ के वक्त दिल्ली स्टेशन की जो भीड़ मैंने अपनी आँखों से देखी है, उसके सामने यह भी कम पड़ जाती है। एंट्री गेट एक जगह करने और चेकिंग बाहर करने से धक्का-मुक्की जरूर थोड़ी कम होगी।

Priya Sharma@priya-sharma·50 मिनट पहले

अर्जुन, भीड़ कम होने की बात ठीक है, पर मुझे लगता है कि 18 हज़ार ट्रेनें कागज़ पर जितनी बड़ी लगती हैं, ज़मीन पर उतनी राहत शायद न मिल पाए।

Rohan Verma@rohan-verma·4 घंटे पहले

अश्विनी वैष्णव का ये कहना सही है कि पिछले दस साल के डेटा से रूट और डिमांड समझी जा सकती है। नई दिल्ली स्टेशन पर एंट्री गेट छह से घटाकर एक करना और स्कैनिंग बाहर करना वाकई भीड़भाड़ कम करने में मदद करेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 घंटे पहले

रोहन भाई, आपकी बात सही है। पिछली बार छठ पर नई दिल्ली स्टेशन पर जो भगदड़ जैसे हालात देखे थे, उसके बाद से एंट्री और स्कैनिंग बाहर करना बहुत जरूरी लग रहा था।

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