इंदौर की ला एक्सोटिक कॉलोनी में कार रोकने पर विवाद, 30 वर्षीय सुरक्षा गार्ड की गाड़ी से कुचलकर हत्याअगारो और टस्मैक्स जैसे 6 स्मार्ट ब्रेकफास्ट गैजेट्स ₹1,000 से कम में रसोई का काम बनाएंगे आसानऑस्ट्रेलियन डॉलर में आई तेजी, सख्त मुद्रास्फीति के आंकड़ों से आरबीए ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद बढ़ीएलपीजी ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय: नियम नहीं मानने पर लग सकती है व्यावसायिक दररायपुर के हयात होटल में लैपटॉप चोरी के बाद पकड़े गए बिंग्सन जॉन का खुलासा, चार्ल्स शोभराज से सीखकर 36 वर्षों में 300 प्रीमियम होटलों में की थी धोखाधड़ीपलवल में 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार में पहुंचा 25 साल का युवक, खुद को बताया पूर्व जन्म का पतिनई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स सम्मेलन से पहले मध्य पूर्व संकट पर साझा सहमति बनाने में जुटा भारत28 अगस्त को रक्षाबंधन की छुट्टी का पूरा ब्योरा, जानिए किन राज्यों और स्कूल बोर्ड्स में लगेगी क्लासशामली में हरियाणवी गायक अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या, वारदात से ठीक पहले साझा किया था मर्डर पर वीडियोरक्षाबंधन 2026: जानिए माता लक्ष्मी से लेकर द्रौपदी तक इस पवित्र पर्व से जुड़ी 4 प्रमुख पौराणिक कथाएं
नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद हिमाचल में अलर्ट, फंसे नागरिकों की मदद के लिए सुक्खू सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबरहिमाचल प्रदेश
27 अग॰ 2026, 12:06 pm (2 घंटे पहले)· 2

नेपाल में आई भीषण आपदा के बाद हिमाचल में अलर्ट, फंसे नागरिकों की मदद के लिए सुक्खू सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

नेपाल में आई प्राकृतिक त्रासदी के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के फंसे नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। किन्नौर और मंडी जिला प्रशासन ने परिजनों से विवरण साझा करने की अपील की है।

नेपाल में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के कारण व्यापक पैमाने पर राहत और बचाव कार्य जारी हैं, जहां हजारों लोग लापता बताए जा रहे हैं। पड़ोसी देश में बने इस गंभीर संकट के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार भी पूरी तरह से सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास शुरू किए हैं। प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि यदि हिमाचल प्रदेश का कोई भी निवासी नेपाल यात्रा के दौरान वहां फंसा या लापता हुआ है, तो उसके परिजन तुरंत इसकी जानकारी सरकार के साथ साझा करें।

नेपाल में 300 भारतीयों के लापता होने की पुष्टि

नेपाल में आई इस भीषण त्रासदी के बाद सेना, पुलिस बल और आपातकालीन बचाव एजेंसियां बड़े पैमाने पर अभियान चला रही हैं। इस बीच नेपाली विदेश मंत्री ने पुष्टि की है कि आपदा प्रभावित इलाकों में लगभग 300 भारतीय नागरिक भी लापता हैं। इस खबर के सामने आने के बाद हिमाचल प्रदेश के जिला प्रशासनों ने सक्रियता बढ़ा दी है, ताकि राज्य से संबंध रखने वाले लोगों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके और उन्हें हर संभव सहायता पहुंचाई जा सके।

ये भी पढ़ें

किन्नौर प्रशासन ने मांगी यात्रा और पहचान संबंधी जानकारी

हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती जिले किन्नौर में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने विशेष अभियान शुरू किया है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि किन्नौर का कोई नागरिक, रिश्तेदार या मित्र हाल ही में नेपाल गया था और इस समय वहां फंसा हुआ है, तो उसकी सूचना अविलंब दर्ज कराएं। अधिकारियों ने परिजनों से आग्रह किया है कि वे प्रभावित व्यक्ति का पूरा नाम, जन्मतिथि, पासपोर्ट अथवा पहचान पत्र का विवरण तथा किन्नौर स्थित उनका स्थायी पता उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और अपुष्ट खबरें न फैलाने की सख्त हिदायत दी है, ताकि आधिकारिक राहत कार्यों में कोई बाधा न आए। किन्नौर प्रशासन से संपर्क करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 0177-2459457 जारी किया गया है।

