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मिट्टी के दीये से मच्छर भगाने वाले वायरल नुस्खे की सच्चाई और इस्तेमाल के सुरक्षित नियमराजस्थान
29 अग॰ 2026, 6:58 am (58 मिनट पहले)· 2

मिट्टी के दीये से मच्छर भगाने वाले वायरल नुस्खे की सच्चाई और इस्तेमाल के सुरक्षित नियम

मानसून में मच्छरों से बचाव के लिए मिट्टी के दीये, नींबू, नमक, लौंग और कपूर वाले घरेलू नुस्खे की वैज्ञानिक सच्चाई और सुरक्षा के तरीके जानें।

बरसात और हवा में नमी बढ़ने के साथ ही घरों के भीतर मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगता है। शाम होते ही मच्छरों के काटने से न सिर्फ बीमारियां फैलने का डर रहता है, बल्कि रोजमर्रा के काम भी प्रभावित होते हैं। इस मौसम में मच्छरों से निजात पाने के लिए लोग तरह-तरह के केमिकल और कॉइल का सहारा लेते हैं। वहीं सोशल मीडिया पर मिट्टी के दीये की मदद से तैयार होने वाला एक घरेलू तरीका खूब देखा जा रहा है। इस नुस्खे में रसोई में मौजूद आसान चीजों का इस्तेमाल करके मच्छरों को भगाने का दावा किया जाता है। हालांकि इसे अपनाते समय इसके असर और सुरक्षा से जुड़े कई पहलुओं को समझना बेहद जरूरी है।

दीया नुस्खा तैयार करने की प्रक्रिया और सामग्री

इंटरनेट पर वायरल इस घरेलू नुस्खे को तैयार करना काफी आसान बताया गया है। इसके लिए सबसे पहले एक साफ मिट्टी का दीया लिया जाता है। इस दीये के अंदर थोड़ा सा ताजा नींबू का रस और साधारण नमक डाला जाता है। इसके बाद दीये में कुछ साबुत लौंग रखी जाती हैं। प्रक्रिया के आखिरी चरण में कपूर का एक छोटा टुकड़ा दीये के ऊपर रखकर उसे जला दिया जाता है। इस नुस्खे के समर्थकों का कहना है कि जब कपूर और लौंग एक साथ जलते हैं, तो उनसे निकलने वाला धुआं और तेज सुगंध वातावरण में फैल जाती है। यह गंध मच्छरों को आसपास फटकने से रोकती है।

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वैज्ञानिक सच्चाई और नुस्खे के असर की सीमाएं

इस घरेलू नुस्खे की कार्यप्रणाली को समझें तो लौंग और कपूर की तेज खुशबू में ऐसे प्राकृतिक तत्व होते हैं जो कुछ समय के लिए मच्छरों को दूर रख सकते हैं। नींबू और नमक का मिश्रण भी इस तरीके में प्रयोग किया जाता है। परंतु इसे मच्छरों को जड़ से खत्म करने का कोई पक्का या वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित इलाज नहीं माना जा सकता। अलग-अलग घरों और हवादार स्थानों पर इसका असर भिन्न हो सकता है। बंद कमरे में धुआं जमा होने से खुशबू जरूर रहती है, लेकिन खुले स्थान पर इसका प्रभाव बहुत कम हो जाता है। इसलिए इसे केवल एक अस्थाई उपाय की तरह देखा जाना चाहिए, न कि मच्छरों का संपूर्ण समाधान।

दीया जलाते समय आग से सुरक्षा के अनिवार्य नियम

यदि आप इस घरेलू उपाय को आजमाने की सोच रहे हैं, तो सुरक्षा सावधानियों का पालन करना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। मिट्टी के दीये को हमेशा समतल और सुरक्षित स्थान पर रखें। इसे कपड़े, कागज, पर्दे, बिस्तर या किसी भी अन्य ज्वलनशील वस्तु के पास बिल्कुल न रखें। जलते हुए दीये या कपूर को कभी भी बिना निगरानी के अकेला न छोड़ें। इसे छोटे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखना आवश्यक है। दीया जलाने के बाद कमरे में हवा के आने-जाने के लिए खिड़की या वेंटिलेशन खुला रखें। यदि किसी भी प्रकार का खतरा या अत्यधिक धुआं महसूस हो, तो तुरंत दीये को बुझा दें।

