मन्नारगुडी से जोधपुर जा रही एक एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल डिब्बे में अचानक उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक गर्भवती महिला यात्री को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। चलती ट्रेन में आई इस आपात स्थिति के दौरान सहयात्रियों की सूझबूझ और रेलवे के वाणिज्य नियंत्रण कक्ष की त्वरित कार्रवाई ने एक सुरक्षित प्रसव को मुमकिन बनाया। महिला ने ट्रेन के भीतर ही एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया, जिसके बाद अगले स्टेशन पर पहले से तैयार डॉक्टरों के दल ने दोनों की देखभाल की।
कोटा स्टेशन से निकलते ही शुरू हुआ दर्द
यह घटना गाड़ी संख्या 22674 मन्नारगुडी-जोधपुर एक्सप्रेस के सामान्य कोच में घटी। 26 वर्षीय शारदा अपने पति और परिवार की 5 से 6 महिला सदस्यों के साथ जोधपुर जाने के लिए ट्रेन में यात्रा कर रही थीं। सुबह 05:35 बजे ट्रेन जब कोटा रेलवे स्टेशन से आगे की यात्रा के लिए रवाना हुई, तो कुछ ही मिनटों बाद शारदा को असहनीय प्रसव पीड़ा महसूस होने लगी। बीच रास्ते में चलती ट्रेन के अंदर अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने से परिवार के सभी लोग बेहद घबरा गए और मदद के रास्ते तलाशने लगे।
रेल मदद के जरिए नियंत्रण कक्ष तक पहुंची गुहार
कोच में मौजूद एक सतर्क सहयात्री ने संकट की गंभीरता को भांपते हुए फौरन रेल मदद का उपयोग किया और कोटा वाणिज्य नियंत्रण कक्ष को मामले की पूरी जानकारी दी। इस डिजिटल शिकायत और सूचना के दर्ज होते ही वाणिज्य विभाग ने तेजी दिखाई। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन के अनुसार, कोटा कंट्रोल रूम ने समय गंवाए बिना आगे के रूट पर मौजूद सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन के प्रबंधक देशराज मीणा से फोन पर संपर्क साधा और कोच की वास्तविक स्थिति से उन्हें तुरंत अवगत कराया।
सवाई माधोपुर में प्लेटफार्म पर मुस्तैद रही डॉक्टरों की टीम
सूचना मिलते ही स्टेशन प्रबंधक देशराज मीणा ने रेलवे चिकित्सालय के चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रखा। जब तक मन्नारगुडी-जोधपुर एक्सप्रेस सवाई माधोपुर के प्लेटफार्म पर पहुंचती, उससे पहले ही डॉक्टरों का दल जीवनरक्षक दवाओं और प्राथमिक प्रसव उपकरणों के साथ मौके पर तैनात हो चुका था। इस बीच, चलती गाड़ी में ही परिवार की महिलाओं के सहयोग से शारदा ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे दिया था।
प्राथमिक उपचार के बाद जच्चा और बच्चा पाए गए स्वस्थ
जैसे ही ट्रेन सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर आकर रुकी, मेडिकल स्टाफ तुरंत जनरल कोच के भीतर दाखिल हुआ। डॉक्टरों ने मां और नवजात शिशु दोनों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया और जरूरी दवाएं व प्राथमिक उपचार मुहैया कराया। चिकित्सकीय जांच में नवजात बेटा और मां दोनों पूरी तरह तंदुरुस्त पाए गए। कठिन वक्त में समय पर मिले इस सहयोग के लिए परिजनों और सहयात्रियों ने रेलवे अधिकारियों, नियंत्रण कक्ष के कर्मचारियों और अस्पताल के डॉक्टरों का आभार जताया।





