मंडी जिले में आपातकालीन केंद्र स्थापित, जारी हुए फोन नंबर और ई-मेल

इसी तरह मंडी जिला प्रशासन ने भी नेपाल आपदा से प्रभावित या फंसे हुए नागरिकों की मदद के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। मंडी के जिला आपातकालीन संचालन केंद्र ने परिजनों से संपर्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, प्रभावित परिवार हेल्पलाइन नंबर 1077 और लैंडलाइन नंबर 01905-226201, 01905-226202, 01905-226203 तथा 01905-226204 पर कॉल करके विवरण दे सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर 85447-71889 और ई-मेल पता ddma-man-hp@gov.in पर भी जानकारी भेजी जा सकती है।

राज्य में स्थिति नियंत्रण में, प्रवासियों में जताई जा रही चिंता

राहत की बात यह है कि खबर लिखे जाने तक हिमाचल प्रदेश के किसी भी नागरिक के नेपाल में लापता होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश में रहकर आजीविका कमाने वाले नेपाली मूल के प्रवासियों में गहरा तनाव देखा जा रहा है। अपने गृह राज्य और परिवारों के बारे में कोई सटीक जानकारी न मिल पाने के कारण ये लोग बेहद चिंतित हैं और लगातार अपने रिश्तेदारों का हालचाल जानने का प्रयास कर रहे हैं। प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।

सवाल-जवाब

नेपाल में आई त्रासदी के बाद हिमाचल सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
सुक्खू सरकार ने नेपाल में फंसे या लापता हिमाचल के लोगों की जानकारी जुटाने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
नेपाल में कितने भारतीय नागरिक लापता बताए गए हैं?
नेपाली विदेश मंत्री की पुष्टि के अनुसार नेपाल की आपदा में करीब 300 भारतीय नागरिक लापता हैं।
किन्नौर प्रशासन से संपर्क करने के लिए क्या हेल्पलाइन नंबर है?
किन्नौर में सहायता और जानकारी साझा करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 0177-2459457 जारी किया गया है।
मंडी जिले के निवासी किन नंबरों पर नेपाल में फंसे लोगों की सूचना दे सकते हैं?
मंडी में हेल्पलाइन 1077, 01905-226201/02/03/04, मोबाइल नंबर 85447-71889 और ई-मेल ddma-man-hp@gov.in पर जानकारी साझा की जा सकती है।
क्या हिमाचल प्रदेश से किसी नागरिक के लापता होने की आधिकारिक पुष्टि हुई है?
नहीं, वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के किसी भी व्यक्ति के नेपाल में लापता होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन ने परिजनों से कौन-कौन सी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है?
परिजनों से संबंधित व्यक्ति का नाम, जन्मतिथि, पहचान पत्र या पासपोर्ट का विवरण और स्थायी पता देने का अनुरोध किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

नेपाल आपदा में तीन सौ भारतीयों के लापता होने की पुष्टि के बाद, हिमाचल प्रशासन की यह त्वरित पहल अंतर-राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय समन्वय की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे संकट के समय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत डेटा का त्वरित सत्यापन और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर रोक लगाना कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सबसे बड़ी चुनौती होता है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

करन ने सही मुद्दा उठाया है कि आपदा के समय डेटा सत्यापन और अफवाहों पर नियंत्रण सबसे बड़ी चुनौती है। जब पड़ोसी देश में 300 भारतीय लापता होने की पुष्टि होती है, तो सीमावर्ती जिलों जैसे किन्नौर और मंडी प्रशासन पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में जमीनी स्तर पर प्रशासनिक मुस्तैदी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फर्जी खबरों से निपटना ही राहत कार्यों की सफलता तय करेगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR