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मनचलों पर कसता शिकंजा, राजस्थान में 600 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और 65 एंटी रोमियो दस्तों की तैनातीराजस्थान
24 अग॰ 2026, 12:48 pm (1 घंटे पहले)· 2

मनचलों पर कसता शिकंजा, राजस्थान में 600 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और 65 एंटी रोमियो दस्तों की तैनाती

राजस्थान पुलिस ने महिला सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए 600 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड तैनात किए हैं। सादे कपड़ों में गश्त और नीली वर्दी में स्कूटर पेट्रोल्स के जरिए मनचलों पर नकेल कसी जा रही है।

राजस्थान में महिलाओं, छात्राओं और बच्चों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने और सार्वजनिक स्थानों पर भयमुक्त माहौल बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार और पुलिस महकमे ने एक विस्तृत सुरक्षा ढांचा तैयार किया है। इस अभियान के तहत प्रदेश भर में 600 'कालिका पेट्रोलिंग यूनिट' और 65 'एंटी-रोमियो स्क्वॉड' को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है। इस समर्पित महिला पुलिस बल का मुख्य ध्येय असामाजिक तत्वों, मनचलों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर कठोरता से नकेल कसना है।

सादे कपड़ों में गुप्त निगरानी और मौके पर कार्रवाई

अगस्त 2024 में गठित कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की सबसे प्रमुख विशेषता इसकी गुप्त कार्यशैली है। पारंपरिक खाकी वर्दी के बजाय इस दस्ते की महिला पुलिसकर्मी सादे कपड़ों यानी सिविल ड्रेस में तैनात रहती हैं। यह टीम संवेदनशील स्थानों जैसे कि स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और प्रमुख व्यापारिक बाजारों में आम नागरिकों के बीच गुप्त रूप से गश्त करती है।

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सादे कपड़ों में तैनात होने के कारण असामाजिक तत्व और मनचले पुलिसकर्मियों को पहचान नहीं पाते हैं। सड़कों, चौराहों या सार्वजनिक वाहनों के पास महिलाओं व छात्राओं के साथ छींटाकशी, फब्तियां कसने, छेड़छाड़ या पीछा करने जैसी कोई भी घटना होते ही महिला पुलिसकर्मी आरोपियों को रंगे हाथों धर दबोचती हैं। सबसे खास बात यह है कि यह टीम किसी औपचारिक शिकायत का इंतजार किए बिना मौके पर ही त्वरित कार्रवाई कर विधिक प्रक्रिया शुरू कर देती है, जिससे अपराधियों में गहरा खौफ बना हुआ है।

नीली वर्दी, काले स्कूटर और प्रशासनिक मजबूती

गुप्त कार्रवाई के साथ-साथ सड़कों पर दृश्यमान पुलिस मौजूदगी बनाए रखने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। सक्रिय की गई 600 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला पुलिसकर्मी विशेष नीली वर्दी पहनकर काले रंग के स्कूटरों पर गश्त करती हैं। यह पेट्रोल्स धार्मिक स्थलों, भीड़भाड़ वाले मॉल, मुख्य बाजारों, बस डिपो और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास लगातार चक्कर लगाकर असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखती हैं। वहीं 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड मुख्य रूप से मनचलों की धरपकड़ और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

इस सुरक्षा व्यवस्था को केवल अस्थाई गश्त तक सीमित न रखकर दीर्घकालिक आधार देने के लिए राजस्थान सरकार ने पुलिस विभाग में 2,216 नए पदों की स्वीकृति जारी की है। इस नए जनबल की उपलब्धता से कालिका यूनिट और एंटी रोमियो दस्तों का दायरा शहरी क्षेत्रों से निकलकर दूर-दराज के ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों तक विस्तृत किया जा सकेगा।

आत्मरक्षा प्रशिक्षण और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता

कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई के अतिरिक्त, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट जागरूकता अभियानों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य भी कर रही है। यह दस्ता राज्य भर के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्राओं को आत्मरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस के व्यावहारिक गुर सिखाता है ताकि वे विषम परिस्थितियों में अपना बचाव कर सकें।

इसके साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त करने के माध्यमों की जानकारी भी दी जा रही है। छात्राओं और महिलाओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, आपातकालीन सेवा डायल 112 और राजस्थान पुलिस के विशेष 'राजकोप ऐप' का उपयोग करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि किसी भी संकट के समय एक क्लिक या कॉल पर त्वरित मदद पहुंचाई जा सके।

सवाल-जवाब

राजस्थान में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट का गठन कब हुआ था?
कालिका पेट्रोलिंग यूनिट का गठन अगस्त 2024 में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया था।
राजस्थान में कितनी कालिका यूनिट और एंटी रोमियो स्क्वॉड सक्रिय हैं?
प्रदेश भर में 600 कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड को पूरी तरह सक्रिय किया गया है।
कालिका पेट्रोलिंग यूनिट किस प्रकार कार्य करती है?
यह यूनिट सादे कपड़ों में गुप्त निगरानी करने के साथ-साथ विशेष नीली वर्दी में काले स्कूटरों पर सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास गश्त करती है।
आपात स्थिति में महिलाएं किन हेल्पलाइन नंबरों या ऐप की मदद ले सकती हैं?
महिलाएं महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, आपातकालीन नंबर डायल 112 या राजस्थान पुलिस के राजकोप ऐप के जरिए तुरंत सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
राजस्थान सरकार ने इस सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कितने नए पदों की मंजूरी दी है?
सरकार ने महिला सुरक्षा और गश्त व्यवस्था को दूर-दराज के क्षेत्रों तक विस्तारित करने के लिए 2,216 नए पदों की स्वीकृति जारी की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·39 मिनट पहले

राजस्थान सरकार का यह कदम उत्तर प्रदेश के 'एंटी रोमियो स्क्वॉड' मॉडल से प्रेरित प्रतीत होता है, जिसे अब और अधिक पेशेवर रूप दिया गया है। सादे कपड़ों में गुप्त निगरानी और नीली वर्दी में स्कूटर पेट्रोल्स का यह दोतरफा मॉडल मनचलों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 2,216 नए पदों की स्वीकृति से यह बल केवल शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका विस्तार ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों तक भी हो सकेगा, जिससे महिलाओं को जमीनी स्तर पर सुरक्षा का स्थायी माहौल मिलेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·39 मिनट पहले

यह दोतरफा रणनीति यानी सादे कपड़ों में गुप्त निगरानी और नीली वर्दी में दोपहिया गश्त, अपराधियों में त्वरित कार्रवाई का स्पष्ट संदेश देती है। जब औपचारिक शिकायत का इंतजार किए बिना मौके पर ही विधिक कार्रवाई शुरू होती है, तो यह न्याय व्यवस्था की प्रतिक्रिया समय को न्यूनतम करती है। नए पदों के सृजन से ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों तक इसका विस्तार होना कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक दूरदर्शी और प्रभावी कदम है।

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