राजस्थान की आबोहवा में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है जहाँ मानसून ने दोबारा जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के दक्षिणी पश्चिमी हिस्से और उससे जुड़े उत्तर विदर्भ के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय बना हुआ है। इसके साथ ही एक चक्रवाती घेरा भी वातावरण में सक्रिय है जो समुद्र तल से काफी ऊंचाई तक फैला हुआ है। इस मौसमी तंत्र के अगले चौबीस घंटों के दौरान पश्चिम और उत्तर पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ने की पूरी संभावना है जिसका सीधा असर दक्षिणी पूर्वी राजस्थान के इलाकों पर पड़ेगा।
इन जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी
प्रशासन ने आगामी चौदह सितंबर के लिए राज्य के कई प्रमुख जिलों में भारी बरसात और आंधी को लेकर चेतावनी जारी की है। जिन इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं उनमें अजमेर, भरतपुर, उदयपुर, जयपुर, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, बारां, कोटा, पाली और बीकानेर शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर बादलों की आवाजाही के साथ तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। इसके अलावा कई जगहों पर बिजली चमकने और वज्रपात की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं जिसके चलते लोगों को खुले आसमान के नीचे या बड़े पेड़ों के पास खड़े होने से बचने की हिदायत दी गई है।
दक्षिणी और पूर्वी संभागों में सबसे ज्यादा असर
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले तीन से चार दिनों तक दक्षिणी राजस्थान के जिलों में बारिश का दौर सबसे ज्यादा तीव्र रहेगा। तेरह से पंद्रह सितंबर के दौरान उदयपुर संभाग के विभिन्न इलाकों में मध्यम से लेकर भारी दर्जे की बौछारें पड़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही जयपुर, भरतपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। खास तौर पर चौदह सितंबर को पूर्वी राजस्थान के अलवर, बांसवाड़ा, ब्यावर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, झालावाड़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सीकर, सिरोही और टोंक जिलों में भी तेज हवाओं के साथ पानी बरसने के पूरे आसार हैं।
पश्चिमी इलाकों में भी चलेगी तेज हवाएं
रेतीले पश्चिमी राजस्थान के जिलों में भी इस मानसूनी सक्रियता का पूरा असर दिखाई देगा। बालोतरा, बाड़मेर, डीडवाना-कुचामन, जालोर, जोधपुर, नागौर और पाली के तमाम इलाकों में मेघगर्जन के साथ पानी गिरने की संभावना जताई गई है। यहां भी हवाओं की गति तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास बनी रह सकती है। तेरह से सोलह सितंबर के अंतराल में जोधपुर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने का अनुमान है जबकि बीकानेर संभाग में भी कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है।
कई मौसमी प्रणालियों का हो रहा है मिलन
राज्य के मौसम में आए इस अचानक बदलाव के पीछे कई मौसमी प्रणालियों की सक्रियता मुख्य वजह है। मानसून की ट्रफ लाइन जैसलमेर और कोटा से होते हुए कम दबाव के केंद्र तक जा रही है और वहां से पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके अलावा उत्तर पूर्वी अरब सागर से लेकर गुजरात और उत्तर प्रदेश के रास्ते बिहार तक एक अन्य ट्रफ लाइन भी सक्रिय अवस्था में है। पश्चिमी विक्षोभ के असर और इन तमाम प्रणालियों के आपसी तालमेल की वजह से ही राजस्थान के आसमान में लगातार घने बादल छाए हुए हैं और बारिश का यह नया दौर शुरू हुआ है।
बीते दिन ऐसा रहा तापमान का हाल
प्रदेश भर में पिछले चौबीस घंटों के दौरान छिटपुट स्थानों पर हल्की वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान राज्य में सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर जिले में उनतालीस दशमलव नौ डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि आने वाले दिनों में बादलों की मौजूदगी और लगातार हो रही बारिश की वजह से तापमान में कुछ गिरावट और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। सोलह सितंबर तक मौसम का यह मिजाज ऐसा ही बने रहने की संभावना है जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी हद तक राहत मिलती रहेगी।


