मच्छरों से बचाव के स्थाई और सुरक्षित उपाय

मच्छरों की समस्या से पूरी तरह बचने के लिए केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय स्वच्छता और बचाव के स्थाई तरीकों पर ध्यान देना चाहिए। घर के भीतर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें, क्योंकि ठहरे हुए पानी में ही मच्छर अंडे देते हैं और पनपते हैं। गमलों की प्लेट, कूलर की टंकी, खाली डिब्बों और छतों पर पानी एकत्र न होने दें। घर के दरवाजों और खिड़कियों पर बारीक जाली लगवाएं ताकि मच्छर अंदर न आ सकें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग सबसे सुरक्षित और प्रभावी माना जाता है। यदि मच्छरों का प्रकोप बहुत अधिक बढ़ जाए, तो विशेषज्ञों की सलाह लेकर मानक मॉस्किटो रिपेलेंट का प्रयोग करना चाहिए।

सवाल-जवाब

मिट्टी के दीये वाले नुस्खे में किन चीजों का इस्तेमाल होता है?
इस घरेलू नुस्खे में मिट्टी का दीया, नींबू का रस, नमक, लौंग और कपूर का इस्तेमाल किया जाता है।
क्या यह घरेलू तरीका मच्छरों को पूरी तरह खत्म कर देता है?
नहीं, लौंग और कपूर की गंध केवल कुछ हद तक मच्छरों को दूर रखती है। इसे मच्छरों को खत्म करने का वैज्ञानिक या पक्का उपाय नहीं माना जा सकता।
दीया जलाते समय क्या सावधानियां रखनी चाहिए?
दीये को ज्वलनशील सामान जैसे कपड़े या पर्दे से दूर रखें, जलते दीये को अकेला न छोड़ें, और बच्चों व पालतू जानवरों से दूर रखें।
कमरे में कपूर जलाने पर हवा का ध्यान कैसे रखें?
दीया या कपूर जलाने के दौरान और बाद में कमरे में वेंटिलेशन या खिड़की खुली रखें ताकि हवा का आवागमन बना रहे और धुआं न भरे।
मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए क्या करना चाहिए?
घर के आसपास, गमलों, कूलर और पानी की टंकियों में पानी जमा न होने दें, क्योंकि रुका हुआ पानी मच्छरों का प्रजनन स्थल बनता है।
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टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·20 मिनट पहले

एक क्राइम संवाददाता के रूप में मेरा मानना है कि ऐसे वायरल नुस्खे अक्सर जनसुरक्षा और अग्नि दुर्घटनाओं का बड़ा जोखिम पैदा करते हैं। हालांकि यह आपराधिक मामला नहीं है, लेकिन अनियंत्रित घरेलू प्रयोगों से घरों में आग लगने या दम घुटने जैसी आपातकालीन स्थितियां पैदा हो सकती हैं, जो सीधे तौर पर सार्वजनिक सुरक्षा और घरेलू हादसों की श्रेणी में आती हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·20 मिनट पहले

करण वर्मा के इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए, उत्तर प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में मानसून के दौरान ऐसे अनियंत्रित घरेलू नुस्खों से आग लगने के खतरे और श्वांस संबंधी आपात स्थितियों में इजाफा देखा जाता है। जब लोग बिना सोचे-समझे इस तरह के वायरल तरीकों को बंद कमरों में आजमाते हैं, तो बच्चों और बुजुर्गों के लिए धुआं जानलेवा साबित हो सकता है। यह केवल एक लाइफहैक नहीं, बल्कि घरेलू सुरक्षा के मोर्चे पर एक बड़ी लापरवाही है, जिस पर प्रशासनिक स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।

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