दौसा जिले के लालसोट थाना इलाके में एक बुजुर्ग महिला के मकान में हुई बड़ी चोरी की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। मकान में किराएदार के रूप में रहने वाली एक युवती ने अपने साथी के साथ मिलकर घर में रखे करीब 20 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया था। वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी किराएदार युवती और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही चोरी किए गए समस्त आभूषण भी उनके कब्जे से बरामद कर लिए गए हैं।
मकान में अकेली रहने वाली बुजुर्ग महिला को बनाया निशाना
यह पूरी घटना लालसोट थाना क्षेत्र में रहने वाली बुजुर्ग महिला गुड्डी देवी जैन के घर पर हुई। गुड्डी देवी अपने मकान में अकेली जीवन यापन कर रही थीं, जिसका लाभ उठाने के उद्देश्य से आरोपियों ने साजिश रची। उनके मकान के एक हिस्से में उमा मीणा नाम की युवती किराएदार बनकर रह रही थी। काफी समय से उसी परिसर में रहने के कारण उमा को मकान की पूरी बनावट, कमरों की स्थिति और वहां रखे कीमती सामान के बारे में बारीक जानकारियां हो चुकी थीं। जब उसे इस बात का पूरा यकीन हो गया कि बुजुर्ग महिला बिल्कुल अकेली हैं और घर में सोने के भारी आभूषण रखे हुए हैं, तब उसने वारदात को अंजाम देने का मन बनाया।
साथी के साथ मिलकर रची गई थी चोरी की साजिश
पुलिस जांच में यह बात स्पष्ट हुई है कि उमा मीणा ने इस वारदात को अकेले अंजाम नहीं दिया, बल्कि इसमें कैलाश मीणा नाम के अपने साथी को भी शामिल किया। उमा लगातार घर की हर गतिविधि और सोने के जेवरात पर नजर रखे हुए थी। सही मौका मिलते ही दोनों ने योजनाबद्ध तरीके से घर में रखे कीमती गहनों को पार कर दिया। वारदात को सफलतापूर्वक अंजाम देने के तुरंत बाद उमा ने चोरी किए गए सभी आभूषण अपने साथी कैलाश को थमा दिए, ताकि किसी को उस पर सीधे तौर पर कोई शक न हो सके।
चार चूड़ियां और सोने की चेन सहित 20 लाख के गहने बरामद
पीड़ित परिवार और बुजुर्ग महिला की ओर से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जब चोरी गए सामान का आकलन किया, तो उसमें कई कीमती आभूषण शामिल पाए गए। आरोपियों ने अलमारी से चार सोने की चूड़ियां, एक सोने की चेन, दो सोने की अंगूठियां और दो सोने की झुमकियां गायब की थीं। इन सभी आभूषणों का कुल बाजार मूल्य करीब 20 लाख रुपये आंका गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन तफ्तीश का दायरा बढ़ाया और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी। संदेह के आधार पर जब किराएदार उमा मीणा की गतिविधियों की पड़ताल की गई, तो उसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई।
पूछताछ में कबूला जुर्म, पुलिस खंगाल रही बाकी कड़ियां
सख्ती से पूछताछ करने पर किराएदार उमा मीणा और उसके सहयोगी कैलाश मीणा ने चोरी की पूरी बात स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चुराए गए सभी आभूषण सुरक्षित बरामद कर अपने कब्जे में ले लिए। लालसोट थाना पुलिस अब दोनों आरोपियों को हिरासत में रखकर गहन पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि इस चोरी की रूपरेखा कब और कहां तैयार की गई थी, वारदात के समय किसने क्या भूमिका निभाई और क्या इन दोनों का किसी अन्य पुरानी वारदात से भी कोई संबंध रहा है।
















