सोमवार दोपहर गुलाबी नगरी के मौसम में यकायक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जिससे लंबे समय से चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी की मार झेल रहे नागरिकों को बड़ी राहत पहुंची। दोपहर चढ़ने तक शहर में तेज गर्मी का अहसास बना हुआ था, परंतु कुछ ही पलों के भीतर पूरे आसमान पर घने काले बादलों ने डेरा जमा लिया। इसके तुरंत पश्चात कई आवासीय तथा व्यापारिक क्षेत्रों में फुहारें गिरनी शुरू हो गईं। बारिश की इन नन्हीं बूंदों के संग चली शीतल बयार ने समूचे वातावरण की तपिश मिटा दी और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे दिन का माहौल खुशनुमा हो गया।
चारदीवारी से लेकर बाहरी कॉलोनियों तक बरसी फुहारें
हल्की वर्षा का यह दौर नगर के विभिन्न हिस्सों में एक साथ देखा गया। ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र के बाजारों में रिमझिम बूंदें गिरीं, जिसने वहां की चहल-पहल को बिल्कुल नया रंग दे दिया। इसके अलावा वैशाली नगर, मालवीय नगर तथा राजापार्क जैसे प्रमुख इलाकों में भी हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई। यद्यपि मेघ बहुत वेग से नहीं बरसे, फिर भी उमस के थपेड़ों से बेहाल हो रहे बाशिंदों के चेहरे खिल उठे। मार्ग पर चल रहे राहगीरों तथा खुले में सफर कर रहे दोपहिया वाहन चालकों ने ठंडी हवाओं के स्पर्श से तत्काल ताजगी का अनुभव किया और मौसम को लेकर लोगों के बीच उत्साहपूर्ण चर्चाएं छिड़ गईं।
अचानक छाए घटाटोप बादल और गिरा दिन का पारा
सोमवार को प्रकृति का यह मिजाज अप्रत्याशित ढंग से बदला। आसमान में पहले बादलों के छिटपुट टुकड़े उमड़े और देखते ही देखते घटाटोप बादलों ने विस्तृत भूभाग को अपनी आगोश में ले लिया। बादलों के छाते ही दिन के समय चुभने वाली गर्मी का प्रभाव एकदम घट गया। शीतल पवन के झोंकों ने उमस से पस्त लोगों को सुकून का अहसास कराया। बूंदाबांदी होते ही कई स्थानों पर लोग भीगने से बचने के लिए शेड, दुकानों और पेड़ों की छांव में खड़े नजर आए, किंतु बारिश हल्की रहने से दैनिक जनजीवन व कारोबारी कामकाज पर कोई गहरा ठहराव नहीं आया। दोपहिया सवारों के लिए यह फुहार भरी बयार यात्रा की थकान को दूर करने वाली साबित हुई।
मौसम विभाग ने जारी किया गरज-चमक का पूर्वानुमान
वातावरण में आए इस बदलाव को देखते हुए मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले कुछ घंटों के दौरान जयपुर में मेघगर्जन के साथ तेज वर्षा की संभावना व्यक्त की है। मौसम केंद्र के आकलन के अनुसार शहर का आसमान तत्काल साफ होने के आसार नहीं हैं, बल्कि कुछ समय तक बादलों का जमावड़ा और वर्षा की गतिविधियां निरंतर जारी रह सकती हैं। इस पूर्वानुमान के मद्देनजर नागरिकों को बदलती मौसमी परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से दोपहिया चालकों को निर्देश है कि यदि बारिश की तीव्रता बढ़ती है, तो फिसलने के खतरे से बचने के लिए मार्गों पर संभलकर गति नियंत्रित रखें।
फुहारों के बाद प्रमुख मार्गों पर धीमा हुआ वाहनों का पहिया
हल्की वर्षा शुरू होने के उपरांत राजधानी की मुख्य सड़कों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। एकाएक मौसम सुहावना होते ही सड़कों पर गाड़ियों का आवागमन काफी बढ़ गया, जिससे कई संकरे चौराहों और मुख्य मार्गों पर वाहनों की कतारें लग गईं और जाम के हालात बन गए। एक तरफ जहां गिरती बूंदों ने शहर को तपन से निजात दिलाई, वहीं दूसरी ओर व्यस्त समय में बढ़े ट्रैफिक ने अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे मुसाफिरों की दुश्वारियां कुछ हद तक बढ़ा दीं। फिलहाल समूचे जयपुर में बादलों की सक्रियता बनी हुई है, हवा में ठंडक घुल चुकी है और अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आगामी घंटों में बारिश कितना जोर पकड़ती है।
















